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ऑनलाइन पेशी की तैयारी में जुटा जेल महकमा
लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 03 Jan 2015 04:13 PM IST
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जिला कारागार के बंदियों की ऑनलाइन पेशी के लिए जेल प्रशासन की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है।
अगर सबकुछ ठीक रहा तो एक महीने के अंदर बंदी कचहरी के चक्कर काटने के बजाए कारागार की कोठरी से अपने मुकदमों में चल रही प्रक्रिया की जानकारी ले सकेंगे। शासन ने कोर्ट और कारागार के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग कराने के लिए अधिकारियों को 101 सेंटीमीटर की दो एलसीडी, कंप्यूटर समेत तमाम जरूरी उपकरण उपलब्ध करा दिए है। अधिकारियों के मुताबिक ऑनलाइन पेशी के लिए कोर्ट और कारागार दोनों जगहों पर अस्थाई रूप से बड़े हाल की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही जल्द सिस्टम को ऑनलाइन करने के लिए एनआईसी को पत्र भी भेज दिया गया है। बता दें कि वर्ष 2012 से संचालित प्रक्रिया के तहत प्रदेश के 11 महानगरों की जेलों में निरुद्ध बंदियों को ऑनलाइन पेशी की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
इसके बाद अब दूसरे चरण में यह व्यवस्था छोटे शहरों की 38 जेलों को ऑनलाइन करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जेल अधीक्षक एचआर दोहरे ने बताया कि शुरुआती दौर में अभी प्रक्रिया शुरू कराई जा रही है, कारागार में जल्द ही इसके लिए स्थाई कोठरी बनाई जाएगी। अधीक्षक ने बताया कि एनआईसी को भेजे पत्र पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसमें एक महीने का समय लगने की उम्मीद है।
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अगर सबकुछ ठीक रहा तो एक महीने के अंदर बंदी कचहरी के चक्कर काटने के बजाए कारागार की कोठरी से अपने मुकदमों में चल रही प्रक्रिया की जानकारी ले सकेंगे। शासन ने कोर्ट और कारागार के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग कराने के लिए अधिकारियों को 101 सेंटीमीटर की दो एलसीडी, कंप्यूटर समेत तमाम जरूरी उपकरण उपलब्ध करा दिए है। अधिकारियों के मुताबिक ऑनलाइन पेशी के लिए कोर्ट और कारागार दोनों जगहों पर अस्थाई रूप से बड़े हाल की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही जल्द सिस्टम को ऑनलाइन करने के लिए एनआईसी को पत्र भी भेज दिया गया है। बता दें कि वर्ष 2012 से संचालित प्रक्रिया के तहत प्रदेश के 11 महानगरों की जेलों में निरुद्ध बंदियों को ऑनलाइन पेशी की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
इसके बाद अब दूसरे चरण में यह व्यवस्था छोटे शहरों की 38 जेलों को ऑनलाइन करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जेल अधीक्षक एचआर दोहरे ने बताया कि शुरुआती दौर में अभी प्रक्रिया शुरू कराई जा रही है, कारागार में जल्द ही इसके लिए स्थाई कोठरी बनाई जाएगी। अधीक्षक ने बताया कि एनआईसी को भेजे पत्र पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसमें एक महीने का समय लगने की उम्मीद है।
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