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गरीब मजदूर के परिवार की मदद को आगे आए लोग
अमर उजाला ब्यूरेा खीरी टाउन।
Updated Sat, 11 Feb 2017 11:10 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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श्यामलाल पुरवा में युवक की इलाज के अभाव में हो गई थी मौत
खीरी कस्बे के मोहल्ला श्यामलाल पुरवा में एक गरीब की इलाज के अभाव में मौत हो गई। युवक छज्जे से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। वह अपना घर 82 हजार रुपये में गिरवी रखकर इलाज कराने लखनऊ पहुंचा। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
खीरी कस्बे के मोहल्ला श्यामलाल पुरवा निवासी तिलक सिंह(30) मेहनत मजदूरी कर वह अपने परिवार को पालता था। मजदूरी करने के दौरान ही एक सप्ताह पहले सलेमपुर कोन में वह छज्जे से गिर कर घायल हो गया। पैसे और सही इलाज के लिए उसने अपना मकान 82 हजार रुपए में गिरवी रखकर इलाज कराने लखनऊ पहुंचा। जहां एक सप्ताह के बाद उसकी शुक्रवार को मौत हो गई। इससे उसका परिवार बेसहारा हो गया है। वह अपने पीछे पत्नी, दो पुत्रियां और एक दो साल का पुुत्र छोड़ गया है। अब मोहल्ले के लोगों ने उस परिवार के पालन पोषण का जिम्मा उठाया है। इस परिवार के पास न तो राशन कार्ड है और न ही कोई सरकारी सहायता मिलती है। तिलक के परिवार की गरीबी को देखते हुए मोहल्ला वासियों ने परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी ली है। मोहल्ले के लोगों ने शनिवार को तिलक का अंतिम संस्कार कराया। डॉ. सलीम ने मृतक के बच्चों के इलाज की जिम्मेदारी उठाते हुए हर माह पांच सौ रुपए देने की बात कही। रोहित कुमार, मुकेश, विनोद, सुरेश सिह, गोपाल, राम प्रकाश मिश्रा आदि लोगों ने गिरवी मकान को जल्द छुड़ाने के लिए लोगों से कहा है।
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खीरी कस्बे के मोहल्ला श्यामलाल पुरवा में एक गरीब की इलाज के अभाव में मौत हो गई। युवक छज्जे से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। वह अपना घर 82 हजार रुपये में गिरवी रखकर इलाज कराने लखनऊ पहुंचा। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
खीरी कस्बे के मोहल्ला श्यामलाल पुरवा निवासी तिलक सिंह(30) मेहनत मजदूरी कर वह अपने परिवार को पालता था। मजदूरी करने के दौरान ही एक सप्ताह पहले सलेमपुर कोन में वह छज्जे से गिर कर घायल हो गया। पैसे और सही इलाज के लिए उसने अपना मकान 82 हजार रुपए में गिरवी रखकर इलाज कराने लखनऊ पहुंचा। जहां एक सप्ताह के बाद उसकी शुक्रवार को मौत हो गई। इससे उसका परिवार बेसहारा हो गया है। वह अपने पीछे पत्नी, दो पुत्रियां और एक दो साल का पुुत्र छोड़ गया है। अब मोहल्ले के लोगों ने उस परिवार के पालन पोषण का जिम्मा उठाया है। इस परिवार के पास न तो राशन कार्ड है और न ही कोई सरकारी सहायता मिलती है। तिलक के परिवार की गरीबी को देखते हुए मोहल्ला वासियों ने परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी ली है। मोहल्ले के लोगों ने शनिवार को तिलक का अंतिम संस्कार कराया। डॉ. सलीम ने मृतक के बच्चों के इलाज की जिम्मेदारी उठाते हुए हर माह पांच सौ रुपए देने की बात कही। रोहित कुमार, मुकेश, विनोद, सुरेश सिह, गोपाल, राम प्रकाश मिश्रा आदि लोगों ने गिरवी मकान को जल्द छुड़ाने के लिए लोगों से कहा है।
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