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अंधाधुंध बिजली कटौती से लखीमपुर जिले में हाहाकार
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लखीमपुर खीरी। भीषण गर्मी में हो रही अंधाधुंध बिजली कटौती से ग्रामीण इलाकों में हाहाकार मचा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे की बजाय मुश्किल से दो-तीन घंटे ही बिजली मिल पा रही है। जितनी देर बिजली आती है, उसमें भी लो वोल्टेज के कारण लोगों का बुरा हाल रहता है। शहरी क्षेत्र में भी बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। दिन में किसी भी समय खासकर सुबह दोपहर और शाम को बिजली गायब हो जाना आम बात हो गई है। सुबह शाम बिजली गायब रहने से लोगों को पानी की किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है।
बिजली कटौती से ज्यादा दिक्कत लोकल फॉल्ट के कारण आ रही है। भीषण गर्मी के चलते बिजली की खपत बढ़ गई है। इससे कम क्षमता के ट्रांसफार्मर दगा देने लगे हैं। कही ट्रांसफार्मर फुंकने तो कहीं बिजली के अन्य उपकरणों के खराब हो जाने से घंटों बिजली गायब रहना आम बात हो गई है। भीषण गर्मी में घंटों बिजली गायब रहने से लोग बुरी तरह बिलबिला रहे हैं। ग्रामीण इलाकों की हालत तो बेहद खराब है। जहां लोग बिजली के बिना अपनी फसलों की सिंचाई भी नहीं कर पा रहे हैं। बिजली का संकट दिन पर दिन गहराता जा रहा है।
सिकंद्राबाद क्षेत्र में सोमवार शाम से बिजली की आवाजाही जारी है। इस दौरान यहां मुश्किल से तीन चार घंटे ही लोगों को बिजली मिल पाई। बिजली अभियंता तकनीकी खराबी आने के कारण विद्युत आपूर्ति ठप होने की बात कह रहे हैं लेकिन यह नहीं बता पा रहे हैं कि कब तक बिजली आपूर्ति सुचारु हो पाएगी। हालत यह है कि यहां दो दिन से बिजली उपकरण केवल शो पीस बन कर रह गए। बिजली कटौती से लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है।
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उधर अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन रामानंद चौहान का कहना है कि शहरी क्षेत्र में मामूली बिजली की कटौती हो रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में कोयला संकट के कारण बिजली कटौती हो रही है। भीषण गर्मी में बिजली की खपत बढ़ गई है। इन दिक्कतों को ठीक करने में कुछ समय लग जाता है। जल्दी ही यह संकट दूर हो जाएगा।
पसगवां में पूरी रात रहा ब्लैक आउट, बिजली उपभोक्ता परेशान- बिजली आपूर्ति ठप रहने से पसगवां और जंगबहादुरगंज क्षेत्र में पूरी रात ब्लैक आउट रहा। जंगबहादुरगंज विद्युत उपकेंद्र से जुड़ें गांवों में पंद्रह दिनों से अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। हालत यह है कि 24 घंटे में मुश्किल से तीन चार घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
इससे जनजीवन पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। सिंचाई कार्य बाधित होने के कारण फसलें खेतों में सूख रही हैं। विद्युत चालित उपकरण शोपीस बने हुए है। उपभोक्ताओं में हाहाकार मचा हुआ है। अधिकारी ऊपर से कम बिजली मिल रही है कह कर पल्ला झाड़ लेते हैं। उपभोक्ताओं ने रोस्टर के अनुसार अठारह घंटे बिजली आपूर्ति कराने की मांग की है। संवाद
इंस्टॉलेशन एजेंसी न मिलने से उचौलिया में नहीं हो पा रहा ट्रांसफार्मर का उच्चीकरण- पावर कारपोरेशन को इंस्टॉलेशन एजेंसी न मिलने से उचौलिया में 63 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर का उच्चीकरण नहीं हो पा रहा है। इससे भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं को बेहद लो वोल्टेज बिजली आपूर्ति हो रही है। पॉवर कॉरपोरेशन की हीला हवाली से उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है। ट्रांसफार्मर के उच्चीकरण के लिए उपभोक्ताओं ने पिछले माह क्षेत्रीय विधायक से मांग की थी।
जिस पर क्षेत्रीय विधायक ने अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने के निर्देश दिए था लेकिन करीब एक महीना बीत जाने के बाद भी पॉवर कॉरपोरेशन उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर नहीं लगा सका है। जेई रोहिताश्व शर्मा ने मंगलवार को बताया कि 100 केवीए का ट्रांसफार्मर स्वीकृत हो गया है। लेकिन इंस्टॉलेशन एजेंसी ना मिलने के कारण उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा सका है। पावर कारपोरेशन द्वारा ट्रांसफार्मर लगाने में की जा रही हीलाहवाली से उपभोक्ताओं में रोष है।
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बिजली कटौती से ज्यादा दिक्कत लोकल फॉल्ट के कारण आ रही है। भीषण गर्मी के चलते बिजली की खपत बढ़ गई है। इससे कम क्षमता के ट्रांसफार्मर दगा देने लगे हैं। कही ट्रांसफार्मर फुंकने तो कहीं बिजली के अन्य उपकरणों के खराब हो जाने से घंटों बिजली गायब रहना आम बात हो गई है। भीषण गर्मी में घंटों बिजली गायब रहने से लोग बुरी तरह बिलबिला रहे हैं। ग्रामीण इलाकों की हालत तो बेहद खराब है। जहां लोग बिजली के बिना अपनी फसलों की सिंचाई भी नहीं कर पा रहे हैं। बिजली का संकट दिन पर दिन गहराता जा रहा है।
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सिकंद्राबाद क्षेत्र में सोमवार शाम से बिजली की आवाजाही जारी है। इस दौरान यहां मुश्किल से तीन चार घंटे ही लोगों को बिजली मिल पाई। बिजली अभियंता तकनीकी खराबी आने के कारण विद्युत आपूर्ति ठप होने की बात कह रहे हैं लेकिन यह नहीं बता पा रहे हैं कि कब तक बिजली आपूर्ति सुचारु हो पाएगी। हालत यह है कि यहां दो दिन से बिजली उपकरण केवल शो पीस बन कर रह गए। बिजली कटौती से लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है।
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उधर अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन रामानंद चौहान का कहना है कि शहरी क्षेत्र में मामूली बिजली की कटौती हो रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में कोयला संकट के कारण बिजली कटौती हो रही है। भीषण गर्मी में बिजली की खपत बढ़ गई है। इन दिक्कतों को ठीक करने में कुछ समय लग जाता है। जल्दी ही यह संकट दूर हो जाएगा।
पसगवां में पूरी रात रहा ब्लैक आउट, बिजली उपभोक्ता परेशान- बिजली आपूर्ति ठप रहने से पसगवां और जंगबहादुरगंज क्षेत्र में पूरी रात ब्लैक आउट रहा। जंगबहादुरगंज विद्युत उपकेंद्र से जुड़ें गांवों में पंद्रह दिनों से अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। हालत यह है कि 24 घंटे में मुश्किल से तीन चार घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
इससे जनजीवन पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। सिंचाई कार्य बाधित होने के कारण फसलें खेतों में सूख रही हैं। विद्युत चालित उपकरण शोपीस बने हुए है। उपभोक्ताओं में हाहाकार मचा हुआ है। अधिकारी ऊपर से कम बिजली मिल रही है कह कर पल्ला झाड़ लेते हैं। उपभोक्ताओं ने रोस्टर के अनुसार अठारह घंटे बिजली आपूर्ति कराने की मांग की है। संवाद
इंस्टॉलेशन एजेंसी न मिलने से उचौलिया में नहीं हो पा रहा ट्रांसफार्मर का उच्चीकरण- पावर कारपोरेशन को इंस्टॉलेशन एजेंसी न मिलने से उचौलिया में 63 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर का उच्चीकरण नहीं हो पा रहा है। इससे भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं को बेहद लो वोल्टेज बिजली आपूर्ति हो रही है। पॉवर कॉरपोरेशन की हीला हवाली से उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है। ट्रांसफार्मर के उच्चीकरण के लिए उपभोक्ताओं ने पिछले माह क्षेत्रीय विधायक से मांग की थी।
जिस पर क्षेत्रीय विधायक ने अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने के निर्देश दिए था लेकिन करीब एक महीना बीत जाने के बाद भी पॉवर कॉरपोरेशन उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर नहीं लगा सका है। जेई रोहिताश्व शर्मा ने मंगलवार को बताया कि 100 केवीए का ट्रांसफार्मर स्वीकृत हो गया है। लेकिन इंस्टॉलेशन एजेंसी ना मिलने के कारण उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा सका है। पावर कारपोरेशन द्वारा ट्रांसफार्मर लगाने में की जा रही हीलाहवाली से उपभोक्ताओं में रोष है।