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आईएमए के आह्वान पर बंद रहे जिले के निजी क्लीनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 02 Jan 2018 06:56 PM IST
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन(केंद्रीय नेतृत्व) के आह्वान पर इससे संबद्ध जिले के निजी अस्पताल, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर मंगलवार को बंद रहे। पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार के जन विरोधी चिकित्सा सेवा कार्य कानून आदि के विरोध में आगे भी लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया।
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संस्था सचिव डॉ. संजीव भल्ला के क्लीनिक पर एकत्र हुए पदाधिकारियों ने बैठक की, जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डॉ. रूबी मेहता ने की। उन्होंने कहा कि एक दिवसीय बंदी का निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे जन विरोधी चिकित्सा सेवा कार्य कानून, नेशनल मेडिकल काउंसलिंग के विरोध में लिया गया है। संस्था सचिव ने बताया कि केंद्र सरकार डॉक्टरों की सर्वोच्च संस्था एमसीआई को हटाकर राज्य इकाइयों को निष्प्रयोज्य करने जा रही है। इससे आम आदमी को गांव और शहर स्तर पर आसानी से मिलने वाली चिकित्सीय सुविधा महंगी और दुर्लभ होगी। वहीं प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को निरंकुश कर मनमानी फीस लेने का रास्ता सरल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सब को लेकर केंद्र सरकार की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी और डॉक्टरों के हित के लिए आगे भी लड़ाई जारी रहेगी। बैठक में डॉ. केके मिश्रा, डॉ. दिनेश दुआ, डॉ. संजय मेहरोत्रा, डॉ. अवनीश वर्मा, डॉ. अनिल वर्मा, डॉ. रमेश मेहरोत्रा समेत कई लोग मौजूद रहे।
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