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Lakhimpur Kheri News: दबाव बनाने के लिए टावरों पर चढ़ रहे लोग, सिस्टम तमाशबीन
Sat, 17 Oct 2026 12:15 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 17 Oct 2026 12:15 AM IST
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मैलानी के रामपुर फुलहिया में बिना बाउंड्रीवाल का टाॅवर। संवाद
लखीमपुर खीरी। अपनी मांग मनवाने या दबाव बनाने के लिए लोग मोबाइल और बिजली के ऊंचे टावरों पर चढ़ रहे हैं। ऐसी घटनाएं जिले में बार-बार सामने आ रही हैं, लेकिन टावरों तक लोगों की पहुंच रोकने के इंतजाम अब भी अधूरे हैं।
रकेहटी से पलिया तक पड़ताल में कई जगह सुरक्षा व्यवस्था की खामियां मिलीं। कहीं टावर के चारों ओर बाउंड्रीवॉल नहीं है तो कहीं सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं हैं। आबादी और बाजारों के बीच स्थित टावरों पर निगरानी की कमी ऐसे मामलों में खतरा बढ़ा रही है। सवाल है कि बार-बार घटनाएं होने के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त क्यों नहीं की जा रही है।
रकेहटी के साप्ताहिक बाजार में लगे बीएसएनएल के टावर के चारों ओर न तो बाउंड्रीवॉल है और न ही सुरक्षा गार्ड। बिजुआ के मटैहिया, पसगवां ब्लॉक मुख्यालय और तिकुनिया के सुथना बरसोला में भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले।
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मैलानी के रामपुर फूलहिया में एक ही भूखंड पर दो कंपनियों के टावर लगे हैं, लेकिन यहां न बाउंड्री है और न चौकीदार। भीरा के बरमबाबा चौराहे पर भी दो मोबाइल टावर बिना बाउंड्रीवॉल के हैं। पलिया के इकरामनगर में एयरटेल के टावर पर लोहे की जाली तो लगी है, लेकिन सुरक्षा गार्ड नहीं है। बरबंडा में जिओ टावर की सुरक्षा व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है।
जिले के निघासन, गोला, मोहम्मदी, बिजुआ, पसगवां, मैलानी, धौरहरा, ईसानगर, तिकुनिया, भीरा और पलिया समेत कई क्षेत्रों में मोबाइल टावर आबादी और बाजारों के आसपास हैं। ऐसे में टावरों तक अनधिकृत पहुंच रोकने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम जरूरी हैं।
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पहले भी सामने आ चुकी हैं टावर पर चढ़ने की घटनाएं
-गोला में 20 मार्च 2024 को भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता मुन्नूगंज स्थित उमा देवी चिल्ड्रेन एकेडमी के पास एयरटेल टावर पर चढ़ गए थे। इसके बाद वहां बाउंड्री और कर्मचारियों की व्यवस्था की गई।
-करीब 10 साल पहले किसान नेता श्रीकृष्ण वर्मा भी गन्ना भुगतान की मांग को लेकर गोला में बीएसएनएल के टावर पर चढ़ गए थे।
-मोहम्मदी के हरिहरपुर में 18 अगस्त 2026 को प्रेम प्रसंग के चलते अंकित कुमार 1.32 लाख वोल्ट की बिजली लाइन के टावर पर चढ़ गया था। इससे पहले 20 फरवरी 2026 को मोहम्मदी के पड़सर में एक युवक मोटरसाइकिल की मांग को लेकर बिजली के टावर पर चढ़ा था।
-15 अक्तूबर 2026 को मैलानी के रामपुर फूलहिया में एक युवक प्रेमिका से शादी की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। करीब छह महीने पहले तिकुनिया के सुथना बरसोला में पुलिस से नाराज निर्मल साहनी जिओ टावर पर चढ़ गया था। पुलिस ने उसे समझाकर नीचे उतारा था।
-महेवागंज के लठिया गांव में भी हाल ही में एक युवक लगातार दो दिन हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया था।
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सुरक्षा के इंतजाम मजबूत करने की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि मोबाइल फोन कंपनियों को टावरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए। टावरों के चारों ओर मजबूत बाउंड्री या जाली, सुरक्षित प्रवेश द्वार, चेतावनी बोर्ड और अनधिकृत प्रवेश रोकने के इंतजाम होने चाहिए। जरूरत के अनुसार सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं और नियमित निगरानी की जाए।
बाउंड्री टूटी होने, गेट खुला रहने या किसी व्यक्ति के टावर पर चढ़ने की आशंका होने पर संबंधित कंपनी और पुलिस को सूचना दी जानी चाहिए।
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रकेहटी से पलिया तक पड़ताल में कई जगह सुरक्षा व्यवस्था की खामियां मिलीं। कहीं टावर के चारों ओर बाउंड्रीवॉल नहीं है तो कहीं सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं हैं। आबादी और बाजारों के बीच स्थित टावरों पर निगरानी की कमी ऐसे मामलों में खतरा बढ़ा रही है। सवाल है कि बार-बार घटनाएं होने के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त क्यों नहीं की जा रही है।
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रकेहटी के साप्ताहिक बाजार में लगे बीएसएनएल के टावर के चारों ओर न तो बाउंड्रीवॉल है और न ही सुरक्षा गार्ड। बिजुआ के मटैहिया, पसगवां ब्लॉक मुख्यालय और तिकुनिया के सुथना बरसोला में भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले।
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मैलानी के रामपुर फूलहिया में एक ही भूखंड पर दो कंपनियों के टावर लगे हैं, लेकिन यहां न बाउंड्री है और न चौकीदार। भीरा के बरमबाबा चौराहे पर भी दो मोबाइल टावर बिना बाउंड्रीवॉल के हैं। पलिया के इकरामनगर में एयरटेल के टावर पर लोहे की जाली तो लगी है, लेकिन सुरक्षा गार्ड नहीं है। बरबंडा में जिओ टावर की सुरक्षा व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है।
जिले के निघासन, गोला, मोहम्मदी, बिजुआ, पसगवां, मैलानी, धौरहरा, ईसानगर, तिकुनिया, भीरा और पलिया समेत कई क्षेत्रों में मोबाइल टावर आबादी और बाजारों के आसपास हैं। ऐसे में टावरों तक अनधिकृत पहुंच रोकने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम जरूरी हैं।
पहले भी सामने आ चुकी हैं टावर पर चढ़ने की घटनाएं
-गोला में 20 मार्च 2024 को भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता मुन्नूगंज स्थित उमा देवी चिल्ड्रेन एकेडमी के पास एयरटेल टावर पर चढ़ गए थे। इसके बाद वहां बाउंड्री और कर्मचारियों की व्यवस्था की गई।
-करीब 10 साल पहले किसान नेता श्रीकृष्ण वर्मा भी गन्ना भुगतान की मांग को लेकर गोला में बीएसएनएल के टावर पर चढ़ गए थे।
-मोहम्मदी के हरिहरपुर में 18 अगस्त 2026 को प्रेम प्रसंग के चलते अंकित कुमार 1.32 लाख वोल्ट की बिजली लाइन के टावर पर चढ़ गया था। इससे पहले 20 फरवरी 2026 को मोहम्मदी के पड़सर में एक युवक मोटरसाइकिल की मांग को लेकर बिजली के टावर पर चढ़ा था।
-15 अक्तूबर 2026 को मैलानी के रामपुर फूलहिया में एक युवक प्रेमिका से शादी की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। करीब छह महीने पहले तिकुनिया के सुथना बरसोला में पुलिस से नाराज निर्मल साहनी जिओ टावर पर चढ़ गया था। पुलिस ने उसे समझाकर नीचे उतारा था।
-महेवागंज के लठिया गांव में भी हाल ही में एक युवक लगातार दो दिन हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया था।
सुरक्षा के इंतजाम मजबूत करने की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि मोबाइल फोन कंपनियों को टावरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए। टावरों के चारों ओर मजबूत बाउंड्री या जाली, सुरक्षित प्रवेश द्वार, चेतावनी बोर्ड और अनधिकृत प्रवेश रोकने के इंतजाम होने चाहिए। जरूरत के अनुसार सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं और नियमित निगरानी की जाए।
बाउंड्री टूटी होने, गेट खुला रहने या किसी व्यक्ति के टावर पर चढ़ने की आशंका होने पर संबंधित कंपनी और पुलिस को सूचना दी जानी चाहिए।

मैलानी के रामपुर फुलहिया में बिना बाउंड्रीवाल का टाॅवर। संवाद

मैलानी के रामपुर फुलहिया में बिना बाउंड्रीवाल का टाॅवर। संवाद