फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Put pressure on the administration charges

प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप

Mon, 29 Feb 2016 06:56 PM IST
पलियाकलां।
पलियाकलां। Updated Mon, 29 Feb 2016 06:56 PM IST
विज्ञापन
Put pressure on the administration charges
दुधवा नेशनल पार्क कर्मियों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाकर आंदोलन खत्म कराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि दो एसडीएम, बीएसए, डीएसओ दुधवा बेस कैंप में रात को आए और फेडरेशन के उपाध्यक्ष रामकुमार को घर से उठा लिया। उपाध्यक्ष का आरोप है कि उन्होंने मोबाइल छीनने की कोशिश की और उन्हें धमकियां दीं। कर्मियों ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों के चंगुल से उपाध्यक्ष को छुड़वाया। इसके बाद उन्होंने डीडी से भी वार्ता की और बेस कैंप में ही प्रदर्शन किया।
विज्ञापन

गौरतलब है कि रविवार को बीएसए डॉ. ओपी राय, डीएसओ आरके तिवारी, एसडीएम पलिया आलोक कुमार वर्मा दुधवा मुख्यालय पहुंचे थे और यहां बीएसए ने कर्मियों से वार्ता की कोशिश की थी और बात नहीं बनी थी। इसके बाद दुधवा बेस कैंप में कर्मियों को बुलाया गया और कर्मी वहां पहुंच गए, लेकिन कोई अधिकारी नहीं आया।
विज्ञापन

इसके बाद कर्मी वापस लौट आए थे। आरोप है कि यह अधिकारी एसडीएम गोला समेत कई अधिकारी दुधवा बेस कैंप में रात करीब साढ़े आठ बजे पहुंचे। फेडरेशन उपाध्यक्ष रामकुमार का आरोप है अधिकारियों ने उनके घर पहुुंचकर बाहर आने को कहा जब उन्होंने वार्ता से मना कर दिया तो उनको बाहर लाकर घेरने की कोशिश की गई। जिससे वह घबरा गए। आरोप है कि उनका मोबाइल भी छीनने की कोशिश की और धमकियां भी दीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उनका कहना है कि गनीमत रही कि सभी कर्मी आ गए और हंगामा शुरू कर दिया। तब वह छूट पाए। उनका कहना है कि इसके बाद अधिकारी हंगामा देख वहां से निकल लिए। इसके बाद कर्मियों ने डीडी से वार्ता कर विरोध जताया। फिलहाल डीडी ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस तरह से कुछ नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान बेस कैंप में अफरातफरी का माहौल रहा।

साम दाम दंड भेद अपना रहा प्रशासन
पलियाकलां। कर्मियों की रात के प्रकरण की दी गई जानकारी पर यहां आए वन रक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राम प्रसाद ने कहा कि सच्चाई का गला घोंटने के लिए प्रशासन साम, दाम, दंड, भेद की रणनीति अपना रहा है। कहा कि ऐसी कोशिशें बंद न हुईं तो पूरे प्रदेश में वन कर्मी सड़क पर उतर आएंगे।
दुधवा मुख्यालय में कर्मियों के धरनास्थल पर कहा कि जो पता लगा है वह काफी निंदनीय है। बोले कि जब कर्मी चुपचाप अपना आंदोलन मुख्यालय के भीतर कर रहे हैं तो फिर उनको नाहक ही क्यों परेशान किया जा रहा है। वार्ता की अब कोई गुुंजाइश नहीं रह गई है।
 उनकी मांगे मुख्यमंत्री के पास हैं और उनको निर्णय लेना है ऐसे में किसी समझौते के प्रयास बेकार ही हैं। अधिकारियों को कर्मियों से मिलना है तो सबके साथ मिलें न कि किसी के घर पर धावा बोलकर। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के सभी वन कर्मी संगठनों को इस प्रयास से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो नौ मार्च को रैली प्रस्तावित है, जिसमें पूरे प्रदेश से वनकर्मी जुट रहे हैं। तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और इस रैली के बाद वहीं आगे के निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने अपने संबोधन में एफडी पर भी निशाना साधा।

कोरियर पर रोक का भी आरोप
फेडरेशन ऑफ फारेस्ट के अध्यक्ष पतिराज सिंह, मंत्री विजय कुमार और उपाध्यक्ष रामकुमार ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने वनकर्मियों के सभी कोरियर पर रोक लगा दी है। कोरियर कंपनी से उनकी डाक नहीं भेजी जा रही है।


बीएसए और डीएसओ ने कहा, आरोप बेबुनियाद
बीएसए डॉ. ओपी राय और डीएसओ डॉ. राकेश तिवारी का कहना है कि दुधवा कर्मचारियों का आरोप बेबुनियाद है। उन्होंने बताया कि पार्क उपनिदेशक के साथ कर्मचारियों से मुलाकात की थी। वह लोग प्रशासन की ओर से पार्क कर्मियों की समस्या सुनने गए थे। उसके बाद जिला मुख्यालय पर लौट आए। धमकाने और किसी के घर जाने का आरोप बेबुनियाद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed