{"_id":"66b51d5b9fd248508704a514","slug":"out-of-25-lakh-farmers-17500-farmers-got-insurance-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1003-126624-2024-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: ढाई लाख किसानों में से 17,500 किसानों ने कराया बीमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: ढाई लाख किसानों में से 17,500 किसानों ने कराया बीमा
विज्ञापन
रमियाबेहड़ ब्लॉक क्षेत्र में बोई मूंगफली स्रोत : किसान
लखीमपुर खीरी। फसल बीमा कराने में किसान दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। खरीफ फसल की खेती करने वाले किसानों की संख्या जिले में करीब ढाई लाख है, जिसमें से अब तक महज 17,500 किसानों ने बीमा कराया है। किसानों के पास फसल बीमा कराने का अब आखिरी मौका है। फसल बीमा की अंतिम तारीख 10 अगस्त है।
जिले में करीब छह लाख किसान है। दो से ढाई लाख किसान मक्का, उड़द, मूंगफली की खेती करते हैं। इस वर्ष जिले में बारिश और बाढ़ से फसलों को खूब नुकसान हुआ। सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई। किसानों के लाखों रुपये डूब गए। इसके बावजूद किसानों ने फसल बीमा कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। दो माह चली फसल बीमा योजना का किसानों ने लाभ नहीं उठाया। अब योजना का समाप्त होने में सिर्फ दो दिन का समय शेष बचा है।
-- -- -- -- -- --
पिछले वर्ष की तुलना में बढ़े योजना के लाभार्थी
जिला कृषि अधिकारी अरविंद चौधरी ने बताया कि कुल संख्या के हिसाब से देखा जाए तो बीमा कराने वाले किसानों की संख्या काफी कम है। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में किसानों की संख्या बढ़ी है। बीते वर्ष खरीफ सीजन में करीब 13,500 किसानों ने फसल बीमा कराया था। बीमा कराने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसके फायदे बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- --
यह है फसलों का वितरण
खरीफ सीजन की फसलों में धान, मक्का, उड़द और मूंगफली शामिल है। हालांकि, जिले में सबसे अधिक गन्ना होता है, लेकिन गन्ना बीमा फसल में शामिल नहीं है। जिले में 1.82 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती हो रही है। तीन से चार हजार हेक्टेयर रकबा मूंगफली का है।
विज्ञापन
जिले में करीब छह लाख किसान है। दो से ढाई लाख किसान मक्का, उड़द, मूंगफली की खेती करते हैं। इस वर्ष जिले में बारिश और बाढ़ से फसलों को खूब नुकसान हुआ। सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई। किसानों के लाखों रुपये डूब गए। इसके बावजूद किसानों ने फसल बीमा कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। दो माह चली फसल बीमा योजना का किसानों ने लाभ नहीं उठाया। अब योजना का समाप्त होने में सिर्फ दो दिन का समय शेष बचा है।
विज्ञापन
पिछले वर्ष की तुलना में बढ़े योजना के लाभार्थी
जिला कृषि अधिकारी अरविंद चौधरी ने बताया कि कुल संख्या के हिसाब से देखा जाए तो बीमा कराने वाले किसानों की संख्या काफी कम है। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में किसानों की संख्या बढ़ी है। बीते वर्ष खरीफ सीजन में करीब 13,500 किसानों ने फसल बीमा कराया था। बीमा कराने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसके फायदे बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन
यह है फसलों का वितरण
खरीफ सीजन की फसलों में धान, मक्का, उड़द और मूंगफली शामिल है। हालांकि, जिले में सबसे अधिक गन्ना होता है, लेकिन गन्ना बीमा फसल में शामिल नहीं है। जिले में 1.82 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती हो रही है। तीन से चार हजार हेक्टेयर रकबा मूंगफली का है।