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ओडीएफ की मुहिम में अहम रोल निभाएंगे ‘चैंपियंस’
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 06 Dec 2016 10:06 PM IST
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शौच मुक्त करने की मुहिम
- फोटो : अमर उजाला
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गांव में पात्रों की सूची बनाने में करेंगे सहयोग
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांवों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) करने की मुहिम को चैंपियंस असल धार देंगे। निगरानी समितियों को एक्टिव करने के साथ ही चैंपियंस, शौचालय निर्माण की गुणवत्ता पर भी नजर रखेंगे। जिला समन्वयक नंदकिशोर दीक्षित ने कहा कि एक गांव को ओडीएफ घोषित कराने पर चैंपियन को सरकार से निर्धारित प्रोत्साहन राशि के तौर पर एकमुश्त 15 हजार रुपये दिए जाएंगे। गांव में पांच दिन तक ट्रिगरिंग करने के दौरान नेचुरल लीडर उभरकर सामने आएंगे, जिनसे महिला और पुरुषों की टोली बनाई जाएंगी।
इस वित्तीय वर्ष में जिले के 200 गांवों को ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके सापेक्ष अब तक करीब 20 गांव ओडीएफ की श्रेणी में आए हैं। करीब तीन माह के समय में 180 गांवों को ओडीएफ करने की चुनौती पूरी करने के लिए विभाग का सारा दारोमदार चैंपियंस पर टिक गया है। विकास भवन सभागार में गांवों में चैंपियंस के तौर पर चुने गए उत्साही युवकों को प्रशिक्षित किया गया। जिला समन्वयक नंदकिशोर दीक्षित ने ट्रिगरिंग और उसके टूल्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घृणा, शर्म, इज्जत आदि ट्रिगरिंग के अहम टूल्स होंगे। निगरानी समिति और चैंपियंस मिलकर पात्र और अपात्र व्यक्तियों की सूची बनाएंगे, जिसमें अपात्रों को स्वयं शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित किया जाएगा। शौचालय होने के बावजूद खुले में शौच करने वाले व्यक्तियों की सूची सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा की जाएगी। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए बच्चों की रैली, नुक्कड़ नाटक की सहायता ली जाएगी।
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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांवों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) करने की मुहिम को चैंपियंस असल धार देंगे। निगरानी समितियों को एक्टिव करने के साथ ही चैंपियंस, शौचालय निर्माण की गुणवत्ता पर भी नजर रखेंगे। जिला समन्वयक नंदकिशोर दीक्षित ने कहा कि एक गांव को ओडीएफ घोषित कराने पर चैंपियन को सरकार से निर्धारित प्रोत्साहन राशि के तौर पर एकमुश्त 15 हजार रुपये दिए जाएंगे। गांव में पांच दिन तक ट्रिगरिंग करने के दौरान नेचुरल लीडर उभरकर सामने आएंगे, जिनसे महिला और पुरुषों की टोली बनाई जाएंगी।
इस वित्तीय वर्ष में जिले के 200 गांवों को ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके सापेक्ष अब तक करीब 20 गांव ओडीएफ की श्रेणी में आए हैं। करीब तीन माह के समय में 180 गांवों को ओडीएफ करने की चुनौती पूरी करने के लिए विभाग का सारा दारोमदार चैंपियंस पर टिक गया है। विकास भवन सभागार में गांवों में चैंपियंस के तौर पर चुने गए उत्साही युवकों को प्रशिक्षित किया गया। जिला समन्वयक नंदकिशोर दीक्षित ने ट्रिगरिंग और उसके टूल्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घृणा, शर्म, इज्जत आदि ट्रिगरिंग के अहम टूल्स होंगे। निगरानी समिति और चैंपियंस मिलकर पात्र और अपात्र व्यक्तियों की सूची बनाएंगे, जिसमें अपात्रों को स्वयं शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित किया जाएगा। शौचालय होने के बावजूद खुले में शौच करने वाले व्यक्तियों की सूची सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा की जाएगी। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए बच्चों की रैली, नुक्कड़ नाटक की सहायता ली जाएगी।
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