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Lakhimpur Kheri News: मौसम के उतार-चढ़ाव में गर्भवती महिलाओं को सावधानी जरूरी
Thu, 19 Feb 2026 11:30 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 19 Feb 2026 11:30 PM IST
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लखीमपुर खीरी। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर आम लोगों के साथ गर्भवती महिलाओं की सेहत पर भी पड़ रहा है। सुबह-शाम हल्की ठंड और दोपहर में तेज धूप के कारण सर्दी-जुकाम, बुखार, वायरल संक्रमण और कमजोरी की शिकायतें बढ़ रही हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम हो जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है।
उन्होंने सलाह दी कि गर्भवती महिलाएं सुबह-शाम ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और दोपहर की तेज धूप में अधिक देर तक बाहर न रहें। संतुलित और पौष्टिक आहार लें, जिसमें हरी सब्जियां, दालें, फल और पर्याप्त मात्रा में पानी शामिल हो। तला-भुना व बासी भोजन से परहेज करें।
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चिकित्सकों के अनुसार हल्का बुखार, लगातार खांसी, बदन दर्द या किसी भी प्रकार की असहजता होने पर स्वयं दवा न लें, बल्कि तुरंत चिकित्सक से परामर्श करें। नियमित जांच और सावधानी से मां और शिशु दोनों को स्वस्थ रखा जा सकता है।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम हो जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है।
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उन्होंने सलाह दी कि गर्भवती महिलाएं सुबह-शाम ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और दोपहर की तेज धूप में अधिक देर तक बाहर न रहें। संतुलित और पौष्टिक आहार लें, जिसमें हरी सब्जियां, दालें, फल और पर्याप्त मात्रा में पानी शामिल हो। तला-भुना व बासी भोजन से परहेज करें।
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चिकित्सकों के अनुसार हल्का बुखार, लगातार खांसी, बदन दर्द या किसी भी प्रकार की असहजता होने पर स्वयं दवा न लें, बल्कि तुरंत चिकित्सक से परामर्श करें। नियमित जांच और सावधानी से मां और शिशु दोनों को स्वस्थ रखा जा सकता है।