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बच्चों की आधी ड्रेस हजम कर गए स्कूल
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लखीमपुर खीरी। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को यूूनीफॉर्म वितरण में बड़ी धांधली दिख रही है। प्रत्येक बच्चे को शासन से दो सेट ड्रेस दिए जाने के निर्देश हैं, लेकिन अधिकांश स्कूलों में बच्चों को एक ही सेट दिया गया है। हैरत तो यह है कि शासन को 80 प्रतिशत ड्रेस वितरण की सूचना भेज दी गई। अफसरों ने शासन को भेजी रिपोर्ट में यह नहीं बताया कि ड्रेस के कितने सेट बच्चों को बांटे गए। तमाम बच्चे ऐसे भी हैैं जिन्हें एक भी सेट नहीं मिला है। वहीं अब अक्तूबर में बच्चों को स्वेटर बांटने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
जनपद में 3856 परिषदीय और 45 राजकीय विद्यालय हैं। इनमें कक्षा एक से आठ तक करीब 5.32 लाख बच्चे पढ़ते हैं। शैक्षिक वर्ष 2019-20 में प्रत्येक बच्चे को दो-दो सेट ड्रेस बांटे जाने के आदेश शासन ने दिए थे। शासन ने ये ड्रेस दो ब्रांडेड कंपनी तय करते हुए उसी का कपड़ा इस्तेमाल करने को कहा था। इसकी वजह यह थी कि पिछली बार सस्ता कपड़ा लेकर ड्रेस सिलवा दी गई थीं, जिस वजह से वे बच्चों की फिट नहीं आई थीं। शासन ने कपड़ा मानक तय करने के साथ ही दो-दो ड्रेस के हिसाब से 31.92 करोड़ का बजट स्वीकृत किया था। शासन ने बाजार से कपड़ा खरीदकर उसकी ड्रेस सिलवाने के बाद बच्चों को वितरण की जिम्मेदारी एसएमसी (विद्यालय प्रबंध समिति) को दी थी। समिति को यह भी स्पष्ट कर दिया गया था कि दोनों सेट एक साथ दिए जाने हैं। उन्हें यह भी बता दिया गया था कि उपभोग प्रमाण पत्र देने पर धन का शेष भुगतान किया जाएगा। अब तक समितियों को करीब 14 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।
अब हो यह रहा है कि ज्यादातर बच्चों को एक-एक सेट ही बांटकर शासन को रिपोर्ट टुकड़ों में भेजी जा रही है। इन रिपोर्ट में यह नहीं स्पष्ट किया जा रहा है कि कहां दो सेट दिए और कहां एक ही सेट। इससे साफ है कि अब जिन्हें एक ही सेट मिला है, उन्हें दूसरा नहीं दिया जाएगा। जुलाई तक ड्रेस का वितरण कराया जाना था। मगर, ड्रेस समय से नहीं बंटी। अगस्त के बाद सितंबर भी बीतने को है। अभी तक ड्रेस वितरण का काम पूरा नहीं हो पाया। अमर उजाला टीम ने ड्रेस वितरण की हकीकत जानने के लिए स्कूलों में पहुंचकर बच्चों से बात की, तो यूनीफॉर्म में गोलमाल की हकीकत सामने आ गई।
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नगर क्षेत्र के स्कूलों में दो-दो सेट ड्रेस का वितरण किया गया है। एक सेट ड्रेस वितरित किए जाने का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि कहीं एक ड्रेस दी गई है, तो वहां जल्द ही दूसरा सेट भी दिया जाएगा। -शोभनाथ यादव, बीईओ, नगर क्षेत्र
80 प्रतिशत बच्चों को ड्रेस वितरित की जा चुकी है। सब स्कूलों में बच्चों को दो सेट दिए गए हैं। जिन स्कूलों में बच्चों को एक ड्रेस दी गई, ऐसे स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई होगी। -बुद्धप्रिय सिंह, बीएसए
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जनपद में 3856 परिषदीय और 45 राजकीय विद्यालय हैं। इनमें कक्षा एक से आठ तक करीब 5.32 लाख बच्चे पढ़ते हैं। शैक्षिक वर्ष 2019-20 में प्रत्येक बच्चे को दो-दो सेट ड्रेस बांटे जाने के आदेश शासन ने दिए थे। शासन ने ये ड्रेस दो ब्रांडेड कंपनी तय करते हुए उसी का कपड़ा इस्तेमाल करने को कहा था। इसकी वजह यह थी कि पिछली बार सस्ता कपड़ा लेकर ड्रेस सिलवा दी गई थीं, जिस वजह से वे बच्चों की फिट नहीं आई थीं। शासन ने कपड़ा मानक तय करने के साथ ही दो-दो ड्रेस के हिसाब से 31.92 करोड़ का बजट स्वीकृत किया था। शासन ने बाजार से कपड़ा खरीदकर उसकी ड्रेस सिलवाने के बाद बच्चों को वितरण की जिम्मेदारी एसएमसी (विद्यालय प्रबंध समिति) को दी थी। समिति को यह भी स्पष्ट कर दिया गया था कि दोनों सेट एक साथ दिए जाने हैं। उन्हें यह भी बता दिया गया था कि उपभोग प्रमाण पत्र देने पर धन का शेष भुगतान किया जाएगा। अब तक समितियों को करीब 14 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।
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अब हो यह रहा है कि ज्यादातर बच्चों को एक-एक सेट ही बांटकर शासन को रिपोर्ट टुकड़ों में भेजी जा रही है। इन रिपोर्ट में यह नहीं स्पष्ट किया जा रहा है कि कहां दो सेट दिए और कहां एक ही सेट। इससे साफ है कि अब जिन्हें एक ही सेट मिला है, उन्हें दूसरा नहीं दिया जाएगा। जुलाई तक ड्रेस का वितरण कराया जाना था। मगर, ड्रेस समय से नहीं बंटी। अगस्त के बाद सितंबर भी बीतने को है। अभी तक ड्रेस वितरण का काम पूरा नहीं हो पाया। अमर उजाला टीम ने ड्रेस वितरण की हकीकत जानने के लिए स्कूलों में पहुंचकर बच्चों से बात की, तो यूनीफॉर्म में गोलमाल की हकीकत सामने आ गई।
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नगर क्षेत्र के स्कूलों में दो-दो सेट ड्रेस का वितरण किया गया है। एक सेट ड्रेस वितरित किए जाने का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि कहीं एक ड्रेस दी गई है, तो वहां जल्द ही दूसरा सेट भी दिया जाएगा। -शोभनाथ यादव, बीईओ, नगर क्षेत्र
80 प्रतिशत बच्चों को ड्रेस वितरित की जा चुकी है। सब स्कूलों में बच्चों को दो सेट दिए गए हैं। जिन स्कूलों में बच्चों को एक ड्रेस दी गई, ऐसे स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई होगी। -बुद्धप्रिय सिंह, बीएसए