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नंगे पैर दौड़े प्रतिभागी, ट्रैक पर उड़ती रही धूल

Fri, 25 Nov 2016 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Fri, 25 Nov 2016 10:56 PM IST
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Participants ran barefoot on the track, flying dust
रेस - फोटो : अमर उजाला
न तैयारी, न संसाधन और करा दी खेलकूद प्रतियोगिता
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जनपदीय बेसिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का सच
पहले दिन ही बच्चों को नहीं मिला पानी
बालिकाओं के लिए नहीं बनाया टायलेट

बेसिक शिक्षा विभाग ने जनपद स्तरीय दो दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन आधे-अधूरे इंतजाम से किया तो व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए भी कोई स्टाफ नजर नहीं आया। अव्यवस्थाओं के बीच प्रतियोगिता की जैसे तैसे शुरुआत हुई, जिससे शिक्षकों के बीच कई बार विवाद की स्थिति पैदा हुई। प्रतिभागी नंगे पैर दौड़े और बदहाल ट्रैक पर धूल उड़ती रही। पीने के लिए पानी का समुचित इंतजाम नहीं दिखा, तो बालिकाओं के लिए टायलेट की व्यवस्था नहीं की गई। प्रतियोगिता प्रारंभ होने में भी देरी होती रही। 
सबसे बड़े महकमे में शुमार बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी स्टेज पर बैठ बदइंतजामियों को निहारते रहे, लेकिन किसी ने मैदान पर आने की जहमत नहीं उठाई। कुछ व्यायाम शिक्षकों के जिम्मे पूरी व्यवस्था छोड़ दी गई। डीएम समेत अन्य अधिकारियों के चले जाने के बाद हालात और अव्यवस्थित हो गए। 50 मीटर बालिका वर्ग की दौड़ सवालों के घेरे में आ गई, जब शिक्षकों ने बेईमानी के आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज कराया। इसके आधे घंटे बाद दोबारा दौड़ कराई गई, लेकिन बदइंतजामी से दौड़ पूरी न हो सकी। फिर थोड़ी देर बाद तीसरी बार में दौड़ पूरी हो सकी। इससे विभाग के इंतजामों की पोल खुलकर सामने आ गई। ट्रैक को भी दुरुस्त नहीं किया गया, जिससे धूल उड़ती रही और गिट्टियां भी खतरे का सिग्नल देती रहीं। तो कई जगह गड्ढे नजर आए। 
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प्रतियोगिता में शामिल कई बच्चों को खेलों के नियमों के बारे में जानकारी का अभाव दिखा, जिससे ऐन मौके पर शिक्षक अपने स्कूल के बच्चों को खेलने के तरीके सिखाते नजर आए। 
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कैंप से लेकर ट्रैक पर तक टहलते रहे जानवर
भारी भरकम स्टाफ वाले विभाग की जिलास्तरीय प्रतियोगिता में बदइंतजामी इस कदर हावी रही कि जानवर बच्चों के लिए बनाए गए कैंप से लेकर ट्रैक तक पर टहलते रहे। इन्हें बाहर निकालने की जहमत नहीं उठाई गई। कई बार बच्चों में भगदड़ की नौबत बन आई, क्योंकि उनके कैंपों में भी जानवर घुस गए थे। 

सरकारी स्कूलों की खेल व्यवस्थाओं का सच
लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में खेल भावनाओं को बढ़ाने के लिए कितना काम हो रहा है, इसका अंदाजा जीआईसी मैदान पर खेल प्रतिभाओं से बातचीत में लगा। खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने आए अधिकतर स्कूलों के बच्चों को इससे पहले विद्यालयों में कभी कोई खेल नहीं सिखाया गया। बच्चों ने बताया वह गांव में कबड्डी, गेंद और दौड़ने का खेल जरूर खेलते रहे। इसी दम पर ब्लाक स्तर से जीतकर यहां आए हैं।


व्यवस्था के लिए शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो अच्छा कार्य कर रहे हैं। प्रतियोगिता में 15 ब्लाक और एक नगर क्षेत्र से 1718 प्रतिभागी बच्चे और 16 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों से 322 बालिकाएं शामिल हुई हैं। इससे भीड़ के चलते कुछ अव्यवस्थाएं हुई थीं, जिन्हें दुरुस्त कर लिया गया। आवश्यकता से काफी कम प्रति ब्लाक छह हजार रुपये बजट मिला है। शिक्षकों के सहयोग से व्यवस्था की गई हैं। 
-संजय कुमार शुक्ला, बीएसए
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