{"_id":"6841e4a6809fff1526076874","slug":"operation-was-done-in-the-district-hospital-by-giving-segmental-spinal-anesthesia-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1011-147488-2025-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: जिला अस्पताल में हुआ सेगमेंटल स्पाइनल एनेस्थीसिया देकर ऑपरेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: जिला अस्पताल में हुआ सेगमेंटल स्पाइनल एनेस्थीसिया देकर ऑपरेशन
विज्ञापन
जिला अस्पताल में ऑपरेशन करते चिकित्सक। स्रोत : स्वास्थ्य विभाग
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल ने चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यहां पहली बार एक मरीज को सेगमेंटल स्पाइनल एनेस्थीसिया देकर सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया।
चिकित्सकों ने बताया कि सेगमेंटल स्पाइनल एनेस्थीसिया एक अत्याधुनिक एनेस्थीसिया तकनीक है, जिसमें शरीर के केवल आवश्यक हिस्से को सुन्न किया जाता है। इसमें मरीज को कम जोखिम होता है और ऑपरेशन के बाद जल्द ही लाभ होता है। मरीज को ऑपरेशन के दौरान दर्द भी नहीं होता है और वह पैर चला सकते हैं।
इस प्रकार की तकनीक का प्रयोग स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला अस्पताल में पहली बार किया गया है। दरअसल, शहर में रहने वाली रानी देवी (34) के पित्त में पथरी थी। बृहस्पतिवार को सर्जन डॉ. एसके मिश्रा ने पथरी निकालने के लिए ऑपरेशन करने को यह एनेस्थीसिया दिया। एनेस्थेसिया विभाग के डॉ. जयराम और डॉ. श्वेता वर्मा के संयुक्त प्रयास से यह उपलब्धि हासिल हुई। इस दौरान सर्जन डॉ. सुनील कुमार, ओटी स्टाॅफ रेखा सैनी, रेशमा, रवि शुक्ला, विकास व अन्य स्टाफ मौजूद रहे।
विज्ञापन
अस्पताल प्रशासन व चिकित्सा विभाग इस उपलब्धि पर गर्व महसूस करता है और भविष्य में भी मरीजों को बेहतर एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। -डॉ. आरके कोली, सीएमएस, जिला अस्पताल
इस प्रकार की जटिल तकनीकी, जिसमें जिला अस्पताल के सर्जन व मेडिकल कॉलेज की टीम ने मिलकर यह कार्य किया। यह जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के बीच समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। - डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
चिकित्सकों ने बताया कि सेगमेंटल स्पाइनल एनेस्थीसिया एक अत्याधुनिक एनेस्थीसिया तकनीक है, जिसमें शरीर के केवल आवश्यक हिस्से को सुन्न किया जाता है। इसमें मरीज को कम जोखिम होता है और ऑपरेशन के बाद जल्द ही लाभ होता है। मरीज को ऑपरेशन के दौरान दर्द भी नहीं होता है और वह पैर चला सकते हैं।
विज्ञापन
इस प्रकार की तकनीक का प्रयोग स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला अस्पताल में पहली बार किया गया है। दरअसल, शहर में रहने वाली रानी देवी (34) के पित्त में पथरी थी। बृहस्पतिवार को सर्जन डॉ. एसके मिश्रा ने पथरी निकालने के लिए ऑपरेशन करने को यह एनेस्थीसिया दिया। एनेस्थेसिया विभाग के डॉ. जयराम और डॉ. श्वेता वर्मा के संयुक्त प्रयास से यह उपलब्धि हासिल हुई। इस दौरान सर्जन डॉ. सुनील कुमार, ओटी स्टाॅफ रेखा सैनी, रेशमा, रवि शुक्ला, विकास व अन्य स्टाफ मौजूद रहे।
विज्ञापन
अस्पताल प्रशासन व चिकित्सा विभाग इस उपलब्धि पर गर्व महसूस करता है और भविष्य में भी मरीजों को बेहतर एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। -डॉ. आरके कोली, सीएमएस, जिला अस्पताल
इस प्रकार की जटिल तकनीकी, जिसमें जिला अस्पताल के सर्जन व मेडिकल कॉलेज की टीम ने मिलकर यह कार्य किया। यह जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के बीच समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। - डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज