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मोटापा कम करने की थेरेपी नहीं है योग
लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 05 Jul 2015 11:51 PM IST
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योग दिवस पर योग की जो फजीहत हुई यह योग जैसे गुरुसाध्य दुलर्भ ज्ञान का अपमान है। योग वस्तुत: अनंत तत्व का अनंत में विलीन होने का नाम है। योग कोई मोटापा कम करने की थेरेपी नहीं है। यह बात शहर में आए शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम जी महाराज ने एक मुलाकात में कही।
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि निर्माण को लेकर शंकराचार्य ने कहा राम जन्मभूमि हिंदुओं की आस्था का विषय है लेकिन इस देश का दुर्भाग्य है कि यहां आस्था के हर विषय को विवादित बना दिया जाता है। वहां रामजन्म भूमि तो है ही अब तो इस बात को न्यायालय ने भी मान लिया है। वहां राम मंदिर भी बना है। बस उसे भव्य रूप देने की जरूरत है। उन्होंने कहा यह राम जी की कृपा से ही हो पाएगा। उन्होंने कहा इस देश का मुस्लिम राजनीतिक रूप से जागरूक है। यही कारण है जो भी राजनीतिक दल सत्ता में आता है मुस्लिम वोट बैंक को प्राप्त करने के लिए उनकी इच्छा के अनुरूप व्यवहार करने लगता है। यही कारण है कि सरकारें हर बात पर समझौता करने लगती हैं। यही योग दिवस में भी हुआ। उन्होंने कहा योग दिवस पर योग की जो फजीहत हुई वह अत्यंत शर्मनाक है। यहां पीटी, व्यायाम और आसन को योग माना जाने लगा। उन्होंने कहा योग उस अनंत तत्व का अनंत में विलीन होने का नाम है। योग एक घटित होने वाली क्रिया है। योग कोई मोटापा कम करने की थेरेपी नहीं है। योग का संबंध स्थूल शरीर से है ही नहीं लेकिन यह दुर्भाग्य है कि आज परम दुर्लभ गुरुकृपा साध्य अनुष्ठान व्यवसाय और प्रदर्शन की विषय वस्तु बनकर रह गया है।
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अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि निर्माण को लेकर शंकराचार्य ने कहा राम जन्मभूमि हिंदुओं की आस्था का विषय है लेकिन इस देश का दुर्भाग्य है कि यहां आस्था के हर विषय को विवादित बना दिया जाता है। वहां रामजन्म भूमि तो है ही अब तो इस बात को न्यायालय ने भी मान लिया है। वहां राम मंदिर भी बना है। बस उसे भव्य रूप देने की जरूरत है। उन्होंने कहा यह राम जी की कृपा से ही हो पाएगा। उन्होंने कहा इस देश का मुस्लिम राजनीतिक रूप से जागरूक है। यही कारण है जो भी राजनीतिक दल सत्ता में आता है मुस्लिम वोट बैंक को प्राप्त करने के लिए उनकी इच्छा के अनुरूप व्यवहार करने लगता है। यही कारण है कि सरकारें हर बात पर समझौता करने लगती हैं। यही योग दिवस में भी हुआ। उन्होंने कहा योग दिवस पर योग की जो फजीहत हुई वह अत्यंत शर्मनाक है। यहां पीटी, व्यायाम और आसन को योग माना जाने लगा। उन्होंने कहा योग उस अनंत तत्व का अनंत में विलीन होने का नाम है। योग एक घटित होने वाली क्रिया है। योग कोई मोटापा कम करने की थेरेपी नहीं है। योग का संबंध स्थूल शरीर से है ही नहीं लेकिन यह दुर्भाग्य है कि आज परम दुर्लभ गुरुकृपा साध्य अनुष्ठान व्यवसाय और प्रदर्शन की विषय वस्तु बनकर रह गया है।
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