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कठपुतलियों का खेल देख याद आए पुराने दिन

गोला गोकर्णनाथ Updated Wed, 08 Apr 2015 06:15 PM IST
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Puppets remember the old days of watching the game

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ऐतिहासिक चैती मेले के सांस्कृतिक मंच पर हरि ओम पपेट एंड मिरकिल ग्रुप लखनऊ ने कठपुतलियों का खेल प्रस्तुत किया। कठपुतलियों से नाटक एवं नृत्य के जरिए सामाजिक समस्याओं पर व्यंग्य करते हुए समाज को संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि प्रवक्ता अवधेश मिश्र, कार्यक्रम अध्यक्ष अवधेश मिश्र प्रधानाचार्य दयानन्द विद्या मंदिर, विशिष्ट अतिथि दीपक मिश्र और अनूप गुप्ता ने दीप प्रज्जवलित कर की। नगर पलिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठपुतलियां प्राचीन काल से मंनोरजन एवं संदेश संप्रेषण का हिस्सा रही हैं। जिसके माध्यम से समाज की कुरीतियों, समस्याओं का मंचन कर संदेश देकर समाज को सचेत किया जाता था।
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कार्यक्रम की शुरुआत कठपुतलियों के नृत्य से हुआ, जिसे लोगों ने खूब सराहा। इसके बाद स्वच्छ रहे, स्वस्थ्य रहे, पशु पक्षियों पर आधारित आज्ञाकारी बने, पंडित और यजमान कठपुतली नाटक, देश मेरा रंगीला, झूम बराबर झूम फिल्मी गीतों पर कठपुतली नृत्य ने दर्शकों को लोटपोट कर दिया।

विलुप्त होती इस कला को देखने के लिए बच्चों में काफी उत्साह दिखा। बच्चे कठपुतलियों का अभिनय देख खिलखिलाते रहे और कार्यक्रम के समापन तक अपने परिवार वालों के साथ देर रात तक डटे रहे। झूम बराबर झूम गीत पर डांस करने के बाद जब संवाद के दौरान सेठ बनी कठपुतली ने अपना मोबाइल नंबर तिरान्नवे 36 तमाम जीरो 32 बताया, हास्य नाटक में पंडित कठपुतली ने विवाह कराते समय बोली गयी हास्य शैली के संवादों सेे दर्शकों का मन मोह लिया। कठपुतली कार्यक्रम के बाद स्थानीय कलाकारों ने संगीत के रंग बिखेरे।
इस मौके पर द्वारिका प्रसाद रस्तोगी, सुरेश कुमार जायसवाल, कफील, मनोज श्रीवास्तव, राजेश वर्मा, आशीष अवस्थी, जमाल अहमद राईन, मूलचंद्र, इशहाक अली, रफी अहमद, नरेंद्र्र शुक्ला, पंकज गुप्ता, रामशिव तिवारी, प्रेमा पांडे, आशा देवी, सुशील गिरि, मयंक दीक्षित, रमेश जायसवाल, अरविंद पांडे, कन्हैयालाल रास, मधुकर शैदाई, यूसुफ अली, अवधेश पांडे, राजेश वाजपेयी, जेई राकेश कुमार, गोपाल स्वरूप मिश्र, निरेंद्र्र कुमार धाकड़े, ओमप्रकाश गुप्त, अजय वर्मा, उमाशंकर वर्मा आदि मौजूद रहे।
उद्घाटन से अब तक नजर नहीं आए ईओ
नगर के ऐतिहासिक चैती मेला समापन की ओर है नगर पालिका परिषद के ईओ/एसडीएम विनोद कुमार गुप्त मेले के उद्घाटन के समय तो देखे गए उस दिन से अब तक हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अब तक दिखाई नहीं पड़े। मेले की बागडोर पालिका परिषद की अध्यक्ष और उनके सदस्य संभाले हुए हैं। मेले में ईओ का न आना पालिका बोर्ड और सामाजिक संगठनों में खासी चर्चा विषय बना हुआ है।

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