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उधेड़बुन और सियासी गुणा-भाग में कटी रैन
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 14 Feb 2017 10:52 PM IST
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netaji
- फोटो : अमर उजाला
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मतदान से एक दिन पहले की रात उम्मीदवारों के लिए मानो कयामत की रात रही। मंगलवार की रात उम्मीदवारों के लिए कुछ ऐसी ही रही। आंखों में नींद का तो सवाल ही नहीं। रात में उम्मीदवार खुद और उनके सिपहसलार मैदान में मौजूद रहे। समीकरण बिगाड़ने और बनाने का पूरा खेल चला।
आज बुधवार को चुनाव है, लेकिन मंगलवार की रात उम्मीदवारों ने भले ही कोई धूमधड़ाका नहीं किया। सभाएं नहीं कीं, लेकिन माहौल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। टीमें रात को निकलीं। अधिकतर विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशियों ने रात भर खुशामद बरामद से लेकर हर तरीके से मतदाताओं को रिझाने की कवायद की। पूरी रात घरों में जाकर वोट मांगे। कुछ स्थानों पर प्रत्याशी आमने-सामने भी हुए। प्रशासन तक शिकायतें पहुंची तो पुलिस ने तलाश भी शुरू की, लेकिन कहीं कोई मामला पकड़ में नहीं आया। शहर के रेस्टोरेंटों और बाईपास के ढाबों पर खाने पीने का भी दौर चला। यहीं रणनीति बनी और यहीं से टीमें इधर-उधर निकल गईं। वोटों को लेकर अपने समर्थकों के पक्ष में यहां लामबंदी की गई। सदर विधानसभा के अलावा इसी तरह गोला गोकर्णनाथ, पलिया, निघासन, धौरहरा, कस्ता, मोहम्मदी, श्रीनगर, सीट पर भी चुनावी समीकरण बिगाड़ने और बनाने का खेल चला।
रात में चौपालों पर लगा गणित
शहर के प्रमुख होटलों, ढाबों, स्थलों पर लोगों ने बनकर चुनावी गणित लगाई। शहर के इमली चौराहे पास चौपाल लगी होने की सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंची, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। बाद में खबर आई कि पुलिस पहुंचने से पहले ही भीड़ छंट गई।
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आज बुधवार को चुनाव है, लेकिन मंगलवार की रात उम्मीदवारों ने भले ही कोई धूमधड़ाका नहीं किया। सभाएं नहीं कीं, लेकिन माहौल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। टीमें रात को निकलीं। अधिकतर विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशियों ने रात भर खुशामद बरामद से लेकर हर तरीके से मतदाताओं को रिझाने की कवायद की। पूरी रात घरों में जाकर वोट मांगे। कुछ स्थानों पर प्रत्याशी आमने-सामने भी हुए। प्रशासन तक शिकायतें पहुंची तो पुलिस ने तलाश भी शुरू की, लेकिन कहीं कोई मामला पकड़ में नहीं आया। शहर के रेस्टोरेंटों और बाईपास के ढाबों पर खाने पीने का भी दौर चला। यहीं रणनीति बनी और यहीं से टीमें इधर-उधर निकल गईं। वोटों को लेकर अपने समर्थकों के पक्ष में यहां लामबंदी की गई। सदर विधानसभा के अलावा इसी तरह गोला गोकर्णनाथ, पलिया, निघासन, धौरहरा, कस्ता, मोहम्मदी, श्रीनगर, सीट पर भी चुनावी समीकरण बिगाड़ने और बनाने का खेल चला।
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रात में चौपालों पर लगा गणित
शहर के प्रमुख होटलों, ढाबों, स्थलों पर लोगों ने बनकर चुनावी गणित लगाई। शहर के इमली चौराहे पास चौपाल लगी होने की सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंची, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। बाद में खबर आई कि पुलिस पहुंचने से पहले ही भीड़ छंट गई।
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