लखीमपुर खीरी में भीषण हादसा: पिकअप और निजी बस की जोरदार भिड़ंत, तीन मजदूरों की मौत, 22 घायल
लखीमपुर खीरी में लालपुर के पास मंगलवार रात गोला हाईवे पर भीषण हादसा हो गया। निजी बस और पिकअप वाहन की टक्कर से तीन मजदूरों की मौत हो गई। 22 लोग घायल हुए हैं।
विस्तार
लखीमपुर खीरी जिले में मंगलवार रात लालपुर के पास पिकअप और निजी बस की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में जहां तीन लोगों की मृत्यु हो गई। जबकि 22 लोग घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा।
राजापुर के समीप से एक पिकअप करीब 25 मजदूरों को लेकर पंजाब के लिए रवाना हुई थी। सभी मजदूर वहां धान रोपाई का काम करने के लिए जा रहे थे। जैसे ही पिकअप लालपुर के पास पहुंची। तभी पिकअप सामने से आ रही एक निजी बस की चपेट में आ गई। बस मोहम्मदी से लखीमपुर सवारी लेकर आ रही थी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए। वहीं बस का अगला हिस्सा भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। दोनों वाहनों के बीच हुई टक्कर के बाद लोग पिकअप में फंसे तड़पते रहे। खून से सने लोगों में चीख-पुकार मच गई।
इनकी हुई मौत
हादसे में कल्लू पुत्र रामलोटन की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे सीओ रमेश कुमार तिवारी सहित फोर्स मौके पर पहुंचे व क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर मार्ग खुलवाया। एंबुलेंस से सभी घायलों को जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टर ने सूरज (20) पुत्र वीरेंद्र कुमार निवासी खगिया कोतवाली धौरहरा को मृत घोषित कर दिया। वहीं, संदीप राज पुत्र साधु राज ने लखनऊ ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। 11 घायलों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। शेष को छुट्टी दे दी गई है।
अनियंत्रित गति और अधिक सवारियां बनीं हादसे का मुख्य कारण
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी बोले कि बस और पिकअप दोनों ही काफी तेज गति से आ रहे थे। इतना ही नहीं दोनों वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी हुई थीं। माना जा रहा है कि अगर वाहनों की स्पीड नियंत्रण में होती तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था।
राजपुर चौराहे से एक पिकअप जो कि पंजाब के लिए रवाना हो रही थी। वह मजदूरों को धान लगाने के लिए लेकर जा रही थी। बताया जाता है कि एक ठेकेदार ने सभी मजदूरों को चंद पैसों का लालच देकर पिकअप में बिठाकर पंजाब के लिए रवाना किया था। सभी सकुशल पंजाब पहुंचते इससे पहले ही हादसे का शिकार हो गए।
- अवधेश (65) पुत्र देवेंद्र निवासी कंचनपुर सदर कोतवाली, लखीमपुर।
- अंकित (35) पुत्र रामपाल निवासी ख़गियापुर, कोतवाली धौरहरा।
- इंद्रमोहन (38) पुत्र महेश प्रसाद, निवासी सुल्तानपुर, थाना लहरपुर, जिला सीतापुर।
- कन्हैयालाल (21) पुत्र सालिगराम, निवासी कमलापुर, सदर कोतवाली लखीमपुर।
- गेंदुराज (19) पुत्र साधुराज, ख़गियापुर, कोतवाली धौरहरा।
- संजय (22) पुत्र रामपाल निवासी ख़गियापुर कोतवाली धौरहरा।
- बिट्टूलाल (26) पुत्र ईश्वर दीन निवासी कमलापुर सदर कोतवाली लखीमपुर।
- शंभू (40) पुत्र बांकेलाल निवासी निघासन।
- बबलू (20) पुत्र अर्जुन निवासी निघासन
- दीपू (30) पुत्र प्रमोद निवासी निघासन
- सर्वेश (32) पुत्र गोहरी निवासी निघासन
- नीरज (27) पुत्र मोहरीलाल खटियापुर कोतवाली धौरहरा
- सुखचैन सिंह (32) पुत्र जंगीर सिंह निवासी अगेती पंजाब
- दीपू (40) पुत्र देवा निवासी बहैया बहरामपुर।