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‘जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का वक्त’
ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 12 Apr 2016 11:16 PM IST
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ग्राम प्रधानों
- फोटो : अमर उजाला
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डीएम ने कहा, योजनाओं और अधिकारों को जानकर बनाइए कार्ययोजना
कभी भी संपर्क कर समस्याओं से अवगत करा सकते हैं ग्राम प्रधान
नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के क्षमता विकास के लिए कृषि मंडी राजापुर में मंगलवार को पंचायतीराज विभाग के तत्वावधान में प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीएम आकाशदीप ने ग्राम प्रधानों से कहा कि जिस उम्मीद से जनता ने उन्हें जिताकर अपना प्रतिनिधि बनाया है, उस उम्मीद पर खरा उतरने का यह सही समय है। कहा कि ग्राम प्रधान गांव के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार की ओर से संचालित योजनाओं को लागू कर गांव को विकास पथ पर आगे ले जाने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों की है। हमारा देश गांवों में बसता है। इसलिए जरूरी है कि नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ गांवों का विकास हो। इसके लिए ग्राम प्रधानों की क्षमता में विकास करना बेहद जरूरी है। डीएम आकाशदीप ने दीप जलाकर प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रधानों से विकास कार्यों में जुटने का आह्वान करते हुए कहा कि ग्राम प्रधान सरकारी योजनाओं और अधिकारों के बारे में भलिभांति समझ लें। साथ ही भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के लिए प्रशासन का दरवाजा हमेशा खुला है। वह जब चाहें संपर्क कर सकते हैं। डीएम ने कार्यशाला के मुख्य उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा कि ग्राम प्रधानों को पंचायती राज अधिनियम/नियमावली से संबंधित प्रावधानों से परिचित कराया जाए ताकि प्रधानों को ग्राम पंचायतों की बैठकों के आयोजन, पंचायतों के कार्य, ग्राम प्रधान के दायित्वों, पंचायतों के आय के श्रोत, बजट योजना निर्माण तथा अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया के बारे में जानकारी हो सके। डीएम ने कहा कि गांव के विकास में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है गांव कैसा दिखेगा यह निर्णय आपका होगा। सड़क, शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य, मिड डे मील, गरीब निराश्रितों को आवास, पेंशन आदि योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचे। प्रभारी सीडीओ ने प्रधानों से अपील की कि प्रशिक्षण कार्यशाला का सदुपयोग करते हुए यहां पर बताई गई अच्छी बातों को गांवों तक लेकर जाएं और उसकी जानकारी दूसरे व्यक्तियों को भी दें। उन्होंने कहा कि प्रधानों को वित्तीय वर्ष 2015-16 का पूरा बजट दे दिया गया है। कार्यशाला में कृषि विभाग के डीडी डॉ शिवकुमार केसरी ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। डीपीआरओ सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने पंचायती राज नियमावली एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इसी प्रकार सीएमओ डॉ अरुण कुमार, डीएसओ डॉ आरके तिवारी, बीएसए डॉ ओपी राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी ओपी सिंह ने शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस दौरान ज्वांइट मजिस्ट्रेट अंकित अग्रवाल, जिला विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, एएसडीएम पल्लवी मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
आईडी जनरेट किए जाने का प्रधानों ने किया विरोध
प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान ग्राम प्रधानों ने राज्य वित्त आयोग में आईडी जनरेट करने का विरोध किया। अधिकारियों के संबोधन के बीच में ही निघासन ब्लाक के रकेहटी के प्रधान ज्वाला प्रसाद गुप्ता ने कहा कि इससे प्रधानों पर पाबंदी लगाई जा रही है। प्रधान अपने हिसाब से विकास कार्य नहीं करा सकते हैं। जबकि कहीं भी आईडी जनरेट नहीं हुई है। 14वें वित्त आयोग की कार्ययोजना सांसद और विधायक निधि के तर्ज पर किए जाने की मांग की गई। बैंक के प्रमाणीकरण पर प्रधानों से सवाल उठाया। मनरेगा में भुगतान में देरी करने, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में छूटे हुए लोगों को शामिल करने तथा प्रधानों के लिए शस्त्र लाइसेंस देने की मांग की गई।
प्रधानों ने डीएम के साथ ली सेल्फी
मंच पर संबोधन के बाद डीएम प्रधानों के बीच से होकर गुजरे और कई प्रधानों से हाथ मिलाकर उनका हालचाल भी पूछा। डीएम के इस रुख के बाद उनसे मिलने के लिए प्रधानों में होड़ लग गई। कई प्रधानों ने तो उनके साथ सेल्फी ली और ग्राम पंचायत में आने का न्योता भी दिया।
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लक्जरी कार में सवार होकर आए प्रधान जी
प्रशिक्षण शिविर के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मंगलवार को राजापुर मंडी परिसर में दर्जनों ग्राम प्रधान एसी से लैस लक्जरी कार में सवार होकर आए थे। चुनाव जीतने के बाद ग्राम प्रधानों में आए इस बदलाव को लेकर मंडी परिसर में खासी चर्चा रही।
कभी भी संपर्क कर समस्याओं से अवगत करा सकते हैं ग्राम प्रधान
नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के क्षमता विकास के लिए कृषि मंडी राजापुर में मंगलवार को पंचायतीराज विभाग के तत्वावधान में प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीएम आकाशदीप ने ग्राम प्रधानों से कहा कि जिस उम्मीद से जनता ने उन्हें जिताकर अपना प्रतिनिधि बनाया है, उस उम्मीद पर खरा उतरने का यह सही समय है। कहा कि ग्राम प्रधान गांव के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार की ओर से संचालित योजनाओं को लागू कर गांव को विकास पथ पर आगे ले जाने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों की है। हमारा देश गांवों में बसता है। इसलिए जरूरी है कि नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ गांवों का विकास हो। इसके लिए ग्राम प्रधानों की क्षमता में विकास करना बेहद जरूरी है। डीएम आकाशदीप ने दीप जलाकर प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रधानों से विकास कार्यों में जुटने का आह्वान करते हुए कहा कि ग्राम प्रधान सरकारी योजनाओं और अधिकारों के बारे में भलिभांति समझ लें। साथ ही भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के लिए प्रशासन का दरवाजा हमेशा खुला है। वह जब चाहें संपर्क कर सकते हैं। डीएम ने कार्यशाला के मुख्य उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा कि ग्राम प्रधानों को पंचायती राज अधिनियम/नियमावली से संबंधित प्रावधानों से परिचित कराया जाए ताकि प्रधानों को ग्राम पंचायतों की बैठकों के आयोजन, पंचायतों के कार्य, ग्राम प्रधान के दायित्वों, पंचायतों के आय के श्रोत, बजट योजना निर्माण तथा अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया के बारे में जानकारी हो सके। डीएम ने कहा कि गांव के विकास में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है गांव कैसा दिखेगा यह निर्णय आपका होगा। सड़क, शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य, मिड डे मील, गरीब निराश्रितों को आवास, पेंशन आदि योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचे। प्रभारी सीडीओ ने प्रधानों से अपील की कि प्रशिक्षण कार्यशाला का सदुपयोग करते हुए यहां पर बताई गई अच्छी बातों को गांवों तक लेकर जाएं और उसकी जानकारी दूसरे व्यक्तियों को भी दें। उन्होंने कहा कि प्रधानों को वित्तीय वर्ष 2015-16 का पूरा बजट दे दिया गया है। कार्यशाला में कृषि विभाग के डीडी डॉ शिवकुमार केसरी ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। डीपीआरओ सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने पंचायती राज नियमावली एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इसी प्रकार सीएमओ डॉ अरुण कुमार, डीएसओ डॉ आरके तिवारी, बीएसए डॉ ओपी राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी ओपी सिंह ने शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस दौरान ज्वांइट मजिस्ट्रेट अंकित अग्रवाल, जिला विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, एएसडीएम पल्लवी मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
आईडी जनरेट किए जाने का प्रधानों ने किया विरोध
प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान ग्राम प्रधानों ने राज्य वित्त आयोग में आईडी जनरेट करने का विरोध किया। अधिकारियों के संबोधन के बीच में ही निघासन ब्लाक के रकेहटी के प्रधान ज्वाला प्रसाद गुप्ता ने कहा कि इससे प्रधानों पर पाबंदी लगाई जा रही है। प्रधान अपने हिसाब से विकास कार्य नहीं करा सकते हैं। जबकि कहीं भी आईडी जनरेट नहीं हुई है। 14वें वित्त आयोग की कार्ययोजना सांसद और विधायक निधि के तर्ज पर किए जाने की मांग की गई। बैंक के प्रमाणीकरण पर प्रधानों से सवाल उठाया। मनरेगा में भुगतान में देरी करने, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में छूटे हुए लोगों को शामिल करने तथा प्रधानों के लिए शस्त्र लाइसेंस देने की मांग की गई।
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प्रधानों ने डीएम के साथ ली सेल्फी
मंच पर संबोधन के बाद डीएम प्रधानों के बीच से होकर गुजरे और कई प्रधानों से हाथ मिलाकर उनका हालचाल भी पूछा। डीएम के इस रुख के बाद उनसे मिलने के लिए प्रधानों में होड़ लग गई। कई प्रधानों ने तो उनके साथ सेल्फी ली और ग्राम पंचायत में आने का न्योता भी दिया।
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लक्जरी कार में सवार होकर आए प्रधान जी
प्रशिक्षण शिविर के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मंगलवार को राजापुर मंडी परिसर में दर्जनों ग्राम प्रधान एसी से लैस लक्जरी कार में सवार होकर आए थे। चुनाव जीतने के बाद ग्राम प्रधानों में आए इस बदलाव को लेकर मंडी परिसर में खासी चर्चा रही।