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Lakhimpur Kheri News: 252 गांवों के लोग पानी नहीं, जहर पी रहे

Sun, 24 Mar 2024 01:57 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 24 Mar 2024 01:57 AM IST
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People of 176 revenue villages are drinking arsenic tainted water.
लखीमपुर खीरी। जिले के 252 गांवों के लोग पानी नहीं, जहर पी रहे हैं। 176 गांवों के पानी में आर्सेनिक तो 76 गांवों के पानी में फ्लोराइड पाया गया है। जल निगम ग्रामीण की प्रयोगशाला के मुताबिक, इन गांवों का पानी पीने लायक नहीं है। आर्सेनिक और फ्लोराइड युक्त पानी पीने से पेट के विभिन्न रोगों के साथ कैंसर तक हो सकता है। हालांंकि विभागीय अफसरों का दावा है कि आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल के लिए पाइपलाइन बिछाए जाने का काम चल रहा है।
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जनपद लखीमपुर तराई बेल्ट है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों का पानी दूषित हैं। जनपद की पलिया, निघासन, धौराहरा, ईसानगर, लखीमपुर, पलिया, रमियाबेहड ब्लॉक क्षेत्र की 53 ग्राम पंचायतों के 176 गांव के कुछ हिस्सों में आर्सेनिक युक्त पानी आ रहा है। धौरहरा, ईसानगर, लखीमपुर, नकहा, फूलबेहड़ की 43 ग्राम पंचायतों के 76 गांव में फ्लोराइड युक्त पानी मिल रहा है है, जो लोगों की सेहत खराब कर रहा है। इस बात की पुष्टि जल निगम की प्रयोगशाला की जांच में हुई है। अफसरों के मुताबिक पानी में आर्सेनिक और फ्लोराइड की मुख्य वजह शारदा, घाघरा व अन्य नदियां हैं। शारदा, घाघरा नदियों के क्षेत्र के गांव प्रभावित हैं।
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इन गांवों का पानी प्रदूषित
ईसानगर ब्लॉक के बहेलिया, बीर सिंहपुर, चहलोर, धरिगापुर, ईशानगर, खौरातीपुरवा, लौकही गांव का पानी प्रदूषित है। ब्लॉक धौरहरा के मिलिक, मिर्जापुर मल्लापुर, ओझापुरवा, पलिया, परसिया, रुद्रपुर सलीम, सरपतहा और ब्लॉक लखीमपुर के कैमाहरा, ब्लॉक निघासन के बंगलहा कुटी, बैलहा, बम्हनपुरवा, धर्मपुर, खैरहना गांव का पानी पीने लायक नहीं है। ब्लॉक पलिया के बबौरा, बसंतापुर कलान, छोटैया, फरसइया, घोला, मगहागी, मानकपुर, मालेनया, माहुरा, मिर्छा, निबौआ बोघ, पलियाकला, पलिया खुद, पठिहान, सिंगाही खुर्द, सुमेरनगर कॉलोनी, त्रिलोकपुर और ब्लॉक रमिया बेहड़ के ग्राम पंचायत गुलरिया तालुके, जंगल महतेरा, जटपुरा, नैनापुर, परौरी, सुजानपुर, तेलीयार का पानी प्रदूषित है।
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इन गांवों के पानी में फ्लोराइड
धौराहरा ब्लॉक के अदलीशपुर, अमेठी, हसनपुर, कलुआपुर, केशावरपुर, कुम्हौरा, मटेहना, महूशेरपुर, नयागांव, रसूलपुर, पैंकापुर, सरिया, शेखापुर, सिसैया कला, अचकौन, ब्लॉक ईसानगर के बैसहा, नकैहिया, ब्लॉक लखीमपुर में अटकोहना, अटैहना, बेलपुर, हसनपुर, मथना, मूड़ा बुजुर्ग, फत्तेपुर, मुर्तिहा, कोरिया चौमारा, साकेथु, सेमाई, मनिकापुर, कैमाखुद ब्लॉक नकहा, भोजेपुर, गरौसा, गौरिया बहिलाम, जमुनिया, कोठिया, नैमापुर नकटा, सुहेला, कीरतपुर, फूलबेहड़ ब्लॉक के सफीपुर, रमियाबेहड़ ब्लॉक के जमौहरा, जंगल सुजानपुर के पानी में फ्लोराइड मिला है।
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ये होती हैं बीमारियां
दूषित पानी पीने की वजह से करीब हर घर में कोई न कोई बीमार है। इसमें गुर्दे, लीवर, गॉलब्लेडर से लेकर गर्भाशय समेत कई अंदरूनी अंगों की बीमारियां आम हैं। आर्सेनिक पानी से जहां कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा करता है तो फ्लोराइड युक्त पानी के इस्तेमाल से हड्डी के रोग बढ़ते हैं।

पानी उबालकर करें इस्तेमाल
जिला अस्पताल के डॉ. रोहित पाठक ने बताया कि आर्सेनिक युक्त पानी से कैंसर जैसे गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है। फ्लोराइड की वजह से हड्डी रोग होते है। ओपीडी में ऐसे काफी मरीज आते हैं। लगातार दूषित पानी पीने से यह बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं। जिन पर दवाएं भी असर नहीं करती हैं। ऐसे में पानी या तो आरओ का इस्तेमाल करें या फिर उबालकर पियें।
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शुद्ध पेयजल के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन
जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता योगेंद्र कुमार नीरज ने बताया कि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जिलेभर में पाइप लाइन बिछाई जा रही है। आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रभावित गांवों में यह काम प्राथामिकता से कराए जा रहे हैं, ताकि उनको जल्द से जल्द शुद्ध पानी मिल सके। शुद्ध पेयजल के लिए चिह्नित क्षेत्रों में ट्यूबवेल लगाए जा रहे हैं। पानी के लिए टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है। ट्यूबवेल के लिए बोरिंग की गहराई 275 मीटर होती है। जनपद में 258 परियोजनाओं का काम पूरा हो चुका है और 310 परियोजनाओं का काम प्रगति पर है।


पानी की जांच के लिए बनी है प्रयोगशाला
लालपुर स्टेडियम के पीछे जल निगम ग्रामीण का कार्यालय है। इसके परिसर में पानी की जांच के लिए प्रयोगशाला है। यहां पर कोई भी पानी की जांच करा सकता है। जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता योगेंद्र कुमार नीरज ने बताया कि इस प्रयोगशाला में 17 प्रकार की जांचें की जाती है।
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