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Lakhimpur Kheri News: दुधवा में आपसी संघर्ष में गैंडा घायल
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दुधवा में स्वछंद विचरण करता गैंडा। स्रोत : वन विभाग।
- फोटो : mathura
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना के सौर उर्जा चालित बाड़ में स्वछंद विचरण कर रहे दो नर गैंडों के बीच आपसी संघर्ष हो गया। इसमें एक गैंडा घायल हो गया। उसकी पीठ में जख्म हुआ है। टाइगर रिजर्व प्रशासन पशु चिकित्सकों की टीम से इलाज करवाने के साथ ही उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
दुधवा नेशनल पार्क की बेलरायां रेंज के छंगानाला क्षेत्र फेज दो में छह गैंडे स्वछंद विचरण कर रहे हैं। इसमें तीन नर नोपोलियन, हिमांशु और रोहन के अलावा तीन मादा कल्पना, हिमांगिनी और रोहिनी शामिल हैं। तीन दिन पहले बाड़ में रह रहे नर गैंडा नेपोलियन (20) और हिमांशु (05) के बीच आपसी संघर्ष होने लगा। काफी देर तक चली इस लड़ाई में हिमांशु की पीठ में जख्म होने से वह घायल हो गया और अपनी जान बचाने के लिए बाड़े से भागकर बेला परसुआ गांव आबादी की ओर चला गया।
वन कर्मियों की सूचना पर डीटीआर के एफडी डाॅ. एच राजामोहन, डीडी दुधवा जगदीश आर पशु चिकित्सकों की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान बेला परसुआ गांव आबादी के पास वह विचरण करता दिखाई दिया। इस पर दुधवा के पशु चिकित्सक डॉ. मोहम्मद तलहा ने हाथी पर सवार होकर उसकी पीठ पर जख्म भरने वाली दवा का छिड़काव किया गया।
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आसपास बसे ग्रामीणों को भी किया गया जागरूक
छंगा नाला की सौर उर्जा चालित बाड़ से निकल कर आबादी की ओर गए गैंडे को लेकर वन कर्मियों की टीमें इस संबंध में बेला परसुआ गांव के आसपास बसे ग्रामीणों को भी जागरूक कर रही हैं।
बेलरायां रेंज के छंगानाला क्षेत्र मेंआपसी संघर्ष में घायल हुए नर गैंडे की वन कर्मियों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। गुवाहाटी वेटनरी यूनीवर्सिटी के मशहूर हाथी विशेषज्ञ एवं पद्मश्री डॉ. केके शर्मा के निर्देशन में दुधवा के पशु चिकित्सकों की टीम से उसका इलाज कराया जा रहा है। टीम को उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. एच राजामोहन,एफडी,दुधवा टाइगर रिजर्व
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दुधवा नेशनल पार्क की बेलरायां रेंज के छंगानाला क्षेत्र फेज दो में छह गैंडे स्वछंद विचरण कर रहे हैं। इसमें तीन नर नोपोलियन, हिमांशु और रोहन के अलावा तीन मादा कल्पना, हिमांगिनी और रोहिनी शामिल हैं। तीन दिन पहले बाड़ में रह रहे नर गैंडा नेपोलियन (20) और हिमांशु (05) के बीच आपसी संघर्ष होने लगा। काफी देर तक चली इस लड़ाई में हिमांशु की पीठ में जख्म होने से वह घायल हो गया और अपनी जान बचाने के लिए बाड़े से भागकर बेला परसुआ गांव आबादी की ओर चला गया।
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वन कर्मियों की सूचना पर डीटीआर के एफडी डाॅ. एच राजामोहन, डीडी दुधवा जगदीश आर पशु चिकित्सकों की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान बेला परसुआ गांव आबादी के पास वह विचरण करता दिखाई दिया। इस पर दुधवा के पशु चिकित्सक डॉ. मोहम्मद तलहा ने हाथी पर सवार होकर उसकी पीठ पर जख्म भरने वाली दवा का छिड़काव किया गया।
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आसपास बसे ग्रामीणों को भी किया गया जागरूक
छंगा नाला की सौर उर्जा चालित बाड़ से निकल कर आबादी की ओर गए गैंडे को लेकर वन कर्मियों की टीमें इस संबंध में बेला परसुआ गांव के आसपास बसे ग्रामीणों को भी जागरूक कर रही हैं।
बेलरायां रेंज के छंगानाला क्षेत्र मेंआपसी संघर्ष में घायल हुए नर गैंडे की वन कर्मियों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। गुवाहाटी वेटनरी यूनीवर्सिटी के मशहूर हाथी विशेषज्ञ एवं पद्मश्री डॉ. केके शर्मा के निर्देशन में दुधवा के पशु चिकित्सकों की टीम से उसका इलाज कराया जा रहा है। टीम को उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. एच राजामोहन,एफडी,दुधवा टाइगर रिजर्व