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स्कूल खुले पर पहले दिन कम ही पहुंचे बच्चे
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मीरपुर में छात्राओं को पढ़ाते बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडे। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। कोविड-19 महामारी के चलते लंबे अरसे से बंद चल रहे कक्षा एक से पांच तक के छोटे बच्चों के स्कूल एक सितंबर को खुल गए, जिसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था के संचालन पर लगी सभी तरह की रोक हट गई।
पहले दिन बच्चों के स्वागत में कई स्कूलों को सजाया गया तो कुछ स्कूलों में प्रधानों ने टॉफियां बांटीं। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए काफी संख्या में अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने में रुचि नहीं दिखाई। पहले दिन परिषदीय स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति औसतन 40 प्रतिशत रही, जबकि प्राइवेट स्कूलों में 20 से 30 फीसदी तक बच्चे उपस्थित हुए।
बीएसए डॉ लक्ष्मीकांत पांडेय ने शहर से सटे संविलियन विद्यालय मीरपुर का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने बच्चों से गणित के कई सवाल भी पूछे। सही जवाब देने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया और सभी बच्चों को टॉफी-बिस्कुट बांटे। एमडीएम, विद्यालय की साफ सफाई एवं छात्र उपस्थिति के दृष्टिगत वह संतुष्ट दिखे।
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इस मौके पर प्रधानाध्यापिका शाहीन अख्तर, सहायक अध्यापक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, अनुचर व रसोइया उपस्थित मिले। इसके बाद बीएसए ने नकहा क्षेत्र के विद्यालय देखे। वहीं सभी बीईओ भी अपने क्षेत्र के स्कूलों में सुबह आठ बजे से ही निरीक्षण करने पहुंचे। लखीमपुर और निघासन ब्लॉक में स्कूल सुबह 10 बजे तक नहीं खुला तो ग्रामीणों ने शिकायत की। इसके बाद बीएसए के निर्देश पर संबंधित स्कूलों को खोला गया।
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गोला : कम रही बच्चों की संख्या
गोला गोकर्णनाथ। स्कूल खुलने के पहले दिन नगर के त्रिलोक गिरि जूनियर हाई स्कूल में 73 में 34, सुभाष प्राथमिक विद्यालय में 160 में 75, प्राथमिक विद्यालय नगर में 49 में 13, आदर्श प्राथमिक विद्यालय में 119 में 29, कस्तूरबा प्राथमिक विद्यालय 200 में 60, रामविलास प्राथमिक विद्यालय में 75 में 15, लोने सिंह जूनियर हाई स्कूल में 52 में 14, लोने सिंह प्राथमिक विद्यालय में 64 में से 27 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। संकुल प्रभारी राकेश कुमार, प्रधानाध्यापक राम कुमार, शैलेंद्र सक्सेना, अनुज खरे, आलोक तिवारी, संजीव दिक्षित, संजय तिवारी, अरविंद श्रीवास्तव आदि ने बताया कि पहला दिन था इसलिए छात्रों की उपस्थिति कम रही है। उम्मीद है कि सब कुछ ठीक रहा तो हालात धीरे-धीरे सामान्य हो जाएंगे। संवाद
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मैलानी : आधे से कम बच्चे पहुंचे
मैलानी। प्राथमिक विद्यालयों में आधे से कम बच्चे ही स्कूल पहुंचे। प्राथमिक विद्यालय नारंग के प्रधानाध्यापक सुभाष सक्सेना ने बताया कि 106 में 45 बच्चे स्कूल पहुंचे। नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय एनईआर में 65 में 11, प्राथमिक विद्यालय द्वितीय इंगलिश मीडियम में 191 में 97 बच्चे उपस्थित हुए। संवाद
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बांकेगंज : बच्चे दिखे उत्साहित
बांकेगंज। बुधवार को स्कूल खुले, तो प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की उपस्थित उम्मीद से ज्यादा रही। एक से लेकर पांचवीं तक की कक्षाओं में पहले दिन 100 से अधिक बच्चे स्कूल पहुंचे। स्कूल न खुलने से कई महीनों से घरों में बंद मायूस बच्चे जब अपनी कक्षाओं में पहुंचे, तो उनके चेहरों पर मुस्कान लौट आई। बीईओ जगन्ननाथ यादव, प्रधानाध्यापक संदीप कुमार ने बताया कि पहले दिन स्कूल में बच्चों की उपस्थित संतोषजनक रही। संवाद
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फरधान : बच्चों का हुआ स्वागत
फरधान। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं संविलियन विद्यालयों में बच्चों का स्वागत कर एवं पाठ्य पुस्तकें वितरित करने के साथ शिक्षण कार्य शुरू किया गया। बेहजम के उच्च प्राथमिक विद्यालय रतसिया में बीईओ शमशेर राना ने बच्चों का स्वागत करते हुए पुस्तकें बांटीं। कुल नामांकित 154 बच्चों में 93 बच्चे उपस्थित हुए। संवाद
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मझगईं : स्कूल खुले तो शिक्षक भी दिखे खुश
मझगईं। बल्लीपुर प्राथमिक स्कूल में 282, कस्बे के प्राथमिक स्कूल में 81 बच्चे पहुंचे। प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार ने बताया कि काफी समय बाद स्कूल आए हुए बच्चों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। वहीं ओमप्रकाश, नीरज कुमार, विपिन कुमार, प्रभा वर्मा आदि शिक्षकों स्टाफ ने भी फिर स्कूल पर खुशी जताई। चौखड़ा फार्म में बाढ़ के चलते प्राइमरी स्कूल में बच्चे नहीं पहुंच सके। संवाद
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पलिया : बच्चों का जोरदार स्वागत
पलियाकलां। कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए स्कूल प्रबंधन ने आने वाले बच्चों का जोरदार स्वागत किया। शहर के पलिया मांटेसरी स्कूल, गुरुकुल एकेडमी, इंडियन एकेडमी, दून स्कूल, गोल्डन फ्लावर, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज समेत अन्य स्कूलों में बच्चों का स्वागत करते हुए उनको कक्षाओं में सोशल डिस्टेसिंग का पालन कर बैठाया गया। उधर, प्राइमरी स्कूलों में पहले दिन बच्चों की संख्या कम रही, लेकिन आए हुए बच्चों में उत्साह देखा गया। संवाद
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बच्चों ने कहा- दोस्तों से मिलकर हुआ हर्ष
मैलानी। पहले दिन जो बच्चे स्कूल पहुंचे वे काफी खुश दिखे। नारंग प्राथमिक विद्यालय के बच्चों कक्षा पांच के शिवा, कक्षा चार के अमन, प्रिया और कक्षा पांच की ललिता ने बताया कि काफी दिनों बाद स्कूल में दोस्तों के साथ मिलकर खुशी हो रही है। बच्चों का कहना था घर पर स्मार्टफोन और टीवी की सुविधा न होने से पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। अब स्कूल में दोस्तों के साथ खेलकूद, मौजमस्ती के साथ ही अच्छे ढंग से पढ़ाई भी करेंगे। संवाद
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जिन बच्चों को दाखिला नहीं मिला उनका होगा चिह्नीकरण : बीएसए
बीएसए डॉ लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि छह से 14 वर्ष तक के ऐसे बच्चे जिन्हें किसी स्कूल में दाखिला नहीं मिला है, उनका चिह्नीकरण करते हुए उनका नामांकन आयु संगत कक्षाओं में करने के निर्देश सभी प्रधानाध्यापकों को दिए गए हैं। ऐसे छात्रों को विशेष प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाएगी। प्रथम चरण में बच्चों का चिह्नीकरण कर उनका नामांकन 10 सितंबर से 15 अक्तूबर 2021 तक किया जाएगा।
दूसरे चरण में पलायन, ईंट-भट्ठा व औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले परिवारों के बच्चों का चिह्नीकरण करके नामांकन प्रक्रिया 15 नवंबर से 31 नवंबर 2021 तक पूर्ण कराई जाएगी। संवाद
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पहले दिन बच्चों के स्वागत में कई स्कूलों को सजाया गया तो कुछ स्कूलों में प्रधानों ने टॉफियां बांटीं। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए काफी संख्या में अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने में रुचि नहीं दिखाई। पहले दिन परिषदीय स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति औसतन 40 प्रतिशत रही, जबकि प्राइवेट स्कूलों में 20 से 30 फीसदी तक बच्चे उपस्थित हुए।
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बीएसए डॉ लक्ष्मीकांत पांडेय ने शहर से सटे संविलियन विद्यालय मीरपुर का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने बच्चों से गणित के कई सवाल भी पूछे। सही जवाब देने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया और सभी बच्चों को टॉफी-बिस्कुट बांटे। एमडीएम, विद्यालय की साफ सफाई एवं छात्र उपस्थिति के दृष्टिगत वह संतुष्ट दिखे।
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इस मौके पर प्रधानाध्यापिका शाहीन अख्तर, सहायक अध्यापक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, अनुचर व रसोइया उपस्थित मिले। इसके बाद बीएसए ने नकहा क्षेत्र के विद्यालय देखे। वहीं सभी बीईओ भी अपने क्षेत्र के स्कूलों में सुबह आठ बजे से ही निरीक्षण करने पहुंचे। लखीमपुर और निघासन ब्लॉक में स्कूल सुबह 10 बजे तक नहीं खुला तो ग्रामीणों ने शिकायत की। इसके बाद बीएसए के निर्देश पर संबंधित स्कूलों को खोला गया।
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गोला : कम रही बच्चों की संख्या
गोला गोकर्णनाथ। स्कूल खुलने के पहले दिन नगर के त्रिलोक गिरि जूनियर हाई स्कूल में 73 में 34, सुभाष प्राथमिक विद्यालय में 160 में 75, प्राथमिक विद्यालय नगर में 49 में 13, आदर्श प्राथमिक विद्यालय में 119 में 29, कस्तूरबा प्राथमिक विद्यालय 200 में 60, रामविलास प्राथमिक विद्यालय में 75 में 15, लोने सिंह जूनियर हाई स्कूल में 52 में 14, लोने सिंह प्राथमिक विद्यालय में 64 में से 27 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। संकुल प्रभारी राकेश कुमार, प्रधानाध्यापक राम कुमार, शैलेंद्र सक्सेना, अनुज खरे, आलोक तिवारी, संजीव दिक्षित, संजय तिवारी, अरविंद श्रीवास्तव आदि ने बताया कि पहला दिन था इसलिए छात्रों की उपस्थिति कम रही है। उम्मीद है कि सब कुछ ठीक रहा तो हालात धीरे-धीरे सामान्य हो जाएंगे। संवाद
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मैलानी : आधे से कम बच्चे पहुंचे
मैलानी। प्राथमिक विद्यालयों में आधे से कम बच्चे ही स्कूल पहुंचे। प्राथमिक विद्यालय नारंग के प्रधानाध्यापक सुभाष सक्सेना ने बताया कि 106 में 45 बच्चे स्कूल पहुंचे। नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय एनईआर में 65 में 11, प्राथमिक विद्यालय द्वितीय इंगलिश मीडियम में 191 में 97 बच्चे उपस्थित हुए। संवाद
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बांकेगंज : बच्चे दिखे उत्साहित
बांकेगंज। बुधवार को स्कूल खुले, तो प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की उपस्थित उम्मीद से ज्यादा रही। एक से लेकर पांचवीं तक की कक्षाओं में पहले दिन 100 से अधिक बच्चे स्कूल पहुंचे। स्कूल न खुलने से कई महीनों से घरों में बंद मायूस बच्चे जब अपनी कक्षाओं में पहुंचे, तो उनके चेहरों पर मुस्कान लौट आई। बीईओ जगन्ननाथ यादव, प्रधानाध्यापक संदीप कुमार ने बताया कि पहले दिन स्कूल में बच्चों की उपस्थित संतोषजनक रही। संवाद
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फरधान : बच्चों का हुआ स्वागत
फरधान। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं संविलियन विद्यालयों में बच्चों का स्वागत कर एवं पाठ्य पुस्तकें वितरित करने के साथ शिक्षण कार्य शुरू किया गया। बेहजम के उच्च प्राथमिक विद्यालय रतसिया में बीईओ शमशेर राना ने बच्चों का स्वागत करते हुए पुस्तकें बांटीं। कुल नामांकित 154 बच्चों में 93 बच्चे उपस्थित हुए। संवाद
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मझगईं : स्कूल खुले तो शिक्षक भी दिखे खुश
मझगईं। बल्लीपुर प्राथमिक स्कूल में 282, कस्बे के प्राथमिक स्कूल में 81 बच्चे पहुंचे। प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार ने बताया कि काफी समय बाद स्कूल आए हुए बच्चों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। वहीं ओमप्रकाश, नीरज कुमार, विपिन कुमार, प्रभा वर्मा आदि शिक्षकों स्टाफ ने भी फिर स्कूल पर खुशी जताई। चौखड़ा फार्म में बाढ़ के चलते प्राइमरी स्कूल में बच्चे नहीं पहुंच सके। संवाद
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पलिया : बच्चों का जोरदार स्वागत
पलियाकलां। कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए स्कूल प्रबंधन ने आने वाले बच्चों का जोरदार स्वागत किया। शहर के पलिया मांटेसरी स्कूल, गुरुकुल एकेडमी, इंडियन एकेडमी, दून स्कूल, गोल्डन फ्लावर, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज समेत अन्य स्कूलों में बच्चों का स्वागत करते हुए उनको कक्षाओं में सोशल डिस्टेसिंग का पालन कर बैठाया गया। उधर, प्राइमरी स्कूलों में पहले दिन बच्चों की संख्या कम रही, लेकिन आए हुए बच्चों में उत्साह देखा गया। संवाद
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बच्चों ने कहा- दोस्तों से मिलकर हुआ हर्ष
मैलानी। पहले दिन जो बच्चे स्कूल पहुंचे वे काफी खुश दिखे। नारंग प्राथमिक विद्यालय के बच्चों कक्षा पांच के शिवा, कक्षा चार के अमन, प्रिया और कक्षा पांच की ललिता ने बताया कि काफी दिनों बाद स्कूल में दोस्तों के साथ मिलकर खुशी हो रही है। बच्चों का कहना था घर पर स्मार्टफोन और टीवी की सुविधा न होने से पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। अब स्कूल में दोस्तों के साथ खेलकूद, मौजमस्ती के साथ ही अच्छे ढंग से पढ़ाई भी करेंगे। संवाद
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जिन बच्चों को दाखिला नहीं मिला उनका होगा चिह्नीकरण : बीएसए
बीएसए डॉ लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि छह से 14 वर्ष तक के ऐसे बच्चे जिन्हें किसी स्कूल में दाखिला नहीं मिला है, उनका चिह्नीकरण करते हुए उनका नामांकन आयु संगत कक्षाओं में करने के निर्देश सभी प्रधानाध्यापकों को दिए गए हैं। ऐसे छात्रों को विशेष प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाएगी। प्रथम चरण में बच्चों का चिह्नीकरण कर उनका नामांकन 10 सितंबर से 15 अक्तूबर 2021 तक किया जाएगा।
दूसरे चरण में पलायन, ईंट-भट्ठा व औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले परिवारों के बच्चों का चिह्नीकरण करके नामांकन प्रक्रिया 15 नवंबर से 31 नवंबर 2021 तक पूर्ण कराई जाएगी। संवाद

गणनापुर प्राथमिक विद्यालय में प्रार्थना सभा में मौजूद बच्चे। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR