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सावन के अंतिम सोमवार को भूतनाथ मंदिर के बंद रहे द्वार
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गोला के पौराणिक शिव मंदिर के गर्भ ग्रह के द्वार पर जल पात्र में जलाभिषेक करते शिवभक्त। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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गोला गोकर्णनाथ। सावन के अंतिम सोमवार पर पौराणिक शिव मंदिर के गर्भ गृह के द्वार पर शिव भक्तों ने जल पात्र में भगवान शिव माता पार्वती की प्रतिमा पर जलाभिषेक किया, वहीं श्रद्धालुओं ने बाबा भूतनाथ मंदिर के बंद द्वार पर फूल चढ़ाए।
सावन माह में नाग पंचमी के बाद सोमवार को छोटी काशी में हमेशा से बाबा भूतनाथ का मेला लगता आया है। दो वर्षों से कोरोना महामारी के कारण यह मेला नहीं लग पाया है। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुरूप दूरदराज से श्रद्धालु शिव भक्त आए जरूर लेकिन बाबा भूतनाथ मंदिर का द्वार बंद होने के कारण द्वार पर ही फूल और जल चढ़ा कर लौट गए।
क्षेत्र के अहमदनगर स्थित बाबा क्लेश हरण, अलीगंज रोड स्थित गोकरननाथ मंदिर पर सावन के अंतिम सोमवार पर श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।
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गोला में कराया कन्या भोज
गोला गोकर्णनाथ। क्षेत्र के रोशन नगर स्थित प्राचीन शिवालय पर सावन माह के अंतिम सोमवार पर श्रद्धालुओं ने कन्या भोज एवं भंडारा करा कर प्रसाद वितरित किया। व्यापार मंडल युवा जिला अध्यक्ष पटेल अशोक कनौजिया के साथ श्रद्धालुओं ने प्राचीन शिवालय में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर कन्या भोज एवं भंडारा कराया। इस मौके पर अरुण कुमार अग्निहोत्री, ज्ञानचंद वर्मा, विजय वर्मा, राम लखन वर्मा, प्रधान रियाजत अली, वीरेन्द्र कुमार, सतीश श्रीवास्तव, अमित अग्निहोत्री, निलेश गौतम, मौजूद रहे ।
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क्लेश हरण मंदिर के भी बंद रहे कपाट
ममरी। छोटी काशी के प्राचीन शिव मंदिर के अभिन्न अंग कहलाने वाले अहमदनगर के प्राचीन क्लेश हरण मंदिर के कपाट सावन के चौथे सोमवार को भी बंद रहे। श्रद्धालु बाहर से मत्था टेक प्रसाद चढ़ाकर वापस चले गए। क्षेत्र के बुजुर्गों पुजारी विष्णु गिरी, देव प्रकाश, ओम गिरी, राम किशोर आदि का कहना है कि भूतनाथ मेले के दिन क्लेश हरण मंदिर में जलाभिषेक पूजन किए बगैर भोलेनाथ की पूजा अधूरी मानी जाती है। इसी कारण भूतनाथ मेले के दिन यहां के मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ होती है। लेकिन इस बार मंदिर के कपाट बंद रहने से सन्नाटा पसरा रहा। संवाद
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सावन माह में नाग पंचमी के बाद सोमवार को छोटी काशी में हमेशा से बाबा भूतनाथ का मेला लगता आया है। दो वर्षों से कोरोना महामारी के कारण यह मेला नहीं लग पाया है। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुरूप दूरदराज से श्रद्धालु शिव भक्त आए जरूर लेकिन बाबा भूतनाथ मंदिर का द्वार बंद होने के कारण द्वार पर ही फूल और जल चढ़ा कर लौट गए।
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क्षेत्र के अहमदनगर स्थित बाबा क्लेश हरण, अलीगंज रोड स्थित गोकरननाथ मंदिर पर सावन के अंतिम सोमवार पर श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।
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गोला में कराया कन्या भोज
गोला गोकर्णनाथ। क्षेत्र के रोशन नगर स्थित प्राचीन शिवालय पर सावन माह के अंतिम सोमवार पर श्रद्धालुओं ने कन्या भोज एवं भंडारा करा कर प्रसाद वितरित किया। व्यापार मंडल युवा जिला अध्यक्ष पटेल अशोक कनौजिया के साथ श्रद्धालुओं ने प्राचीन शिवालय में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर कन्या भोज एवं भंडारा कराया। इस मौके पर अरुण कुमार अग्निहोत्री, ज्ञानचंद वर्मा, विजय वर्मा, राम लखन वर्मा, प्रधान रियाजत अली, वीरेन्द्र कुमार, सतीश श्रीवास्तव, अमित अग्निहोत्री, निलेश गौतम, मौजूद रहे ।
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क्लेश हरण मंदिर के भी बंद रहे कपाट
ममरी। छोटी काशी के प्राचीन शिव मंदिर के अभिन्न अंग कहलाने वाले अहमदनगर के प्राचीन क्लेश हरण मंदिर के कपाट सावन के चौथे सोमवार को भी बंद रहे। श्रद्धालु बाहर से मत्था टेक प्रसाद चढ़ाकर वापस चले गए। क्षेत्र के बुजुर्गों पुजारी विष्णु गिरी, देव प्रकाश, ओम गिरी, राम किशोर आदि का कहना है कि भूतनाथ मेले के दिन क्लेश हरण मंदिर में जलाभिषेक पूजन किए बगैर भोलेनाथ की पूजा अधूरी मानी जाती है। इसी कारण भूतनाथ मेले के दिन यहां के मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ होती है। लेकिन इस बार मंदिर के कपाट बंद रहने से सन्नाटा पसरा रहा। संवाद