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Lakhimpur Kheri News: काजल का दीवाना रघु... आजादी छोड़कर बाड़े में घुसा
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पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क में ऊर्जा चालित बाड़े से स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़े गए गैंडे रघु को खुला वातावरण रास नहीं आ रहा है। बाड़े की साथी काजल की दीवानगी में रघु फिर से बाड़े के पास पहुंच रहा है। पार्क सूत्रों के अनुसार, उसने बाड़ा तोड़कर गैंडा पुनर्वास परियोजना में भी प्रवेश कर लिया है। हालांकि पार्क प्रशासन का कोई भी अधिकारी जवाब नहीं दे रहा है।
दुधवा नेशनल पार्क में गैंडा पुनर्वास परियोजना से दो मादा गैंडा दीपाली व विजयश्री के साथ एक नर गैंडे रघु को रेडियो काॅलर आईडी लगाकर जंगल में छोड़ा गया था। ड्रोन कैमरों और रेडियो कॉलर के जरिये पार्क प्रशासन ने इन तीनों गैंडों की निगरानी कर रहा है।
स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़े गए नर गैंडे रघु का व्यवहार काफी विपरीत दिखाई दे रहा है। उसका मन खुले में नहीं लग रहा है और वह घूम फिरकर छह किलोमीटर दूर गैंडा परियोजना के बाड़े तक पहुंच गया। बताया जाता है कि गैंडा रघु शक्तिशाली गैंडे के रूप में जाना जाता है। इस कारण बाड़े की मादा गैंडा उसकी ओर आकर्षित रहती हैं। सूत्रों ने बताया कि मादा गैंडा काजल के कारण वह दोबारा बाड़े के पास आया।
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सूत्रों के अनुसार, बाड़ा तोड़कर वह परियोजना में दाखिल भी हो गया है, हालांकि इसके बारे में कोई भी अधिकारी कुछ बताने से कतरा रहा है। दुधवा के उपनिदेशक डाॅ. रंगाराजू टी. ने बताया कि वह बैठक में हैं और उसके बाद ही जानकारी दे पाएंगे। फील्ड डायरेक्टर ललित वर्मा से संपर्क किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
मौजूदा समय में रघु और विजय का है वर्चस्व
मौजूदा समय की बात करें तो गैंडा परिवार में रघु और विजय नामक गैंडे का वर्चस्व है। जानकारों के अनुसार, मादा गैंडों को लेकर इनमें कई बार संघर्ष भी हुआ है। हालांकि, रघु सबसे अलग बताया जाता है। काजल के अलावा दो अन्य मादा गैंडा उसकी ओर आकर्षित हैं।
सोशल मीडिया पर भी छाया दुधवा का रघु
अपनी प्रेम कहानी और वर्चस्व को लेकर दुधवा का गैंडा रघु काफी चर्चित हो रहा है। सोशल मीडिया पर भी इसकी कहानियां सुनने को मिलने रही हैं। बताया जाता है कि गैंडा अपने प्रेम की तलाश में छह किलोमीटर दूरी का रास्ता तय करते हुए वापस परियोजना के बाड़ के पास आया और बाड़ को तोड़ते हुए दोबारा उसमें चला गया।
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दुधवा नेशनल पार्क में गैंडा पुनर्वास परियोजना से दो मादा गैंडा दीपाली व विजयश्री के साथ एक नर गैंडे रघु को रेडियो काॅलर आईडी लगाकर जंगल में छोड़ा गया था। ड्रोन कैमरों और रेडियो कॉलर के जरिये पार्क प्रशासन ने इन तीनों गैंडों की निगरानी कर रहा है।
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स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़े गए नर गैंडे रघु का व्यवहार काफी विपरीत दिखाई दे रहा है। उसका मन खुले में नहीं लग रहा है और वह घूम फिरकर छह किलोमीटर दूर गैंडा परियोजना के बाड़े तक पहुंच गया। बताया जाता है कि गैंडा रघु शक्तिशाली गैंडे के रूप में जाना जाता है। इस कारण बाड़े की मादा गैंडा उसकी ओर आकर्षित रहती हैं। सूत्रों ने बताया कि मादा गैंडा काजल के कारण वह दोबारा बाड़े के पास आया।
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सूत्रों के अनुसार, बाड़ा तोड़कर वह परियोजना में दाखिल भी हो गया है, हालांकि इसके बारे में कोई भी अधिकारी कुछ बताने से कतरा रहा है। दुधवा के उपनिदेशक डाॅ. रंगाराजू टी. ने बताया कि वह बैठक में हैं और उसके बाद ही जानकारी दे पाएंगे। फील्ड डायरेक्टर ललित वर्मा से संपर्क किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
मौजूदा समय में रघु और विजय का है वर्चस्व
मौजूदा समय की बात करें तो गैंडा परिवार में रघु और विजय नामक गैंडे का वर्चस्व है। जानकारों के अनुसार, मादा गैंडों को लेकर इनमें कई बार संघर्ष भी हुआ है। हालांकि, रघु सबसे अलग बताया जाता है। काजल के अलावा दो अन्य मादा गैंडा उसकी ओर आकर्षित हैं।
सोशल मीडिया पर भी छाया दुधवा का रघु
अपनी प्रेम कहानी और वर्चस्व को लेकर दुधवा का गैंडा रघु काफी चर्चित हो रहा है। सोशल मीडिया पर भी इसकी कहानियां सुनने को मिलने रही हैं। बताया जाता है कि गैंडा अपने प्रेम की तलाश में छह किलोमीटर दूरी का रास्ता तय करते हुए वापस परियोजना के बाड़ के पास आया और बाड़ को तोड़ते हुए दोबारा उसमें चला गया।