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स्पीड ट्रायल में 100 की रफ्तार से दौड़ी स्पेशल इलेक्ट्रिक ट्रेन
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मैलानी से स्पेशल ट्रेन को रवाना करता पायलट। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
मैलानी/ बांकेगंज। बांकेगंज से मैलानी के बीच बफरजोन जंगल की ट्रैक पर विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाने के बाद लखनऊ से मैलानी तक इलेक्ट्रिक ट्रेनों के जल्द दौड़ने की उम्मीद बढ़ी है। सोमवार को एनई रेलवे के मुख्य अभियंता विद्युत ने बांकेगंज रेलवे स्टेशन पर विद्युतीकरण कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद मैलानी से बांकेगंज के बीच सौ किमी की गति से स्पेशल ट्रेन से स्पीड ट्रॉयल भी किया गया, जोकि सफल रहा।
स्पेशल ट्रेन दिन में 2:50 पर मैलानी से रवाना हुई और सौ किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से उसने मैलानी से बांकेगंज की दूरी सिर्फ आठ मिनट में तय की। पीसीईई ने कहा कि निरीक्षण सफल रहा और जल्द ही मुख्यालय से लखनऊ से मैलानी के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी जाएगी।
बांकेगंज से मैलानी के बीच जंगल में पड़ने वाली रेलवे लाइन के विद्युतीकरण का काम वन विभाग से एनओसी न मिलने के कारण लटका हुआ था। एनओसी मिलने के बाद आरबीएनएल ने इस काम को महज एक माह में पूरा कर लिया। सोमवार को एनई रेलवे गोरखपुर के प्रमुख मुख्य अभियंता (विद्युत) एके शुक्ला ने विभागीय अमले के साथ विद्युतीकरण काम का निरीक्षण किया।
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निरीक्षण से पहले बांकेगंज रेलवे स्टेशन को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था। प्रमुख अभियंता ने रेलवे स्टेशन पर विधि-विधान से हवन पूजन किया। इसके बाद इलेक्ट्रिक इंजन से बांकेगंज रेलवे स्टेशन से विंडो निरीक्षण करते हुए छोटी नहर पुल के पास बने स्विचिंग पोस्ट पहुंचे। वहां उन्होंने बारीकी से निरीक्षण किया। फिर मैलानी के लिए रवाना हो गए। वहां दोपहर तीन बजे के बाद बांकेगंज रेलवे स्टेशन होते हुए लखनऊ चले गए। आरबीएनएल के मुख्य परियोजना अधिकारी निश्चल श्रीवास्तव,एके सिंह महाप्रबंधक सिग्नल, धमेंद्र यादव एडीआरएम,धनंजय मिश्रा,डीके वर्मा, मानसी मित्तल आदि मौजूद रहे।
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2018 में शुरू हुआ था लखनऊ-मैलानी के बीच विद्युतीकरण
मैलानी। लखनऊ से मैलानी के बीच रेल विद्युतीकरण का काम सन 2018 में शुरू हुआ था, जोकि सोमवार को संरक्षा निरीक्षण के बाद पूरा हो गया।
कार्यदायी संस्था आरबीएनएल के डालीगंज-पीलीभीत रेल विद्युतीकरण परियोजना प्रबंधक जगन्नाथ मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2018 में शुरू हुई इस परियोजना का काम तीन चरणों में किया जाना था। पहले चरण में लखनऊ-सीतापुर, दूसरे चरण में सीतापुर-लखीमपुर और तीसरे चरण में लखीमपुर-मैलानी के बीच विद्युतीकरण होना था, लेकिन बांकेगंज-मैलानी के बीच दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की आपत्ति के चलते काम रुक गया था। एनओसी मिलते ही बांकेगंज-मैलानी के बीच भी विद्युतीकरण का काम पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि अब मैलानी से शाहगढ़ तक विद्युतीकरण का काम चल रहा है और इसे तीस नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। कहाकि लखनऊ से पीलीभीत तक विद्युतीकरण का काम दिसंबर 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। संवाद
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स्पेशल ट्रेन दिन में 2:50 पर मैलानी से रवाना हुई और सौ किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से उसने मैलानी से बांकेगंज की दूरी सिर्फ आठ मिनट में तय की। पीसीईई ने कहा कि निरीक्षण सफल रहा और जल्द ही मुख्यालय से लखनऊ से मैलानी के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी जाएगी।
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बांकेगंज से मैलानी के बीच जंगल में पड़ने वाली रेलवे लाइन के विद्युतीकरण का काम वन विभाग से एनओसी न मिलने के कारण लटका हुआ था। एनओसी मिलने के बाद आरबीएनएल ने इस काम को महज एक माह में पूरा कर लिया। सोमवार को एनई रेलवे गोरखपुर के प्रमुख मुख्य अभियंता (विद्युत) एके शुक्ला ने विभागीय अमले के साथ विद्युतीकरण काम का निरीक्षण किया।
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निरीक्षण से पहले बांकेगंज रेलवे स्टेशन को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था। प्रमुख अभियंता ने रेलवे स्टेशन पर विधि-विधान से हवन पूजन किया। इसके बाद इलेक्ट्रिक इंजन से बांकेगंज रेलवे स्टेशन से विंडो निरीक्षण करते हुए छोटी नहर पुल के पास बने स्विचिंग पोस्ट पहुंचे। वहां उन्होंने बारीकी से निरीक्षण किया। फिर मैलानी के लिए रवाना हो गए। वहां दोपहर तीन बजे के बाद बांकेगंज रेलवे स्टेशन होते हुए लखनऊ चले गए। आरबीएनएल के मुख्य परियोजना अधिकारी निश्चल श्रीवास्तव,एके सिंह महाप्रबंधक सिग्नल, धमेंद्र यादव एडीआरएम,धनंजय मिश्रा,डीके वर्मा, मानसी मित्तल आदि मौजूद रहे।
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2018 में शुरू हुआ था लखनऊ-मैलानी के बीच विद्युतीकरण
मैलानी। लखनऊ से मैलानी के बीच रेल विद्युतीकरण का काम सन 2018 में शुरू हुआ था, जोकि सोमवार को संरक्षा निरीक्षण के बाद पूरा हो गया।
कार्यदायी संस्था आरबीएनएल के डालीगंज-पीलीभीत रेल विद्युतीकरण परियोजना प्रबंधक जगन्नाथ मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2018 में शुरू हुई इस परियोजना का काम तीन चरणों में किया जाना था। पहले चरण में लखनऊ-सीतापुर, दूसरे चरण में सीतापुर-लखीमपुर और तीसरे चरण में लखीमपुर-मैलानी के बीच विद्युतीकरण होना था, लेकिन बांकेगंज-मैलानी के बीच दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की आपत्ति के चलते काम रुक गया था। एनओसी मिलते ही बांकेगंज-मैलानी के बीच भी विद्युतीकरण का काम पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि अब मैलानी से शाहगढ़ तक विद्युतीकरण का काम चल रहा है और इसे तीस नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। कहाकि लखनऊ से पीलीभीत तक विद्युतीकरण का काम दिसंबर 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। संवाद