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कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनी बिजली

Sat, 06 Jun 2015 07:00 PM IST
लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी Updated Sat, 06 Jun 2015 07:00 PM IST
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Power remains challenging for law and order
लखीमपुर शहर की बिजली सप्लाई बुरी तरह चरमरा गई है, इससे लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। खासकर रात में पांच-पांच घंटे की इमरजेंसी कटौती होने के कारण बिजली कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही है। बिजली अधिकारियों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो व्यवस्था संभालना मुश्किल हो जाएगा।
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शहर में पिछले 24 घंटे में 12 से 13 घंटे ही बिजली मिल पाई। सप्लाई का जो शेड्यूल निर्धारित है, उसमें भी कई घंटे कटौती की जा रही है। इससे भीषण गर्मी में लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। पिछले दिनों डीएम की पहल पर सिस्टम कंट्रोल ने शहर के शेड्यूल में बदलाव किया था, जिसके बाद बिजली अधिकारियों ने रात में बिजली कटौती नहीं किए जाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन पिछले कई दिनों से रात में पांच से छह घंटे की कटौती की जा रही है। शुक्रवार की रात कटौती से लोगों की नींद हराम हो गई। गर्मी के कारण लोग घर से बाहर सड़कों पर घूमते नजर आए। आधी रात करीब एक बजे बिजली सप्लाई बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद शनिवार की सुबह सात बजे ही फिर रोस्टिरिंग का शेड्यूल लागू कर दिया गया। जिससे पेयजल की समस्या से भी लोगों को जूझना पड़ा। पिछले कई दिनों से शहर में इमरजेंसी कटौती लागू होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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मनाइए कि रात में न हो फाल्ट
शहरी उपकेंद्रों का बुरा हाल है। खासकर नई बस्ती और गढ़ी उपकेंद्र की हालत बेहद खराब है। वैसे तो संविदा कर्मियों के रूप में नई बस्ती, गढ़ी और ईदगाह पर 21-21 लोग रखे गए हैं लेकिन रात में बिजली फाल्ट होने पर इन उपकेंद्रों पर सिर्फ दो ही संविदा कर्मी मिलते हैं। इन्हीं दोनों कर्मियों पर पूरे क्षेत्र की बिजली फाल्ट को ठीक करने का जिम्मा रहता है। ऐसे में फाल्ट आने पर उसे ठीक होने में कई घंटे बीत जाते हैं और अगर रोस्टरिंग हुई तो पूरी रात फाल्ट सही कराने के लिए जागना पड़ता है।
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जेई, नई बस्ती मनोज पुष्कर ने बताया कि इमरजेंसी रोस्टिरिंग होने से पिछले कई दिनों से बिजली कटौती बढ़ी है। वैसे आम तौर पर बिजली सप्लाई सही समय पर दी जाती है। रात के समय उपकेंद्र्रों पर संविदा कर्मियों की कमी की शिकायत पर छानबीन की जाएगी। अगर संविदा कर्मी गायब रहते हैं तो संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई होगी।

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