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सफाई अभियान पर लाखों खर्च, निर्मल नहीं हो पाई गोमती
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जतनगंज पुल के पास अत्यंत मैली गोमती नदी
- फोटो : LAKHIMPUR
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मैगलगंज। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद पसगवां ब्लॉक में गोमती नदी का सफाई अभियान सफल नहीं हो पाया है। नदी को अविरल और निर्मल बनाने से नाम पर गोमती नदी के किनारे बसी ग्राम पंचायतों ने मनरेगा के धन को पानी की तरह बहाया। अधिकारियों और प्रधानों ने खूब बंदरबांट किया। पंचायत सचिवों ने भी बहती गंगा में हाथ धोया, लेकिन गोमती का कायाकल्प नहीं हो सका।
गोमती के किनारे बसे ग्रामीणों ने बताया कि सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। सफाई अभियान के नाम पर मनरेगा के जॉब कार्ड धारक मजदूरों को ले जाकर नदियों से मछलियों का शिकार कराया गया और घाटों पर दावतों का दौर चला। गोमती आज भी मैली है। इसमें स्नान करना तो दूर हाथ धोना तक मुश्किल है। आदि गंगा के नाम से पहचानी जाने वाली गोमती में लोग स्नान करने के लिए दूर-दूर से आते हैं, लेकिन नदी को गंदगी से भरी देखकर इसमें नहाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। महज पवित्रता के लिए कुछ बूंदें छिड़क कर काम चला रहे हैं।
ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत अब्बासपुर, अलियापुर, सेमरा घाट, दरियाबाद, नकटी, प्रकाशनगर, मकसूदपुर, चपरतला, जमुनिया शहबाज, जमुनिया रना और नयागांव ग्राम पंचायत से मढियाघाट धाम पर भी सफाई कार्य किया था, लेकिन यह सब कार्य केवल कागजों में ही किया गया है। इस मामले पर संबंधित पंचायत विकास अधिकारी ने बताया कि इस्टीमेट की उच्चाधिकारियों से मंजूरी के बाद काम होता है।
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उधर, बीडीओ प्रदीप चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और प्रधानों ने गोमती सफाई अभियान चलाया था। इसके लिए जो इस्टीमेट बना था, उसी के अनुसार काम हुआ है। इस्टीमेट उन्हीं के पास है।
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गोमती के किनारे बसे ग्रामीणों ने बताया कि सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। सफाई अभियान के नाम पर मनरेगा के जॉब कार्ड धारक मजदूरों को ले जाकर नदियों से मछलियों का शिकार कराया गया और घाटों पर दावतों का दौर चला। गोमती आज भी मैली है। इसमें स्नान करना तो दूर हाथ धोना तक मुश्किल है। आदि गंगा के नाम से पहचानी जाने वाली गोमती में लोग स्नान करने के लिए दूर-दूर से आते हैं, लेकिन नदी को गंदगी से भरी देखकर इसमें नहाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। महज पवित्रता के लिए कुछ बूंदें छिड़क कर काम चला रहे हैं।
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ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत अब्बासपुर, अलियापुर, सेमरा घाट, दरियाबाद, नकटी, प्रकाशनगर, मकसूदपुर, चपरतला, जमुनिया शहबाज, जमुनिया रना और नयागांव ग्राम पंचायत से मढियाघाट धाम पर भी सफाई कार्य किया था, लेकिन यह सब कार्य केवल कागजों में ही किया गया है। इस मामले पर संबंधित पंचायत विकास अधिकारी ने बताया कि इस्टीमेट की उच्चाधिकारियों से मंजूरी के बाद काम होता है।
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उधर, बीडीओ प्रदीप चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और प्रधानों ने गोमती सफाई अभियान चलाया था। इसके लिए जो इस्टीमेट बना था, उसी के अनुसार काम हुआ है। इस्टीमेट उन्हीं के पास है।