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Lakhimpur Kheri News: 15 घंटे बाद पोस्टमाॅर्टम, फिर हुआ अंतिम संस्कार
Mon, 15 Jun 2026 11:14 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:14 PM IST
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मृतक के घर के रोते बिलखते परिजन। संवाद
भीरा। रामनगर कलां में बाघ के हमले में जान गंवाने वाले किसान रामदीन कश्यप का पोस्टमाॅर्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजन हमलावर बाघ को पकड़ने की मांग पर अड़े थे और शव उठाने से इनकार कर रहे थे। घटना के करीब 15 घंटे बाद सोमवार सुबह शव पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा गया।
सोमवार तड़के पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों के सुरक्षा संबंधी आश्वासन के बाद परिजन शव पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजने के लिए तैयार हुए। पोस्टमॉर्टम के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी राजकुमारी, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
मृतक के परिवार को सांत्वना देने के लिए सांसद उत्कर्ष वर्मा और सपा विधायक विनय तिवारी रामनगर कलां पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग से क्षेत्र में वन्यजीवों की निगरानी बढ़ाने, अतिरिक्त पिंजरे लगाने और गश्त तेज करने की मांग की। साथ ही तहसील प्रशासन से परिवार को आवास और अन्य सरकारी सहायता उपलब्ध कराने को कहा।
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क्षेत्रीय विधायक अमन गिरि के गांव न पहुंचने को लेकर कुछ ग्रामीणों और परिजनों ने नाराजगी जताई। सांसद उत्कर्ष वर्मा और विधायक विनय तिवारी ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
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16 घंटे तक डटी रही पुलिस
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश बना रहा। स्थिति को देखते हुए भीरा थाना प्रभारी रोहित दुबे और बिजुआ चौकी प्रभारी सुशील तिवारी करीब 16 घंटे तक मौके पर डटे रहे। पुलिस अधिकारियों ने लगातार वार्ता कर परिजनों और ग्रामीणों को समझाया। काफी मशक्कत के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
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वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
मझगई रेंज के रेंजर अंकित कुमार सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है। अब तक दो पिंजरे लगाए जा चुके हैं और तीसरा पिंजरा भी लगाया जा रहा है। सुबह ड्रोन से पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई। घटना स्थल और आसपास के इलाके में कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। वन विभाग की टीम लगातार मौके पर मौजूद है।
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कुछ घंटों में खुशियों से मातम में बदला घर
रामदीन कश्यप अपने पीछे तीन पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद सभी बच्चों की परवरिश की और तीनों बेटों व एक बेटी का विवाह कराया। आर्थिक रूप से साधारण परिवार से जुड़े रामदीन के पास अधिक कृषि भूमि नहीं थी। मजदूरी ही परिवार की आजीविका का मुख्य साधन थी। परिजनों के अनुसार, सोमवार सुबह तक घर में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ ही घंटों में पूरा परिवार गम में डूब गया।
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ग्रामीणों ने रेंज सीमाओं पर उठाए सवाल
ग्रामीणों ने भीरा, गोला और मझगई रेंज की सीमाओं को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि किसी घटना के बाद क्षेत्राधिकार को लेकर भ्रम की स्थिति बनती है, जिससे कार्रवाई में देरी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक माह पूर्व क्षेत्र में तेंदुए के हमले में एक बच्चे की मौत हुई थी। उस समय भी पिंजरा लगाया गया था, लेकिन वन्यजीव पकड़ में नहीं आया। वन विभाग का कहना है कि सोमवार सुबह से तीनों रेंजों की टीमें मौके पर मौजूद रहीं और निगरानी जारी है।
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सोमवार तड़के पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों के सुरक्षा संबंधी आश्वासन के बाद परिजन शव पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजने के लिए तैयार हुए। पोस्टमॉर्टम के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी राजकुमारी, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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मृतक के परिवार को सांत्वना देने के लिए सांसद उत्कर्ष वर्मा और सपा विधायक विनय तिवारी रामनगर कलां पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग से क्षेत्र में वन्यजीवों की निगरानी बढ़ाने, अतिरिक्त पिंजरे लगाने और गश्त तेज करने की मांग की। साथ ही तहसील प्रशासन से परिवार को आवास और अन्य सरकारी सहायता उपलब्ध कराने को कहा।
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क्षेत्रीय विधायक अमन गिरि के गांव न पहुंचने को लेकर कुछ ग्रामीणों और परिजनों ने नाराजगी जताई। सांसद उत्कर्ष वर्मा और विधायक विनय तिवारी ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
16 घंटे तक डटी रही पुलिस
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश बना रहा। स्थिति को देखते हुए भीरा थाना प्रभारी रोहित दुबे और बिजुआ चौकी प्रभारी सुशील तिवारी करीब 16 घंटे तक मौके पर डटे रहे। पुलिस अधिकारियों ने लगातार वार्ता कर परिजनों और ग्रामीणों को समझाया। काफी मशक्कत के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
मझगई रेंज के रेंजर अंकित कुमार सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है। अब तक दो पिंजरे लगाए जा चुके हैं और तीसरा पिंजरा भी लगाया जा रहा है। सुबह ड्रोन से पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई। घटना स्थल और आसपास के इलाके में कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। वन विभाग की टीम लगातार मौके पर मौजूद है।
कुछ घंटों में खुशियों से मातम में बदला घर
रामदीन कश्यप अपने पीछे तीन पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद सभी बच्चों की परवरिश की और तीनों बेटों व एक बेटी का विवाह कराया। आर्थिक रूप से साधारण परिवार से जुड़े रामदीन के पास अधिक कृषि भूमि नहीं थी। मजदूरी ही परिवार की आजीविका का मुख्य साधन थी। परिजनों के अनुसार, सोमवार सुबह तक घर में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ ही घंटों में पूरा परिवार गम में डूब गया।
ग्रामीणों ने रेंज सीमाओं पर उठाए सवाल
ग्रामीणों ने भीरा, गोला और मझगई रेंज की सीमाओं को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि किसी घटना के बाद क्षेत्राधिकार को लेकर भ्रम की स्थिति बनती है, जिससे कार्रवाई में देरी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक माह पूर्व क्षेत्र में तेंदुए के हमले में एक बच्चे की मौत हुई थी। उस समय भी पिंजरा लगाया गया था, लेकिन वन्यजीव पकड़ में नहीं आया। वन विभाग का कहना है कि सोमवार सुबह से तीनों रेंजों की टीमें मौके पर मौजूद रहीं और निगरानी जारी है।

मृतक के घर के रोते बिलखते परिजन। संवाद

मृतक के घर के रोते बिलखते परिजन। संवाद