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दुधवा में दिखा दुर्लभ ट्री फ्रॉग
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ट्री फ्राग।
- फोटो : LAKHIMPUR
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व में जीपीएस सिस्टम से लैस एम स्ट्राइप्स पेट्रोलिंग (मॉनिटरिंग एप के साथ की जाने वाली पेट्रोलिंग)जारी है। इस दौरान टीमों को दुर्लभ वन्यजीव भी दिखाई दिए हैं। जिसमें ट्री फ्रॉग शामिल है।
एम स्ट्राइप्स पेट्रोलिंग की शुरुआत दो साल पहले हुई थी। यूं तो यह पेट्रोलिंग पूरे साल चलती है लेकिन मानसून सीजन में यह अधिक प्रभावी बनाई जाती है। इस सिस्टम के तहत टीमों के पास उपलब्ध एनरॉयड फोन कंट्रोल रूम के कंप्यूटर सिस्टम से जुड़े रहते हैं। यदि टीमें कहीं मुसीबत में पड़ जाएं तो इसकी सूचना कंट्रोल रूम को तुरंत मिल जाती है। पेट्रोलिंग के दौरान टीमें रास्ते में मिलने वाले विशेष जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की फोटो भी अपलोड करती हैं।
पिछले साल दुधवा टाइगर रिजर्व में गश्ती टीमों ने 15 जून से 31 अक्तूबर पेट्रोलिंग की थी। इस साल 15 जून से लेकर 14 जुलाई तक पेट्रोलिंग की जा चुकी है। पेट्रोलिंग में फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक, डीडी बफरजोन डॉ. अनिल कुमार पटेल, डीडी मनोज सोनकर, वार्डन एसके अमरेश आदि शामिल हैं। इन टीमों के साथ स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (एसटीपीएफ ) के जवान भी लगाए गए हैं।
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इसी क्रम में पेट्रोलिंग के दौरान एफडी संजय पाठक को एक पेड़ पर दुर्लभ प्रजाति का ट्री फ्राग दिखाई दिया। उन्होंने इसकी तस्वीर भी ली है। यह मेढक केवल दुधवा में ही मिलता है। दुधवा के नाम पर ही इसका नामकरण कैरोमेंटिस दुधवाएनसिस है। इसका बॉयोलॉजिकल नाम ‘चिरीजेलस दुधवाइंसिस’ है। यह पानी या भूमि पर रहने के बजाय पेड़ पर रहता है। पीले-हरे रंग का होने के कारण यह पत्तियों में छिप जाता है। जिसके कारण यह बहुत मुश्किल से दिखाई पड़ता है।
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जीपीएस सिस्टम से लैस एम स्ट्राइप्स पेट्रोलिंग डीटीआर में पूरी मेहनत से की जा रही है। इस दौरान दुर्लभ ट्री फ्राग का दिखना एक बड़ी उपलब्धि है।
-संजय पाठक, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व
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एम स्ट्राइप्स पेट्रोलिंग की शुरुआत दो साल पहले हुई थी। यूं तो यह पेट्रोलिंग पूरे साल चलती है लेकिन मानसून सीजन में यह अधिक प्रभावी बनाई जाती है। इस सिस्टम के तहत टीमों के पास उपलब्ध एनरॉयड फोन कंट्रोल रूम के कंप्यूटर सिस्टम से जुड़े रहते हैं। यदि टीमें कहीं मुसीबत में पड़ जाएं तो इसकी सूचना कंट्रोल रूम को तुरंत मिल जाती है। पेट्रोलिंग के दौरान टीमें रास्ते में मिलने वाले विशेष जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की फोटो भी अपलोड करती हैं।
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पिछले साल दुधवा टाइगर रिजर्व में गश्ती टीमों ने 15 जून से 31 अक्तूबर पेट्रोलिंग की थी। इस साल 15 जून से लेकर 14 जुलाई तक पेट्रोलिंग की जा चुकी है। पेट्रोलिंग में फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक, डीडी बफरजोन डॉ. अनिल कुमार पटेल, डीडी मनोज सोनकर, वार्डन एसके अमरेश आदि शामिल हैं। इन टीमों के साथ स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (एसटीपीएफ ) के जवान भी लगाए गए हैं।
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इसी क्रम में पेट्रोलिंग के दौरान एफडी संजय पाठक को एक पेड़ पर दुर्लभ प्रजाति का ट्री फ्राग दिखाई दिया। उन्होंने इसकी तस्वीर भी ली है। यह मेढक केवल दुधवा में ही मिलता है। दुधवा के नाम पर ही इसका नामकरण कैरोमेंटिस दुधवाएनसिस है। इसका बॉयोलॉजिकल नाम ‘चिरीजेलस दुधवाइंसिस’ है। यह पानी या भूमि पर रहने के बजाय पेड़ पर रहता है। पीले-हरे रंग का होने के कारण यह पत्तियों में छिप जाता है। जिसके कारण यह बहुत मुश्किल से दिखाई पड़ता है।
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जीपीएस सिस्टम से लैस एम स्ट्राइप्स पेट्रोलिंग डीटीआर में पूरी मेहनत से की जा रही है। इस दौरान दुर्लभ ट्री फ्राग का दिखना एक बड़ी उपलब्धि है।
-संजय पाठक, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व