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Lakhimpur Kheri News: मान्यता पांच की, कक्षाएं चल रहीं इंटर तक की
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लखीमपुर/बिजुआ। वैसे तो जिले में तमाम गैर पंजीकरण के प्राइवेट स्कूल संचालित किये जा रहे हैं लेकिन ब्लॉक बिजुआ गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों का हब बनता जा रहा है। ऐसे कई विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है, जिनकी मान्यता महज कक्षा पांच तक की है लेकिन इंटर तक की कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है।
ब्लाक बिजुआ के बेरिहाटांडा स्थित जंगलीनाथ इंटर कॉलेज में 170 बच्चे पंजीकृत पाए गए लेकिन यहां की मान्यता एक से पांच तक की ही थी। रामा पब्लिक स्कूल गुलाब टांडा में 320 बच्चे पंजीकृत थे, लेकिन मान्यता नहीं मिली। पब्लिक स्कूल भानपुर में 150 बच्चे पंजीकृत थे। यहां पर एक से इंटर तक पढ़ाई भी होती हुई पाई गयी लेकिन कालेज के पास मान्यता नहीं थी।
गदाईनाथ विद्या मंदिर में मान्यता कक्षा एक से पांच तक की थी, जबकि यहां पर भी इंटर तक के बच्चे पढ़ते हुए पाये गये। यहां पर कुल 200 बच्चे पंजीकृत हैं, जिसमें 70 बच्चे प्राइमरी स्कूल में पंजीकृत हैं। बरमदेव बाल विद्या मंदिर का भी कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिला यहां पर 320 छात्र छात्राएं पढ़ाई करते हुए पाए गए। उक्त कालेज में भी इंटर तक की कक्षाएं संचालित होती पाई गई।
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यदि कहीं भी मान्यता से अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है तो यह गलत है। ऐसे विद्यालयों की जांच कराकर उन्हें बंद कराया जाएगा। किसी भी हाल में ऐसे संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करायी जाएगी।
महेन्द्र प्रताप सिंह, डीआईओएस
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ब्लाक बिजुआ के बेरिहाटांडा स्थित जंगलीनाथ इंटर कॉलेज में 170 बच्चे पंजीकृत पाए गए लेकिन यहां की मान्यता एक से पांच तक की ही थी। रामा पब्लिक स्कूल गुलाब टांडा में 320 बच्चे पंजीकृत थे, लेकिन मान्यता नहीं मिली। पब्लिक स्कूल भानपुर में 150 बच्चे पंजीकृत थे। यहां पर एक से इंटर तक पढ़ाई भी होती हुई पाई गयी लेकिन कालेज के पास मान्यता नहीं थी।
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गदाईनाथ विद्या मंदिर में मान्यता कक्षा एक से पांच तक की थी, जबकि यहां पर भी इंटर तक के बच्चे पढ़ते हुए पाये गये। यहां पर कुल 200 बच्चे पंजीकृत हैं, जिसमें 70 बच्चे प्राइमरी स्कूल में पंजीकृत हैं। बरमदेव बाल विद्या मंदिर का भी कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिला यहां पर 320 छात्र छात्राएं पढ़ाई करते हुए पाए गए। उक्त कालेज में भी इंटर तक की कक्षाएं संचालित होती पाई गई।
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यदि कहीं भी मान्यता से अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है तो यह गलत है। ऐसे विद्यालयों की जांच कराकर उन्हें बंद कराया जाएगा। किसी भी हाल में ऐसे संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करायी जाएगी।
महेन्द्र प्रताप सिंह, डीआईओएस