{"_id":"56fd5cf04f1c1b283df00105","slug":"reservation-accused-of-not-following-the-rules","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरक्षण नियमों का पालन न करने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरक्षण नियमों का पालन न करने का आरोप
ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 31 Mar 2016 11:06 PM IST
विज्ञापन
प्रदेश भर के डेढ़ दर्जन के करीब सरकारी विभागों में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के 946 पद भरे जाने हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
- राजस्व परिषद और डीएम को भेजा शिकायती पत्र
राजस्व लेखपाल भर्ती के हाल में घोषित हुए परिणाम पर सवाल उठने लगे हैं। तमाम अभ्यर्थियों ने राजस्व परिषद के अध्यक्ष और डीएम को शिकायती पत्र देकर आरक्षण नियमों में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है। कहा कि लेखपाल पद की निर्धारित 231 सीटों में से सिर्फ 226 का ही परिणाम घोषित किया गया है। महिलाओं को निर्धारित आरक्षण नहीं दिया गया है। उधर, एडीएम एसपी सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।
लेखपाल भर्ती के लिए लिखित परीक्षा और साक्षात्कार देने वाले अभ्यर्थियों शिल्पी गुप्ता, बलराम भार्गव, कमल किशोर, मुकेश कुमार और प्रतीक बाजपेयी ने राजस्व परिषद के अध्यक्ष और नवागत डीएम आकाशदीप को पत्र देकर आरोप लगाया कि 28 मार्च को जारी लेखपाल भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी किया गया है। इसमें आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अनारक्षित श्रेणी के ऐसे अभ्यर्थी जिनका लिखित परीक्षा में बहुत अच्छा प्रदर्शन रहा है। अर्थात वे अनारक्षित श्रेणी में साक्षात्कार के लिए चयनित हुए थे। ऐसे अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के बाद उनकी मूल आरक्षित श्रेणी का लाभ नहीं दिया गया है। इसके अलावा जारी किए गए अंतिम परिणाम में महिलाओं की संख्या कम हो गई है।
विज्ञापन
अभ्यर्थियों ने मांग की कि परिणाम में हुई धांधली की जांच कराकर आरक्षण नियमों के अनुसार फाइनल परिणाम को संशोधित कर और विज्ञप्ति के अनुसार निर्धारित सभी सीटों का परिणाम जारी किया जाए। जिससे अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।
लेखपाल भर्ती परीक्षा के परिणाम के बारे में लगाए गए आरोप निराधार हैं। आरक्षण के मुताबिक महिलाओं को जितनी सीटें मिलनी चाहिए थीं उतनी भर्ती की गई। जहां तक 231 में से 226 के परिणाम घोषित करने की बात है। भूतपूर्व सैनिकों के लिए कुल 12 सीटें आरक्षित थीं। इनमें आठ आवेदन आए, सात ने लिखित परीक्षा और साक्षात्कार दिया। इस तरह पांच सीटें रिक्त रहीं हैं।
- एसपी सिंह, एडीएम खीरी
राजस्व लेखपाल भर्ती के हाल में घोषित हुए परिणाम पर सवाल उठने लगे हैं। तमाम अभ्यर्थियों ने राजस्व परिषद के अध्यक्ष और डीएम को शिकायती पत्र देकर आरक्षण नियमों में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है। कहा कि लेखपाल पद की निर्धारित 231 सीटों में से सिर्फ 226 का ही परिणाम घोषित किया गया है। महिलाओं को निर्धारित आरक्षण नहीं दिया गया है। उधर, एडीएम एसपी सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।
लेखपाल भर्ती के लिए लिखित परीक्षा और साक्षात्कार देने वाले अभ्यर्थियों शिल्पी गुप्ता, बलराम भार्गव, कमल किशोर, मुकेश कुमार और प्रतीक बाजपेयी ने राजस्व परिषद के अध्यक्ष और नवागत डीएम आकाशदीप को पत्र देकर आरोप लगाया कि 28 मार्च को जारी लेखपाल भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी किया गया है। इसमें आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया।
विज्ञापन
उन्होंने आरोप लगाया कि अनारक्षित श्रेणी के ऐसे अभ्यर्थी जिनका लिखित परीक्षा में बहुत अच्छा प्रदर्शन रहा है। अर्थात वे अनारक्षित श्रेणी में साक्षात्कार के लिए चयनित हुए थे। ऐसे अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के बाद उनकी मूल आरक्षित श्रेणी का लाभ नहीं दिया गया है। इसके अलावा जारी किए गए अंतिम परिणाम में महिलाओं की संख्या कम हो गई है।
विज्ञापन
अभ्यर्थियों ने मांग की कि परिणाम में हुई धांधली की जांच कराकर आरक्षण नियमों के अनुसार फाइनल परिणाम को संशोधित कर और विज्ञप्ति के अनुसार निर्धारित सभी सीटों का परिणाम जारी किया जाए। जिससे अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।
लेखपाल भर्ती परीक्षा के परिणाम के बारे में लगाए गए आरोप निराधार हैं। आरक्षण के मुताबिक महिलाओं को जितनी सीटें मिलनी चाहिए थीं उतनी भर्ती की गई। जहां तक 231 में से 226 के परिणाम घोषित करने की बात है। भूतपूर्व सैनिकों के लिए कुल 12 सीटें आरक्षित थीं। इनमें आठ आवेदन आए, सात ने लिखित परीक्षा और साक्षात्कार दिया। इस तरह पांच सीटें रिक्त रहीं हैं।
- एसपी सिंह, एडीएम खीरी