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Lakhimpur Kheri News: निजी बस मालिकों ने चुनाव ड्यूटी में मांगा छह हजार रुपये भाड़ा

Sun, 21 Jan 2024 01:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jan 2024 01:18 AM IST
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Private bus owners asked for six thousand rupees fare in election duty
लखीमपुर खीरी। चुनाव ड्यूटी में बस भेजने के लिए बस मालिकों ने छह हजार रुपये किराया मांगा है। बस ऑपरेटर्स यूनियन ने इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी लखनऊ, प्रमुख सचिव परिवहन, परिवहन आयुक्त, आरटीओ लखनऊ और एआरटीओ को पत्र भेजा है। बताया कि निजी बसों को इलेक्शन ड्यूटी में सिर्फ 1793 रुपये और डीजल मिलता है। जबकि रोडवेज बस को डीजल मिलाकर करीब 27 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है।
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जिला बस ऑपरेटर्स यूनियन अध्यक्ष मनमीत सिंह राना व सचिव इंद्रजीत सिंह गिल ने बताया कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बसों को भाड़े के रूप में 1482 रुपये मिले। लोकसभा चुनाव 2019 में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर 1630 और 2022 विधानसभा चुनाव में 1793 रुपये भाड़ा भुगतान हुआ। जबकि परिवहन निगम की बसों को चार सौ किमी संचालन पर डीजल मिलाकर करीब 27 हजार रुपये का भुगतान किया गया। 400 किमी से अधिक संचालन पर करीब सात हजार रुपये अतिरिक्त का भुगतान किया जाता है। बताया कि बिहार व मध्य प्रदेश में बड़ी बसों को यहां से अधिक भाड़ा दिया जाता है।
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बड़ी बस के संचालन में प्रतिदिन खर्च होते हैं छह हजार
पत्र में बताया कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट पर एक बड़ी बस के संचालन में प्रतिदिन छह हजार रुपये से अधिक का खर्च आता है। साधारण बस 5250 व अंतरराज्यीय परमिट पर 5500 रुपये खर्च होते हैं। साधारण बस में चालक व क्लीनर के 1500 रुपये, बीमा 250 रुपये, टैक्स 250, मरम्मत 1250 और दो हजार रुपये की बचत मिलाकर 5250 रुपये होता है। इसको देखते हुए आगामी लोकसभा चुनाव की यातायात प्रबंधन में बसाें के भाड़े के तौर पर छह हजार रुपये व डीजल-ईंधन निर्धारित किए जाने की मांग की है।
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निर्वाचन आयोग पर भाड़ा भी बकाया
जिला बस ऑपरेटर्स यूनियन के अध्यक्ष मनमीत सिंह राना ने बताया कि पूर्व के चुनावों में भेजी गई बसों का भाड़ा भी बकाया है। कई पत्र भेजे गए, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। बताया कि वर्ष 2000, 2003 व बाद में हुए चुनाव में भेजी गई बसों के भाड़े के करीब 40 से 50 लाख रुपये बकाया है।
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