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सौरभ हत्याकांड : आरोपियों के घर गिराने की मांग पर परिजनों का हंगामा
Mon, 15 Sep 2025 12:53 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 15 Sep 2025 12:53 AM IST
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परिजनों को समझाते गोला सीओ ररमेश कुमार तिवारी- स्रोत ग्रामीण
बिजुआ। अपहरण के बाद गला दबाकर की गई सौरभ की हत्या के मामले में रविवार को परिजन आक्रोशित हो उठे। उन्होंने आरोपियों के घरों को गिराने की मांग पर हंगामा किया। इस मामले में पुलिस नामजद दो आरोपियों को पकड़ चुकी थी। तीसरे को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। वहीं, रविवार को देर शाम पुलिस ने आरोपियों के घरों को सील कर दिया।
गांव लालजीपुरवा निवासी विजय का 16 वर्षीय पुत्र सौरभ भीरा स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक की दुकान पर काम सीखता था। छह सितंबर को शाम 6:30 बजे वह घर जाने के लिए निकला था। काफी देर तक नहीं आया तो परिजनों ने दुकान मालिक से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि सौरभ दुकान से निकल गया है। परिजनों ने सात सितंबर को भीरा थाने में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई। नौ सितंबर को परिजनों ने कुछ लोगों के विरुद्ध नामजद तहरीर दी।
पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उनकी निशानदेही पर शनिवार दोपहर साढ़े तीन बजे पलिया मार्ग के पश्चिम भीरा में रपटा पुल के पास गन्ने के खेत से सौरभ का शव मिल गया। परिजनों के दबाव बनाने पर शनिवार रात में पुलिस ने मृतक के पिता विजय को शव तथा बरामद कपड़ों के फोटो दिखाए। विजय ने शव की शिनाख्त सौरभ के रूप में की।
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सूचना मिलते ही शनिवार की शाम भीरा थाने पर भीड़ जमा हो गई। आरोपियों की गिरफ्तारी तथा उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग होने लगी। रविवार को भी पूरे दिन परिजन हंगामा काटते रहे। हंगामे की सूचना पर पहुंची कई थानों की पुलिस से गांव छावनी में तब्दील हो गया।
मुठभेड़ में इरशाद के पैर में लगी गोली
घटना के बाद परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने शक के आधार पर दो लोगों को शादाब और रियासत खां निवासी सलामतनगर भट्टा से पूछताछ की। इसमें इरशाद का भी नाम सामने आया तो पुलिस ने उसकी तलाश में भी दबिशें दीं। पुलिस के मुताबिक, देर रात नानक फार्म के निकट स्थित पुलिया के पास से पुलिस से आरोपी की मुठभेड़ हो गई। आरोपी इरशाद ने पुलिस टीम पर फायरिंग की तो जवाबी कार्रवाई के चलते उसके पैर में गोली जा लगी। इससे वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे इलाज के लिए भर्ती कराया।
छावनी में तब्दील हो गया गांव
भीड़ को देखते हुए कई थानों की पुलिस के अलावा छह बटालियन पीएसी तैनात कर दी गई। परिवार वालों का आरोप है कि भीरा पुलिस ने उचित समय पर कार्रवाई नहीं की। परिवार के लोग आरोपियों को फांसी तथा उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे हैं। परिवार वालों ने कार्रवाई न होने की स्थिति में भीरा-पलिया मार्ग जाम करने की चेतावनी दे दी थी, इसलिए पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।
पिता के पास मात्र पांच बीघा जमीन मृतक सौरभ के पिता विजय के पास मात्र पांच बीघा जमीन है। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पेट पालते हैं। क्षेत्राधिकारी गोला रमेश कुमार तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का चालान भेज दिया गया है। घायल आरोपी शादाब को उपचार के लिए जिला अस्पताल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में रखा गया है। पलिया विधायक रोमी साहनी ने लालजीपुरवा में पहुंच कर पीडि़त परिवार को सांत्वना दी तथा पुलिस से कठोर कार्रवाई के लिए कहा है।
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गांव लालजीपुरवा निवासी विजय का 16 वर्षीय पुत्र सौरभ भीरा स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक की दुकान पर काम सीखता था। छह सितंबर को शाम 6:30 बजे वह घर जाने के लिए निकला था। काफी देर तक नहीं आया तो परिजनों ने दुकान मालिक से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि सौरभ दुकान से निकल गया है। परिजनों ने सात सितंबर को भीरा थाने में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई। नौ सितंबर को परिजनों ने कुछ लोगों के विरुद्ध नामजद तहरीर दी।
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पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उनकी निशानदेही पर शनिवार दोपहर साढ़े तीन बजे पलिया मार्ग के पश्चिम भीरा में रपटा पुल के पास गन्ने के खेत से सौरभ का शव मिल गया। परिजनों के दबाव बनाने पर शनिवार रात में पुलिस ने मृतक के पिता विजय को शव तथा बरामद कपड़ों के फोटो दिखाए। विजय ने शव की शिनाख्त सौरभ के रूप में की।
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सूचना मिलते ही शनिवार की शाम भीरा थाने पर भीड़ जमा हो गई। आरोपियों की गिरफ्तारी तथा उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग होने लगी। रविवार को भी पूरे दिन परिजन हंगामा काटते रहे। हंगामे की सूचना पर पहुंची कई थानों की पुलिस से गांव छावनी में तब्दील हो गया।
मुठभेड़ में इरशाद के पैर में लगी गोली
घटना के बाद परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने शक के आधार पर दो लोगों को शादाब और रियासत खां निवासी सलामतनगर भट्टा से पूछताछ की। इसमें इरशाद का भी नाम सामने आया तो पुलिस ने उसकी तलाश में भी दबिशें दीं। पुलिस के मुताबिक, देर रात नानक फार्म के निकट स्थित पुलिया के पास से पुलिस से आरोपी की मुठभेड़ हो गई। आरोपी इरशाद ने पुलिस टीम पर फायरिंग की तो जवाबी कार्रवाई के चलते उसके पैर में गोली जा लगी। इससे वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे इलाज के लिए भर्ती कराया।
छावनी में तब्दील हो गया गांव
भीड़ को देखते हुए कई थानों की पुलिस के अलावा छह बटालियन पीएसी तैनात कर दी गई। परिवार वालों का आरोप है कि भीरा पुलिस ने उचित समय पर कार्रवाई नहीं की। परिवार के लोग आरोपियों को फांसी तथा उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे हैं। परिवार वालों ने कार्रवाई न होने की स्थिति में भीरा-पलिया मार्ग जाम करने की चेतावनी दे दी थी, इसलिए पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।
पिता के पास मात्र पांच बीघा जमीन मृतक सौरभ के पिता विजय के पास मात्र पांच बीघा जमीन है। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पेट पालते हैं। क्षेत्राधिकारी गोला रमेश कुमार तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का चालान भेज दिया गया है। घायल आरोपी शादाब को उपचार के लिए जिला अस्पताल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में रखा गया है। पलिया विधायक रोमी साहनी ने लालजीपुरवा में पहुंच कर पीडि़त परिवार को सांत्वना दी तथा पुलिस से कठोर कार्रवाई के लिए कहा है।