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पैरा मेडिकल वर्कर की भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 23 Aug 2015 05:56 PM IST
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स्वास्थ्य विभाग में एनआरएचएम में संविदा पर पैरा मेडिकल वर्कर की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। चार अभ्यर्थियों ने खुलासा किया है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के सगे-संबंधियों को भर्ती कर अन्य अभ्यर्थियों की अनदेखी की गई है। चयन सूची रात साढ़े नौ बजे चिपकाई गई, जिसमें 21 अगस्त को सामान्य वर्ग के छह नामों का चयन दर्शाया गया था, लेकिन 22 अगस्त की दोपहर 12 बजे अचानक सामान्य वर्ग के सात नामों की सूची चस्पा कर दी गई। इससे साफ है कि चयन प्रक्रिया में धांधली की गई है। राष्ट्रपति को शिकायती-पत्र भेजने के बाद अभ्यर्थी हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
पैरा मेडिकल वर्कर की भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी राजेश श्रीवास्तव, ए शुक्ला, मंजेश कुमार और वीरेंद्र कुमार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया की आखिरी तिथि 15 अगस्त थी। जिसमें 30 अगस्त को उनका साक्षात्कार हुआ था। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि वर्कर पद पर भर्ती के लिए उनसे सुविधा शुल्क की मांग की गई, लेकिन जब सुविधा शुल्क नहीं मिला तो विभागीय कर्मचारियों के सगे-संबंधियों का चयन कर लिया गया। आरोप है कि चयन की यह पूरी प्रक्रिया नियम के विरुद्ध अपनाई गई। 14 लोगों की सूची जारी की गई जिसमें पहली सूची में सामान्य वर्ग के छह नामों को स्वीकृत दी गई, वहीं एक दिन बाद जारी की गई सूची में सात नामों को दर्शाकर उसे चस्पा कर दिया गया। इससे पूरी चयन प्रक्रिया में धांधली की बात सामने आ रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया को रद् करवाने के लिए वह सोमवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे।
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पैरा मेडिकल वर्कर की भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी राजेश श्रीवास्तव, ए शुक्ला, मंजेश कुमार और वीरेंद्र कुमार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया की आखिरी तिथि 15 अगस्त थी। जिसमें 30 अगस्त को उनका साक्षात्कार हुआ था। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि वर्कर पद पर भर्ती के लिए उनसे सुविधा शुल्क की मांग की गई, लेकिन जब सुविधा शुल्क नहीं मिला तो विभागीय कर्मचारियों के सगे-संबंधियों का चयन कर लिया गया। आरोप है कि चयन की यह पूरी प्रक्रिया नियम के विरुद्ध अपनाई गई। 14 लोगों की सूची जारी की गई जिसमें पहली सूची में सामान्य वर्ग के छह नामों को स्वीकृत दी गई, वहीं एक दिन बाद जारी की गई सूची में सात नामों को दर्शाकर उसे चस्पा कर दिया गया। इससे पूरी चयन प्रक्रिया में धांधली की बात सामने आ रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया को रद् करवाने के लिए वह सोमवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे।
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