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पलिया-भीरा मार्ग : 22 दिन से बंद है बड़े वाहनों का संचालन
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आठ जुलाई को शारदा नदी का पानी सड़क पर बहने से कटा भीरा-पलिया मार्ग : फाइल फोटो
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लखीमपुर खीरी/ पलियाकला। बारिश और बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी से शारदा नदी उफना गई और आठ जुलाई से पलिया-भीरा मार्ग पर बड़े वाहनों का संचालन ठप है।
जिला मुख्यालय से पलिया जाने के लिए दो मार्ग हैं। एक भीरा और दूसरा निघासन होकर जाता है। भीरा-पलिया मार्ग जिला मुख्यालय जाने का प्रमुख मार्ग है। लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर और अन्य स्थानों से आने वाले वाहन भीरा होकर ही पलिया जाते हैं। पलिया नगर जिला मुख्यालय और नेपाल सीमा का केंद्र बिंदु भी माना जाता है।
पलिया-भीरा मार्ग पर आवागमन बंद होने से नगर में मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी कम हो गई है। जरूरी सामान लेकर वाहन निघासन के रास्ते पहुंच रहे हैं। वाहनों की आवाजाही कम होने से सब्जी और अन्य वस्तुएं महंगी होने लगी हैं।
किराया ज्यादा और सफर में खतरा भी
पलिया से लखीमपुर जाने वाले यात्रियों को नगर से सात किलोमीटर दूर शारदा पुल पर बस और अन्य वाहन मिलते हैं। नगर से शारदा पुल तक आने में छोटे वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। किराया तो अधिक लगता ही है, सड़क पर बह रहे तेज धार पानी से गुजरने में खतरा भी अधिक रहता है। निघासन मार्ग से जिला मुख्यालय आने में 12 से 15 किलोमीटर का फेर पड़ता है। सामान्य दिनों में इस मार्ग से 100 से 150 बसों का आवागमन होता है।
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मैलानी और खुटार के यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ीं
सबसे अधिक समस्या मैलानी, खुटार, पूरनपुर, पीलीभीत और इस मार्ग से बरेली जाने वाली सवारियों को हो रही है। इन स्थानों के यात्रियों को भीरा होकर ही जाना पड़ता है। शारदा पुल से बस तो मिल जाती है, लेकिन बहुत इंतजार करना पड़ता है।
जिला मुख्यालय से पलिया जाने के लिए दो मार्ग हैं। एक भीरा और दूसरा निघासन होकर जाता है। भीरा-पलिया मार्ग जिला मुख्यालय जाने का प्रमुख मार्ग है। लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर और अन्य स्थानों से आने वाले वाहन भीरा होकर ही पलिया जाते हैं। पलिया नगर जिला मुख्यालय और नेपाल सीमा का केंद्र बिंदु भी माना जाता है।
पलिया-भीरा मार्ग पर आवागमन बंद होने से नगर में मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी कम हो गई है। जरूरी सामान लेकर वाहन निघासन के रास्ते पहुंच रहे हैं। वाहनों की आवाजाही कम होने से सब्जी और अन्य वस्तुएं महंगी होने लगी हैं।
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किराया ज्यादा और सफर में खतरा भी
पलिया से लखीमपुर जाने वाले यात्रियों को नगर से सात किलोमीटर दूर शारदा पुल पर बस और अन्य वाहन मिलते हैं। नगर से शारदा पुल तक आने में छोटे वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। किराया तो अधिक लगता ही है, सड़क पर बह रहे तेज धार पानी से गुजरने में खतरा भी अधिक रहता है। निघासन मार्ग से जिला मुख्यालय आने में 12 से 15 किलोमीटर का फेर पड़ता है। सामान्य दिनों में इस मार्ग से 100 से 150 बसों का आवागमन होता है।
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मैलानी और खुटार के यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ीं
सबसे अधिक समस्या मैलानी, खुटार, पूरनपुर, पीलीभीत और इस मार्ग से बरेली जाने वाली सवारियों को हो रही है। इन स्थानों के यात्रियों को भीरा होकर ही जाना पड़ता है। शारदा पुल से बस तो मिल जाती है, लेकिन बहुत इंतजार करना पड़ता है।