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जनसुनवाई में पर्यावरण संरक्षण पर हुई विस्तार से चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो खमरिया।
Updated Wed, 16 Nov 2016 11:29 PM IST
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आसवनी और सहपावर प्लांट लगाने को हुई जनसुनवाई
गोविंद शुगर मिल में आसवनी और सहपावर प्लांट की स्थापना से पर्यावरणीय घटकों पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मिल परिसर में जनसुनवाई आयोजित की। जनसुनवाई की अध्यक्षता डीएम आकाश दीप ने की। इसमें पर्यावरण बोर्ड के अधिकारियों ने किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
कस्बा स्थित गोविंद शुगर मिल में 60 केएल आसवनी और 2.2 मेगावाट सहपावर प्लांट की स्थापना के लिए पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार से संस्तुति मांगी गई है। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मिल परिसर में पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए लोक जन सुनवाई का आयोजन किया। इसमें जागरूक किसान सुभ्रांत शुक्ला और आनंद मोहन त्रिवेदी ने इकाईयों से निकलने वाले वेस्टेज को संशोधित कर कृषि उपयोगी बनाने और किसानों को कम से कम कीमत पर उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इकाई प्रमुख आलोक सक्सेना ने उनके प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए मिल से निकलने वाली प्रेसमड को आधी कीमत पर किसानों को देने का वायदा किया। साथ ही किसानों से इसका व्यवसायिक उपयोग न करने का आग्रह किया।
डीएम ने पर्यावरण बोर्ड के अधिकारियों से वाटर लेबिल पर चर्चा की। जमीन स्रोत के साथ शारदा नदी से भी पानी लेने के लिए विचार करने को कहा जिससे भविष्य में भूजलस्तर न गिरने पाए। इसके अलावा मृदा, जल, वायु, ध्वनि तीव्रता और स्थानीय जनजीवन, स्थानीय जलवायु पर पडने वाले प्रभावों का आंकलन करने के साथ किसानों ग्रामीणों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
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इस मौके पर एसडीएम धौरहरा आलोक वर्मा, पर्यावरण क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ से अमित मिश्रा, आरके तिवारी, पर्यावरण सलाहकार मनोज गर्ग, अंशुमान तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव और मिल के वीके सिंह, एसएल तिवारी, कपिल चौधरी, कुंदन सिंह, अमित सिंह, केएम श्रीवास्तव, सहित क्षेत्रीय किसान दीपू सिंह, जगदीश शुक्ला, ज्वाला सिंह, अखिलेश मिश्रा आदि सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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गोविंद शुगर मिल में आसवनी और सहपावर प्लांट की स्थापना से पर्यावरणीय घटकों पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मिल परिसर में जनसुनवाई आयोजित की। जनसुनवाई की अध्यक्षता डीएम आकाश दीप ने की। इसमें पर्यावरण बोर्ड के अधिकारियों ने किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
कस्बा स्थित गोविंद शुगर मिल में 60 केएल आसवनी और 2.2 मेगावाट सहपावर प्लांट की स्थापना के लिए पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार से संस्तुति मांगी गई है। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मिल परिसर में पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए लोक जन सुनवाई का आयोजन किया। इसमें जागरूक किसान सुभ्रांत शुक्ला और आनंद मोहन त्रिवेदी ने इकाईयों से निकलने वाले वेस्टेज को संशोधित कर कृषि उपयोगी बनाने और किसानों को कम से कम कीमत पर उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इकाई प्रमुख आलोक सक्सेना ने उनके प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए मिल से निकलने वाली प्रेसमड को आधी कीमत पर किसानों को देने का वायदा किया। साथ ही किसानों से इसका व्यवसायिक उपयोग न करने का आग्रह किया।
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डीएम ने पर्यावरण बोर्ड के अधिकारियों से वाटर लेबिल पर चर्चा की। जमीन स्रोत के साथ शारदा नदी से भी पानी लेने के लिए विचार करने को कहा जिससे भविष्य में भूजलस्तर न गिरने पाए। इसके अलावा मृदा, जल, वायु, ध्वनि तीव्रता और स्थानीय जनजीवन, स्थानीय जलवायु पर पडने वाले प्रभावों का आंकलन करने के साथ किसानों ग्रामीणों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
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इस मौके पर एसडीएम धौरहरा आलोक वर्मा, पर्यावरण क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ से अमित मिश्रा, आरके तिवारी, पर्यावरण सलाहकार मनोज गर्ग, अंशुमान तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव और मिल के वीके सिंह, एसएल तिवारी, कपिल चौधरी, कुंदन सिंह, अमित सिंह, केएम श्रीवास्तव, सहित क्षेत्रीय किसान दीपू सिंह, जगदीश शुक्ला, ज्वाला सिंह, अखिलेश मिश्रा आदि सैकड़ों किसान मौजूद रहे।