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सुबहृ-शाम छा रही धुंध हवा को बना रही जहरीला, सांस के रोगियों का बढ़ा संकट
Sat, 07 Nov 2020 01:48 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 07 Nov 2020 01:48 AM IST
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शहुपरा कोठी चौराहा पर शुक्रवार रात छाई धुंध...
- फोटो : amar ujala
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सुबह शाम छा रही धुंध इस बात का प्रमाण है कि जिले में प्रदूषण का स्तर दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सांस और दमा रोगियों की दिक्कत बढ़ गई है। भले ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदूषण मापने के लिए जिले में सेंसर न लगाए हों, लेकिन जिस तरह से सुबह और शाम को धुंध छा रही है उसको देखकर जिले की एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 400 के आस पास होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हवा में बढ़ता प्रदूषण जिलेवासियों के लिए एक नई मुसीबत बन गया है। यदि इसकी रोकथाम को लेकर अभी से आवश्यक कदम न उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयानक हो सकती है।
बढ़ते प्रदूषण से जिले ही आबोहवा खराब होने लगी है। इसका प्रमुख कारण कोल्हू, चीनी मिलें, ईंट भट्ठे, धान मिल, प्लाईवुड फैक्टरी की धुंआ उगलती चिमनियां और मानकों की अनदेखी कर होने वाला सड़क व हाईवे का निर्माण है। धुएं और मिट्टी के कण सुबह शाम धुंध छाने का कारण बन रहे हैं। इसको लेकर न तो न तो जिला प्रशासन चेत रहा है और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी। ऐसे में सुबह और शाम के समय बेहद सावधान रहने की जरूरत है। कोरोना काल में प्रदूषण कहीं मुसीबत न बढ़ा दे, इसलिए घर से बाहर बिना मास्क लगाकर कदापि न निकलें।
क्या है एक्यूआई
वायु की गुणवत्ता माप के लिए विभिन्न शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स बनाए गए हैं। यह शहरों की वायु की गुणवत्ता मापते हैं और बताते हैं कि वायु में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से निर्धारित मापदंड से अधिक है या नहीं। इसी के आधार पर हवा की गुणवत्ता मापी जाती है।
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ऐसी स्थिति में यह रखे सावधानी
-डॉ. आईके राम चंदानी, फिजीशियन
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बढ़ते प्रदूषण से जिले ही आबोहवा खराब होने लगी है। इसका प्रमुख कारण कोल्हू, चीनी मिलें, ईंट भट्ठे, धान मिल, प्लाईवुड फैक्टरी की धुंआ उगलती चिमनियां और मानकों की अनदेखी कर होने वाला सड़क व हाईवे का निर्माण है। धुएं और मिट्टी के कण सुबह शाम धुंध छाने का कारण बन रहे हैं। इसको लेकर न तो न तो जिला प्रशासन चेत रहा है और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी। ऐसे में सुबह और शाम के समय बेहद सावधान रहने की जरूरत है। कोरोना काल में प्रदूषण कहीं मुसीबत न बढ़ा दे, इसलिए घर से बाहर बिना मास्क लगाकर कदापि न निकलें।
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क्या है एक्यूआई
वायु की गुणवत्ता माप के लिए विभिन्न शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स बनाए गए हैं। यह शहरों की वायु की गुणवत्ता मापते हैं और बताते हैं कि वायु में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से निर्धारित मापदंड से अधिक है या नहीं। इसी के आधार पर हवा की गुणवत्ता मापी जाती है।
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ऐसी स्थिति में यह रखे सावधानी
- बुजुर्ग सुबह टहलने से बचें और घर की खिड़कियां दरवाजे बंद रखें।
- धूप निकलने के बाद ही घर से निकलें।
- कोरोना को मात देने वाले लोग घर से कम ही निकलें।
- बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर मास्क लगाकर निकलें।
- अस्थमा और दमा के मरीज इन्हेलर का प्रयोग कर दवाओं का सेवन करते रहें।
-डॉ. आईके राम चंदानी, फिजीशियन