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कागजी खानापूरी के बाद सांसद के गांव की समस्या को भूल गए अफसर
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 10 Jun 2017 11:49 PM IST
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न शौचालय निर्माण की कार्रवाई और न महिला को मिली आर्थिक मदद
डीपीआरओ ने फिर कहा, शौचालय निर्माण को दी जाएगी धनराशि
परियोजना निदेशक ने कहा, मामले को दिखवाएंगे
धौरहरा की सांसद रेखा वर्मा के आदर्श गांव ढखौरा में मैला ढोने की प्रथा का सच अमर उजाला ने उजागर किया तो अधिकारियों ने तेजी दिखाते हुए दो जून को ही महिला को आर्थिक मदद देने, शौचालय बनवाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन नौ दिन बीत गए पर यहां कुछ भी नहीं हुआ। अब गांव वाले भी कहने लगे हैं कि कोई सुनवाई नहीं होने वाली।
मालूम हो कि अमर उजाला ने दो जून को सांसद के गांव में मैला ढोती है महिला शीर्षक से प्रमुखता से गांव की समस्या को उजागर किया था। इस पर उसी दिन डीएम के निर्देश पर डीआरडीए के परियोजना निदेशक वीरेंद्र कुमार यादव इस मामले की जांच शुरू कराई थी। साथ ही ब्लाक पसगवां की बीडीओ नजमा सिद्दीकी से जवाब तलब किया था। साथ ही मैला ढोने वाली महिला को आर्थिक मदद देने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा था। उधर डीपीआओ सुनील कुमार पांडेय ने भी गांव में शौचालय निर्माण के लिए पात्रों को चयनित कर धनराशि देने की बात कही थी, किंतु प्रधान किरन सिंह की मानें तो अभी तक शौचालय निर्माण के प्रस्ताव पर कार्रवाई तक शुरू नहीं की गई है। कुल मिलाकर नौ दिन पहले अधिकारियों ने कार्रवाई की कागजी खानापूरी करने के बाद इस गांव की इस समस्या को भुला दिया है। इस बाबत जब डीपीआरओ सुनील कुमार पांडेय से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गांव ढखौरा में शौचालय निर्माण कराए जाएंगे, जिसकी जल्द ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उधर डीआरडीए के परियोजना निर्देशक बीरेंद्र कुमार यादव का कहना है कि उन्होंने आदेश किए थे। यदि कोई कार्रवाई नहीं की गई है तो यह गंभीर विषय है। वह मामले को दिखवाएंगे।
नौ दिन में विज्ञापन पर लाखों खर्च पर शौचालय निर्मांण को अनदेखी
जिला पंचायतराज अधिकारी के कार्यालय से नौ दिन में ही स्वच्छता अभियान के मद्देनजर आदर्श शौचालय और साफ सफाई के प्रति जागरूकता को लेकर अखबारों में लाखों रुपये के विज्ञापन प्रकाशित करा दिए गए, जिसमें डीएम आकाशदीप, सीडीओ अमित सिंह बंसल और डीपीआरओ सुनील कुमार पांडेय की फोटो भी लगाई गई, फिरभी सांसद के गांव में शौचालय निर्माण के प्रस्ताव पर अनदेखी ही रही।
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...और फिरभी सांसद ने साधी चुप्पी
धौरहरा सांसद रेखा वर्मा के गोद लिए गांव में मैला ढोने की बात सच होने के बाद अधिकारियों ने भले ही तेजी दिखाई, लेकिन सांसद ने चुप्पी साध रखी है। अमर उजाला ने उनसे कई बात करने की कोशिश की, लेकिन कभी उनका फोन पिक नहीं हुआ तो कभी काटकर स्विच ऑफ कर लिया गया। गांव वालों ने बताया कि समस्या सामने आने के बाद भी सांसद ने गांव तक आने की जरूरत नहीं समझी।
प्रधान बोलीं, अब मैला नहीं ढोती महिला
प्रधान किरन सिंह का कहना है कि गांव में शुष्क शौचालयों को बंद करा दिया गया है। अब महिला मैला नहीं ढोती है, लेकिन प्रशासन ने उसे कोई आर्थिक मदद नहीं दी है। महिला फिलहाल अन्य सफाई कार्य कर रही है।
सांसद के गांव में अभी तक शौचालय निर्माण की प्रक्रिया नहीं शुरू की गई है तो यह गंभीर मामला है। इससे तत्काल दिखवाया जाएगा और लापरवाही मिली तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
आकाशदीप, डीएम
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डीपीआरओ ने फिर कहा, शौचालय निर्माण को दी जाएगी धनराशि
परियोजना निदेशक ने कहा, मामले को दिखवाएंगे
धौरहरा की सांसद रेखा वर्मा के आदर्श गांव ढखौरा में मैला ढोने की प्रथा का सच अमर उजाला ने उजागर किया तो अधिकारियों ने तेजी दिखाते हुए दो जून को ही महिला को आर्थिक मदद देने, शौचालय बनवाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन नौ दिन बीत गए पर यहां कुछ भी नहीं हुआ। अब गांव वाले भी कहने लगे हैं कि कोई सुनवाई नहीं होने वाली।
मालूम हो कि अमर उजाला ने दो जून को सांसद के गांव में मैला ढोती है महिला शीर्षक से प्रमुखता से गांव की समस्या को उजागर किया था। इस पर उसी दिन डीएम के निर्देश पर डीआरडीए के परियोजना निदेशक वीरेंद्र कुमार यादव इस मामले की जांच शुरू कराई थी। साथ ही ब्लाक पसगवां की बीडीओ नजमा सिद्दीकी से जवाब तलब किया था। साथ ही मैला ढोने वाली महिला को आर्थिक मदद देने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा था। उधर डीपीआओ सुनील कुमार पांडेय ने भी गांव में शौचालय निर्माण के लिए पात्रों को चयनित कर धनराशि देने की बात कही थी, किंतु प्रधान किरन सिंह की मानें तो अभी तक शौचालय निर्माण के प्रस्ताव पर कार्रवाई तक शुरू नहीं की गई है। कुल मिलाकर नौ दिन पहले अधिकारियों ने कार्रवाई की कागजी खानापूरी करने के बाद इस गांव की इस समस्या को भुला दिया है। इस बाबत जब डीपीआरओ सुनील कुमार पांडेय से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गांव ढखौरा में शौचालय निर्माण कराए जाएंगे, जिसकी जल्द ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उधर डीआरडीए के परियोजना निर्देशक बीरेंद्र कुमार यादव का कहना है कि उन्होंने आदेश किए थे। यदि कोई कार्रवाई नहीं की गई है तो यह गंभीर विषय है। वह मामले को दिखवाएंगे।
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नौ दिन में विज्ञापन पर लाखों खर्च पर शौचालय निर्मांण को अनदेखी
जिला पंचायतराज अधिकारी के कार्यालय से नौ दिन में ही स्वच्छता अभियान के मद्देनजर आदर्श शौचालय और साफ सफाई के प्रति जागरूकता को लेकर अखबारों में लाखों रुपये के विज्ञापन प्रकाशित करा दिए गए, जिसमें डीएम आकाशदीप, सीडीओ अमित सिंह बंसल और डीपीआरओ सुनील कुमार पांडेय की फोटो भी लगाई गई, फिरभी सांसद के गांव में शौचालय निर्माण के प्रस्ताव पर अनदेखी ही रही।
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...और फिरभी सांसद ने साधी चुप्पी
धौरहरा सांसद रेखा वर्मा के गोद लिए गांव में मैला ढोने की बात सच होने के बाद अधिकारियों ने भले ही तेजी दिखाई, लेकिन सांसद ने चुप्पी साध रखी है। अमर उजाला ने उनसे कई बात करने की कोशिश की, लेकिन कभी उनका फोन पिक नहीं हुआ तो कभी काटकर स्विच ऑफ कर लिया गया। गांव वालों ने बताया कि समस्या सामने आने के बाद भी सांसद ने गांव तक आने की जरूरत नहीं समझी।
प्रधान बोलीं, अब मैला नहीं ढोती महिला
प्रधान किरन सिंह का कहना है कि गांव में शुष्क शौचालयों को बंद करा दिया गया है। अब महिला मैला नहीं ढोती है, लेकिन प्रशासन ने उसे कोई आर्थिक मदद नहीं दी है। महिला फिलहाल अन्य सफाई कार्य कर रही है।
सांसद के गांव में अभी तक शौचालय निर्माण की प्रक्रिया नहीं शुरू की गई है तो यह गंभीर मामला है। इससे तत्काल दिखवाया जाएगा और लापरवाही मिली तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
आकाशदीप, डीएम