{"_id":"6165c4488ebc3e56e648305d","slug":"priyanka-gandhi-denys-to-interact-with-media-in-lakhimpur-kheri-talks-with-injured-gurnam-singh","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखीमपुर खीरी: अंतिम अरदास में पहुंचीं प्रियंका ने मीडिया से बनाई दूरी, घायल गुरनाम से की बातचीत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखीमपुर खीरी: अंतिम अरदास में पहुंचीं प्रियंका ने मीडिया से बनाई दूरी, घायल गुरनाम से की बातचीत
Tue, 12 Oct 2021 10:52 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला ब्यूरो, लखीमपुर खीरी
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 12 Oct 2021 10:52 PM IST
सार
मीडियाकर्मी प्रियंका से बात करने को लगातार प्रयासरत थे तो उन्होंने खुद ही बात करने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने गुरनाम सिंह को अपने पास बुलाकर बैठाया और करीब 15 मिनट तक बातचीत की।
विज्ञापन
गुरनाम से बात करतीं प्रियंका गांधी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अंतिम अरदास में शामिल होने लखीमपुर खीरी पहुंचीं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने कार्यक्रम स्थल पर मीडिया से दूरी बनाए रखी। इस दौरान उन्होंने बवाल के दौरान घायल हुए किसान गुरनाम से बातचीत की। वह बहराइच में नानपारा के रहने वाले हैं।
कार्यक्रम स्थल पर प्रियंका गांधी के पहुंचते ही मीडिया कर्मियों में उनसे बात करने की होड़ लग गई। इससे वहां का व्यवस्थित माहौल अव्यवस्थित हो गया। मंच से बोल रहे वक्ताओं को भी संबोधन में असुविधा होने लगी तो वालंटियर्स ने जैसे-तैसे व्यवस्था संभाली।
मगर मीडियाकर्मी प्रियंका से बात करने को लगातार प्रयासरत थे तो उन्होंने खुद ही बात करने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने गुरनाम सिंह को अपने पास बुलाकर बैठाया और करीब 15 मिनट तक बातचीत की। गुरनाम सिंह ने उन्हें बताया कि उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य का रूट बदलने के बाद वे लोग धरनास्थल से वापस जा रहे थे।
विज्ञापन
इसी बीच पीछे से आई तीन कारों ने किसानों के काफिले में तबाही मचा दी। कोई कार के नीचे आकर कुचल गया तो कोई टक्कर लगने से उछलकर दूर जा गिरा। इस बवाल में उनके पैर में चोट लगी। प्रियंका गांधी ने उन्हें तसल्ली दी और कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ है। वे लोग हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं। इसके बाद उन्होंने दरबार में मत्था टेका और आगे रवाना हो गईं।
विज्ञापन
कार्यक्रम स्थल पर प्रियंका गांधी के पहुंचते ही मीडिया कर्मियों में उनसे बात करने की होड़ लग गई। इससे वहां का व्यवस्थित माहौल अव्यवस्थित हो गया। मंच से बोल रहे वक्ताओं को भी संबोधन में असुविधा होने लगी तो वालंटियर्स ने जैसे-तैसे व्यवस्था संभाली।
विज्ञापन
मगर मीडियाकर्मी प्रियंका से बात करने को लगातार प्रयासरत थे तो उन्होंने खुद ही बात करने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने गुरनाम सिंह को अपने पास बुलाकर बैठाया और करीब 15 मिनट तक बातचीत की। गुरनाम सिंह ने उन्हें बताया कि उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य का रूट बदलने के बाद वे लोग धरनास्थल से वापस जा रहे थे।
विज्ञापन
इसी बीच पीछे से आई तीन कारों ने किसानों के काफिले में तबाही मचा दी। कोई कार के नीचे आकर कुचल गया तो कोई टक्कर लगने से उछलकर दूर जा गिरा। इस बवाल में उनके पैर में चोट लगी। प्रियंका गांधी ने उन्हें तसल्ली दी और कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ है। वे लोग हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं। इसके बाद उन्होंने दरबार में मत्था टेका और आगे रवाना हो गईं।