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Lakhimpur Kheri News: ग्रामीणों की सेवा में जुटे प्रधानी के दावेदार
Thu, 11 Dec 2025 11:12 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 11 Dec 2025 11:12 PM IST
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लखीमपुर खीरी। गांवों में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही नैं। दावेदारों में भी गजब का सेवाभाव देखने को मिला रहा है। सुबह-शाम प्रणाम-आदाब करने के लिए ग्रामीणों को दावेदार अस्पताल ले जाकर दवा दिलवा रहे हैं। कोई घर में राशन-पानी की व्यवस्था करा रहा है तो कोई रिश्तेदारी में जाने वालों के लिए वाहन भेज रहा है।
गांवों में जो लोग अभी तक किसी से बात नहीं करते थे। किसी की मदद नहीं करते थे। अब कईयों ने प्रधान बनने का सपना सजो लिया है। अब वे लोग गांव के हर वर्ग के लोगों का हालचाल ले रहे हैं। गांवों में कई बार देखने को मिल रहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर मतदाताओं के घर में कोई बीमार पड़ जाता है, तो उसे अस्पताल पहुंचाने और इलाज कराने के लिए संभावित प्रत्याशी उनके घर पहुंच रहे।
आर्थिक रूप से कमजोर मतदाता के परिवार के किसी सदस्य की मौत हो जाती है, तब भी प्रत्याशी पूरा खर्च वहन करने के लिए तैयार हैं। वे छोटे-बड़ों से संपर्क साधने के साथ ही उनका समर्थन पाने के लिए हर जुगत कर रहे हैं। अपनी मजबूती को बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद को भी पीछे नहीं हट रहे हैं।
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युवाओं को रिझाने के लिए खेल मैदान के साथ अन्य सुविधाएं देने की बात भी कहते नजर आए। गांव में देर रात चौपालें लगने लगी हैं, जिसमें गांव के लोगों व गांव के विकास पर चर्चा की जा रही है।
बेहतर विकास और बिना भेदभाव के योजना का पात्र को लाभ देने के वादे-दावे शुरू हो गए हैं। गांव में जगह-जगह लोगों को एकत्र कर समर्थन मांगा जा रहा है। लोगों का कहना है कि चुनाव में गांव की प्रगति को ध्यान में रखकर ही मतदान का प्रयोग करेंगे।
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गांवों में जो लोग अभी तक किसी से बात नहीं करते थे। किसी की मदद नहीं करते थे। अब कईयों ने प्रधान बनने का सपना सजो लिया है। अब वे लोग गांव के हर वर्ग के लोगों का हालचाल ले रहे हैं। गांवों में कई बार देखने को मिल रहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर मतदाताओं के घर में कोई बीमार पड़ जाता है, तो उसे अस्पताल पहुंचाने और इलाज कराने के लिए संभावित प्रत्याशी उनके घर पहुंच रहे।
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आर्थिक रूप से कमजोर मतदाता के परिवार के किसी सदस्य की मौत हो जाती है, तब भी प्रत्याशी पूरा खर्च वहन करने के लिए तैयार हैं। वे छोटे-बड़ों से संपर्क साधने के साथ ही उनका समर्थन पाने के लिए हर जुगत कर रहे हैं। अपनी मजबूती को बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद को भी पीछे नहीं हट रहे हैं।
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युवाओं को रिझाने के लिए खेल मैदान के साथ अन्य सुविधाएं देने की बात भी कहते नजर आए। गांव में देर रात चौपालें लगने लगी हैं, जिसमें गांव के लोगों व गांव के विकास पर चर्चा की जा रही है।
बेहतर विकास और बिना भेदभाव के योजना का पात्र को लाभ देने के वादे-दावे शुरू हो गए हैं। गांव में जगह-जगह लोगों को एकत्र कर समर्थन मांगा जा रहा है। लोगों का कहना है कि चुनाव में गांव की प्रगति को ध्यान में रखकर ही मतदान का प्रयोग करेंगे।