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Lakhimpur Kheri News: पचपेड़ी घाट का पैंटून पुल बंद...अब राहगीर झेलेंगे 60 किलोमीटर का फेर
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फूलबेहड़ में शारदा नदी का कछुआ पुल।संवाद
महेवागंज/फूलबेहड़। पचपेड़ी घाट का पैंटून पुल शनिवार को राहगीरों के लिए बंद हो गया है। अब सौ से भी अधिक गांवों की दो लाख की आबादी को चार माह तक 60 किलोमीटर की दूरी तय कर निघासन वाया ढखेरवा चौराहा होकर लखीमपुर जाना पड़ेगा।
निघासन से लखीमपुर जाने वाले रास्ते में अदलाबाद से पिपरा गूम तक सात किमी के क्षेत्र में शारदा नदी की रेत ही रेत है। रेत में कच्चे रास्ते से होकर हर दिन हजारों राहगीर निकलते हैं। नेपाल सीमा के करीबी इलाकों तिकुनिया, बेलरायां, सिंगाही, डॉगा, निघासन, रकेहटी, मिर्जागंज, बिनौरा, सोठियाना और अदलाबाद सहित करीब सौ से भी अधिक गांवों के लोगों को इस लंबे रास्ते से होकर आवागमन करना पड़ेगा।
13 मई को हुई बरसात के बाद से ही पचपेड़ी घाट से आवागमन बाधित हो गया था। एक सप्ताह बाद रास्ता फिर से चालू हो गया था, लेकिन 25 मई से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद से पैंटून पुल बंद है। अब ये नवंबर माह में फिर से चालू किया जाएगा।
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निघासन से लखीमपुर जाने वाले रास्ते में अदलाबाद से पिपरा गूम तक सात किमी के क्षेत्र में शारदा नदी की रेत ही रेत है। रेत में कच्चे रास्ते से होकर हर दिन हजारों राहगीर निकलते हैं। नेपाल सीमा के करीबी इलाकों तिकुनिया, बेलरायां, सिंगाही, डॉगा, निघासन, रकेहटी, मिर्जागंज, बिनौरा, सोठियाना और अदलाबाद सहित करीब सौ से भी अधिक गांवों के लोगों को इस लंबे रास्ते से होकर आवागमन करना पड़ेगा।
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13 मई को हुई बरसात के बाद से ही पचपेड़ी घाट से आवागमन बाधित हो गया था। एक सप्ताह बाद रास्ता फिर से चालू हो गया था, लेकिन 25 मई से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद से पैंटून पुल बंद है। अब ये नवंबर माह में फिर से चालू किया जाएगा।
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