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आधी आबादी का पूरा सहारा बनी वन स्टॉप हेल्पलाइन
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कोरोना कर्फ्यू : टोल फ्री नंबर 181 पर महिलाएं किसी भी तरह की पा सकती हैं सहायता
हेल्पलाइन के पास बढ़ती शिकायतों का एक बड़ा कारण पुलिस का घटती सक्रियता भी
लखीमपुर खीरी। एक मई से लगा कोरोना कर्फ्यू जहां हर दिन बढ़ता जा रहा है, वहीं पहले पंचायत चुनाव और फिर कोरोना कर्फ्यू की वजह से थानों पर पुलिस की कम हुई पहरेदारी के बाद वन स्टॉप सेंटर के फोन घनघनाने लगे हैं। कोरोना कर्फ्यू में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर जिले की आधी आबादी का बड़ा सहारा बनकर सामने आई है। पिछले दस दिनों में वन स्टॉप सेंटर की हेल्पलाइन 181 पर कई ऐसे पेचीदा केस सामने आए हैं, जिनका समाधान फोन के जरिये ही करवाया गया।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर विजेता गुप्ता बताती हैं कि आपकी सखी वन स्टॉप सेंटर से जिले की महिलाओं व बालिकाओं के साथ शारीरिक, यौन उत्पीड़न, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक और आर्थिक दुर्व्यवहार का सामना करने वाली महिलाओं की सहायता की जाती है। बकौल विजेता, टोल फ्री नंबर 181 पर घरेलू हिंसा, साइबर क्राइम के ज्यादा मामले सामने आए हैं, जिनकी संबंधित पुलिस स्टेशन के माध्यम से मदद की गई। उन्होंने बताया कि कोरोना कर्फ्यू के बावजूद हेल्पलाइन के जरिये आए दस केसों का टेलीकाउंसलिंग के माध्यम से निपटारा कराया गया है।
केस वन
कर्फ्यू में भटकी बहनों को परिवार से मिलाया
धौरहरा कोतवाली से 112 की सहायता से भटकी हुई दो बहनों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के आदेश से उन्हें 6 मई को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया था। काउंसलिंग के दौरान दोनों बहनों ने अपना पता जितपुर चौराहा थाना गोरखपुर बताया था। विजेता गुप्ता के मुताबिक, वन स्टॉप के जरिये थाना प्रभारी गोरखपुर से बात करके बालिकाओं के परिवार को सूचना दी गई, जिसके बाद उनके माता-पिता 8 मई को वन स्टॉप सेंटर पहुंचे, जहां उनसे पूछताछ के बाद उन्हें चाइल्डलाइन के सहयोग से बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया, जहां से समिति के आदेश पर बालिकाओं को उनके माता-पिता को सुपुर्द कर दिया गया।
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केस दो
बिना बताए घर से गईं नाबालिग लड़कियों को भटकने से बचाया
वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर विजेता गुप्ता बताती हैं कि 4 और 5 मई को जनपद से ऐसे दो केस सामने आए, जिनमें नाबालिग लड़कियों की फेसबुक के जरिये दो अलग-अलग लड़कों से दोस्ती हुई और दोनों घर से बिना बताए लड़कों के साथ चली गईं। परिवार वालों ने टोल फ्री नंबर 181 पर शिकायत की, जिसके बाद दोनों नाबालिग लड़कियों के मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाया गया और पुलिस की मदद से उन्हें ट्रेस कर वापस लखीमपुर लाकर वन स्टॉप के सेंटर पर रखा गया, जिससे वह भटकने से बच गईं। फिलहाल आरोपी लड़कों की तलाश की जा रही है, जिसमें एक लखनऊ का है और एक बिजनौर का।
केस तीन
कांस्टेबल ने युवती को शादी के झांसे में रखा, शिकायत
आठ मई को शहर निवासी एक युवती ने टोल फ्री नंबर 181 पर फोन कर बिजनौर के एक कांस्टेबल पर सहमति संबंध में रहने के बावजूद शादी न करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। काउंसलर विजेता गुप्ता बताती हैं कि युवती का आरोप था कि वह बिजनौर में तैनात पुलिस कांस्टेबल के साथ लखनऊ में सहमति संबंध में थी, लेकिन अब कांस्टेबल युवक शादी से इनकार कर रहा है। बताया कि युवती की शिकायत पर कांस्टेबल को संबंधित पुलिस थाने में पत्र भेजकर तलब किया गया है पर कर्फ्यू की वजह से उसने अब तक आमद नहीं दर्ज कराई है।
केस चार
कर्फ्यू की वजह से पत्नी को नहीं ले जा रहा ससुराल
7 मई को टोल फ्री 181 पर शहर निवासी एक युवती ने शिकायत की थी कि उसकी ससुराल पीलीभीत में है, लेकिन उसका पति उसे मायके में ही छोड़ गया है। अब वह कोरोना कर्फ्यू का हवाला देकर उसे अपने घर नहीं ले जा रहा है। युवती का आरोप है कि परिवार में पहले से ही मनमुटाव है, कोरोना कर्फ्यू में ससुराल पक्ष को बहाना मिल गया है और वह उसे ससुराल नहीं ले जा रहा है। काउंसलर विजेता गुप्ता बताती हैं कि संबंधित थाने पर संपर्क कर युवती को उसके पति से मिलाने की कोशिश की जा रही है।
कोरोना कर्फ्यू की वजह से महिलाएं थाने में जाने से बच रही हैं, साथ ही हेल्पलाइन नंबर 181 पर उनकी पहचान भी गोपनीय रखी जाती है। इस वजह से महिलाओं का वन स्टॉप सेंटर पर भरोसा बढ़ा है। कर्फ्यू के दौरान हेल्पलाइन के जरिये आए 10 केसों का टेलीकाउंसलिंग के माध्यम से निपटारा कराया गया है।
- विजेता गुप्ता, काउंसलर, वन स्टॉप सेंटर
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हेल्पलाइन के पास बढ़ती शिकायतों का एक बड़ा कारण पुलिस का घटती सक्रियता भी
लखीमपुर खीरी। एक मई से लगा कोरोना कर्फ्यू जहां हर दिन बढ़ता जा रहा है, वहीं पहले पंचायत चुनाव और फिर कोरोना कर्फ्यू की वजह से थानों पर पुलिस की कम हुई पहरेदारी के बाद वन स्टॉप सेंटर के फोन घनघनाने लगे हैं। कोरोना कर्फ्यू में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर जिले की आधी आबादी का बड़ा सहारा बनकर सामने आई है। पिछले दस दिनों में वन स्टॉप सेंटर की हेल्पलाइन 181 पर कई ऐसे पेचीदा केस सामने आए हैं, जिनका समाधान फोन के जरिये ही करवाया गया।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर विजेता गुप्ता बताती हैं कि आपकी सखी वन स्टॉप सेंटर से जिले की महिलाओं व बालिकाओं के साथ शारीरिक, यौन उत्पीड़न, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक और आर्थिक दुर्व्यवहार का सामना करने वाली महिलाओं की सहायता की जाती है। बकौल विजेता, टोल फ्री नंबर 181 पर घरेलू हिंसा, साइबर क्राइम के ज्यादा मामले सामने आए हैं, जिनकी संबंधित पुलिस स्टेशन के माध्यम से मदद की गई। उन्होंने बताया कि कोरोना कर्फ्यू के बावजूद हेल्पलाइन के जरिये आए दस केसों का टेलीकाउंसलिंग के माध्यम से निपटारा कराया गया है।
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केस वन
कर्फ्यू में भटकी बहनों को परिवार से मिलाया
धौरहरा कोतवाली से 112 की सहायता से भटकी हुई दो बहनों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के आदेश से उन्हें 6 मई को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया था। काउंसलिंग के दौरान दोनों बहनों ने अपना पता जितपुर चौराहा थाना गोरखपुर बताया था। विजेता गुप्ता के मुताबिक, वन स्टॉप के जरिये थाना प्रभारी गोरखपुर से बात करके बालिकाओं के परिवार को सूचना दी गई, जिसके बाद उनके माता-पिता 8 मई को वन स्टॉप सेंटर पहुंचे, जहां उनसे पूछताछ के बाद उन्हें चाइल्डलाइन के सहयोग से बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया, जहां से समिति के आदेश पर बालिकाओं को उनके माता-पिता को सुपुर्द कर दिया गया।
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केस दो
बिना बताए घर से गईं नाबालिग लड़कियों को भटकने से बचाया
वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर विजेता गुप्ता बताती हैं कि 4 और 5 मई को जनपद से ऐसे दो केस सामने आए, जिनमें नाबालिग लड़कियों की फेसबुक के जरिये दो अलग-अलग लड़कों से दोस्ती हुई और दोनों घर से बिना बताए लड़कों के साथ चली गईं। परिवार वालों ने टोल फ्री नंबर 181 पर शिकायत की, जिसके बाद दोनों नाबालिग लड़कियों के मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाया गया और पुलिस की मदद से उन्हें ट्रेस कर वापस लखीमपुर लाकर वन स्टॉप के सेंटर पर रखा गया, जिससे वह भटकने से बच गईं। फिलहाल आरोपी लड़कों की तलाश की जा रही है, जिसमें एक लखनऊ का है और एक बिजनौर का।
केस तीन
कांस्टेबल ने युवती को शादी के झांसे में रखा, शिकायत
आठ मई को शहर निवासी एक युवती ने टोल फ्री नंबर 181 पर फोन कर बिजनौर के एक कांस्टेबल पर सहमति संबंध में रहने के बावजूद शादी न करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। काउंसलर विजेता गुप्ता बताती हैं कि युवती का आरोप था कि वह बिजनौर में तैनात पुलिस कांस्टेबल के साथ लखनऊ में सहमति संबंध में थी, लेकिन अब कांस्टेबल युवक शादी से इनकार कर रहा है। बताया कि युवती की शिकायत पर कांस्टेबल को संबंधित पुलिस थाने में पत्र भेजकर तलब किया गया है पर कर्फ्यू की वजह से उसने अब तक आमद नहीं दर्ज कराई है।
केस चार
कर्फ्यू की वजह से पत्नी को नहीं ले जा रहा ससुराल
7 मई को टोल फ्री 181 पर शहर निवासी एक युवती ने शिकायत की थी कि उसकी ससुराल पीलीभीत में है, लेकिन उसका पति उसे मायके में ही छोड़ गया है। अब वह कोरोना कर्फ्यू का हवाला देकर उसे अपने घर नहीं ले जा रहा है। युवती का आरोप है कि परिवार में पहले से ही मनमुटाव है, कोरोना कर्फ्यू में ससुराल पक्ष को बहाना मिल गया है और वह उसे ससुराल नहीं ले जा रहा है। काउंसलर विजेता गुप्ता बताती हैं कि संबंधित थाने पर संपर्क कर युवती को उसके पति से मिलाने की कोशिश की जा रही है।
कोरोना कर्फ्यू की वजह से महिलाएं थाने में जाने से बच रही हैं, साथ ही हेल्पलाइन नंबर 181 पर उनकी पहचान भी गोपनीय रखी जाती है। इस वजह से महिलाओं का वन स्टॉप सेंटर पर भरोसा बढ़ा है। कर्फ्यू के दौरान हेल्पलाइन के जरिये आए 10 केसों का टेलीकाउंसलिंग के माध्यम से निपटारा कराया गया है।
- विजेता गुप्ता, काउंसलर, वन स्टॉप सेंटर