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बगैर स्वीकृति के अवकाश पर गए डीपीओ के छिने अधिकार
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 21 Sep 2016 11:22 PM IST
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- फोटो : Getty
डीएम ने वरिष्ठ सीडीपीओ को सौंपे वित्तीय अधिकार
डीएम आकाशदीप ने कई दिनों से गैरहाजिर चल रहे जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) अखिलेंद्र दुबे पर कार्रवाई करते हुए उनसे सारे अधिकार छीन लिए हैं। विभागीय प्रक्रिया के तहत वरिष्ठता क्रम के अनुसार रमियाबेहड़ के सीडीपीओ शीतला प्रसाद यादव को डीपीओ का चार्ज दिया है, जिसमें वित्तीय अधिकार भी शामिल हैं। वहीं इस दौरान प्रभारी बने बेहजम के सीडीपीओ को कार्यमुक्त कर दिया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेंद्र दुबे तीन से आठ सितंबर तक अवकाश पर गए थे, जबकि आंगनबाड़ी वर्कर्स दो सितंबर से हड़ताल पर थीं। पांच दिन बीतने के कई दिन बाद भी वह ड्यूटी से नदारद रहे। वहीं राज्य सरकार की हौसला पोषण मिशन ने गांवों में दम तोड़ दिया। इस दौरान प्रभारी के तौर पर कार्य देख रहे बेहजम के सीडीपीओ अनिल कुमार वर्मा भी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे। सूत्र बताते हैं कि डीपीओ ने खुद को अस्वस्थ्य बताते हुए 25 सितंबर तक अवकाश पर रहने की मौखिक सूचना दी थी, लेकिन लिखित तौर पर नहीं। लिहाजा डीएम ने उनके अधिकार छीनते हुए वरिष्ठता क्रम में सबसे ऊपर रमियाबेहड़ के सीडीपीओ को चार्ज दे दिया। गुरुवार को सीडीपीओ ने कोषागार जाकर विधिक प्रक्रिया के तहत वित्तीय अधिकार प्राप्त किए। इसके बाद उन्होंने डीपीओ का चार्ज संभाल लिया है। सीडीओ अमित सिंह बंसल ने बताया कि हौसला पोषण मिशन के तहत पीसीडीएफ का भुगतान नहीं हो पा रहा था और नई खेप का एडवांस देने में दिक्कतें आ रहीं थीं। इसलिए वरिष्ठता क्रम के आधार पर सीडीपीओ को चार्ज दिया गया है, जिससे हौसला पोषण मिशन में बाधा उत्पन्न न हो सके।
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डीएम आकाशदीप ने कई दिनों से गैरहाजिर चल रहे जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) अखिलेंद्र दुबे पर कार्रवाई करते हुए उनसे सारे अधिकार छीन लिए हैं। विभागीय प्रक्रिया के तहत वरिष्ठता क्रम के अनुसार रमियाबेहड़ के सीडीपीओ शीतला प्रसाद यादव को डीपीओ का चार्ज दिया है, जिसमें वित्तीय अधिकार भी शामिल हैं। वहीं इस दौरान प्रभारी बने बेहजम के सीडीपीओ को कार्यमुक्त कर दिया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेंद्र दुबे तीन से आठ सितंबर तक अवकाश पर गए थे, जबकि आंगनबाड़ी वर्कर्स दो सितंबर से हड़ताल पर थीं। पांच दिन बीतने के कई दिन बाद भी वह ड्यूटी से नदारद रहे। वहीं राज्य सरकार की हौसला पोषण मिशन ने गांवों में दम तोड़ दिया। इस दौरान प्रभारी के तौर पर कार्य देख रहे बेहजम के सीडीपीओ अनिल कुमार वर्मा भी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे। सूत्र बताते हैं कि डीपीओ ने खुद को अस्वस्थ्य बताते हुए 25 सितंबर तक अवकाश पर रहने की मौखिक सूचना दी थी, लेकिन लिखित तौर पर नहीं। लिहाजा डीएम ने उनके अधिकार छीनते हुए वरिष्ठता क्रम में सबसे ऊपर रमियाबेहड़ के सीडीपीओ को चार्ज दे दिया। गुरुवार को सीडीपीओ ने कोषागार जाकर विधिक प्रक्रिया के तहत वित्तीय अधिकार प्राप्त किए। इसके बाद उन्होंने डीपीओ का चार्ज संभाल लिया है। सीडीओ अमित सिंह बंसल ने बताया कि हौसला पोषण मिशन के तहत पीसीडीएफ का भुगतान नहीं हो पा रहा था और नई खेप का एडवांस देने में दिक्कतें आ रहीं थीं। इसलिए वरिष्ठता क्रम के आधार पर सीडीपीओ को चार्ज दिया गया है, जिससे हौसला पोषण मिशन में बाधा उत्पन्न न हो सके।
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