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डीएम ने मंडी राजापुर में मारा छापा, एसडीएम ने एक बिचौलिया पकड़ा
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मंडी में धान खरीद का जायजा लेने पहुंचे डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। आढ़त और सरकारी धान खरीद में मिल रही शिकायतों के चलते डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने सोमवार की दोपहर अचानक कृषि उत्पादन मंडी समिति राजापुर में छापा मारा। सबसे पहले आढ़तों पर होने वाली नीलामी को देखा और किसानों को उचित मूल्य का भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडी परिसर में संचालित राजकीय धान क्रय केंद्रों का एक-एक कर निरीक्षण किया और छोटे व पात्र किसानों का प्राथमिकता से धान खरीदने के निर्देश दिए। वहीं 100 क्विंटल से अधिक धान लाने वाले किसानों का गन्ने के सट्टे से क्रॉस चेक करके ही धान खरीदने के निर्देश दिए। इसी दौरान साथ में जांच कर रहे एसडीएम सदर डॉ अरुण कुमार सिंह ने मंडी समिति के क्रय केंद्र पर धान बेचने आए एक बिचौलिया को पकड़ा, जिसके पास कई किसानों के रजिस्ट्रेशन और आईडी मिलीं हैं। एक ट्रॉली पीसीयू के क्रय केंद्र पर तौलाने के बाद बिचौलिया और चार ट्रॉली धान दूसरे क्रय केंद्रों पर तौलवाने की फिराक में था।
बंदी के दूसरे दिन सोमवार को मंडी में जबरदस्त धान की आवक हुई, जिससे मंडी की सड़के घंटों तक जाम रहीं। इसी जाम में डीएम की भी गाड़ी कुछ देर फंसी रही। निघासन, तिकुनिया क्षेत्र से काफी किसान धान लेकर मंडी पहुंचे थे। निघासन क्षेत्र के गांव रननगर निवासी परमजीत सिंह भी कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में करीब 500 क्विंटल धान बेचने के लिए लाए थे। परमजीत ने अलग-अलग क्रय केंद्रों पर धान भरी ट्रालियां भी खड़ी करा दी थीं, जिसके बाद पीसीयू के केंद्र पर एक ट्राली 84 क्विंटल धान की तौल भी करा दी थी। इसके बाद मंडी समिति के क्रय केंद्र पर दूसरी ट्रॉली धान बेचने का प्रयास कर रहा था। इस दौरान कई केंद्रों पर जाकर उसने अलग-अलग नामों से रजिस्ट्रेशन और आईडी दिखाई। इससे केंद्र प्रभारियों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की, जिसके बाद एसडीएम सदर ने मौके पर जाकर जांच की। तो उसमें वह बिचौलिया निकला, जो पहले भी शिकायत करके 80 क्विंटल धान बेच चुका था। इसके बाद वह कई रिश्तेदारों के कागजों पर धान बेचने आया था। एसडीएम ने बिचौलिए के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश केंद्र प्रभारी को दिए हैं। वहीं डीएम के सामने आढ़तियों ने नीलामी के लिए 1455 रुपये प्रति क्विंटल से बोली शुरू की और 1505 रुपये पर बोली छूटी। प्रभारी सचिव मंडी समिति को निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से बिक्री होने वाले धान का संबंधित किसान को उचित मूल्य दिलवाना सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिचौलियों व किसानों का हक मारने वालों को चिह्नित करते हुए उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें जेल भिजवाया जाए। डीएम ने कहा कि क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले ऐसे किसानों को चिह्नित करें, जिनके धान बिक्री के पंजीयन में दर्शाई भूमि पर पहले से ही गन्ने का सट्टा बना हुआ है। ऐसे लोगों को चिह्नित करते हुए उनका तत्काल गन्ने का सट्टा भी निरस्त कराकर एफआईआर दर्ज कराई जाए। इस दौरान जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय मौजूद रहे। संवाद
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बंदी के दूसरे दिन सोमवार को मंडी में जबरदस्त धान की आवक हुई, जिससे मंडी की सड़के घंटों तक जाम रहीं। इसी जाम में डीएम की भी गाड़ी कुछ देर फंसी रही। निघासन, तिकुनिया क्षेत्र से काफी किसान धान लेकर मंडी पहुंचे थे। निघासन क्षेत्र के गांव रननगर निवासी परमजीत सिंह भी कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में करीब 500 क्विंटल धान बेचने के लिए लाए थे। परमजीत ने अलग-अलग क्रय केंद्रों पर धान भरी ट्रालियां भी खड़ी करा दी थीं, जिसके बाद पीसीयू के केंद्र पर एक ट्राली 84 क्विंटल धान की तौल भी करा दी थी। इसके बाद मंडी समिति के क्रय केंद्र पर दूसरी ट्रॉली धान बेचने का प्रयास कर रहा था। इस दौरान कई केंद्रों पर जाकर उसने अलग-अलग नामों से रजिस्ट्रेशन और आईडी दिखाई। इससे केंद्र प्रभारियों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की, जिसके बाद एसडीएम सदर ने मौके पर जाकर जांच की। तो उसमें वह बिचौलिया निकला, जो पहले भी शिकायत करके 80 क्विंटल धान बेच चुका था। इसके बाद वह कई रिश्तेदारों के कागजों पर धान बेचने आया था। एसडीएम ने बिचौलिए के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश केंद्र प्रभारी को दिए हैं। वहीं डीएम के सामने आढ़तियों ने नीलामी के लिए 1455 रुपये प्रति क्विंटल से बोली शुरू की और 1505 रुपये पर बोली छूटी। प्रभारी सचिव मंडी समिति को निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से बिक्री होने वाले धान का संबंधित किसान को उचित मूल्य दिलवाना सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिचौलियों व किसानों का हक मारने वालों को चिह्नित करते हुए उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें जेल भिजवाया जाए। डीएम ने कहा कि क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले ऐसे किसानों को चिह्नित करें, जिनके धान बिक्री के पंजीयन में दर्शाई भूमि पर पहले से ही गन्ने का सट्टा बना हुआ है। ऐसे लोगों को चिह्नित करते हुए उनका तत्काल गन्ने का सट्टा भी निरस्त कराकर एफआईआर दर्ज कराई जाए। इस दौरान जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय मौजूद रहे। संवाद
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