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बजट को लेकर नुक्कड़ पर चाय पर चर्चाएं तेज
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लखीमपुर खीरी। बजट 2020 पेश होने के बाद बुद्धिजीवी लोग तो सक्रिय हुए, लेकिन आम आदमी की जिंदगी में नए बजट को लेकर खास दिलचस्पी नहीं दिखी। आर्थिक विश्लेषण से जुडे़ मुद्दे चंद बातों में सिमटकर रह गए। नए बजट में हुए उपायों की जानकारी दी गई, तो नुक्कड़ पर चाय के होटलों पर भी लोग बजट पर चर्चा करते दिखे।
नुक्कड़ पर चाय के होटल पर दयानंद कुमार ने कहा कि बजट में नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय को टैक्स में राहत दी गई है, लेकिन गरीबों के लिए क्या है। इस पर राकेश कुमार ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सरकार ने कई लोकलुभावन वादे किए हैैं। पहले भी किए, लेकिन आम लोगों तक लाभ नहीं पहुंचता। इस बार सरकार को ध्यान देना चाहिए कि लोगों तक लाभ पहुंचे। आलोक ने कहा कि किसानों के लिए इस बार भी बजट में कई वादे किए गए हैं, लेकिन इसका लाभ किसानों तक पहुंचे तभी आमदनी दोगुनी हो सकेगी। पुनीत कुमार ने कहा कि बजट सुनकर अच्छा लगा, लेकिन इससे आम आदमी को कितना लाभ मिलेगा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा। पंकज कुमार ने कहा कि बजट हर साल आता है, लेकिन आम लोगों की जिंदगी पर इसका असर नहीं दिखता है।
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नुक्कड़ पर चाय के होटल पर दयानंद कुमार ने कहा कि बजट में नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय को टैक्स में राहत दी गई है, लेकिन गरीबों के लिए क्या है। इस पर राकेश कुमार ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सरकार ने कई लोकलुभावन वादे किए हैैं। पहले भी किए, लेकिन आम लोगों तक लाभ नहीं पहुंचता। इस बार सरकार को ध्यान देना चाहिए कि लोगों तक लाभ पहुंचे। आलोक ने कहा कि किसानों के लिए इस बार भी बजट में कई वादे किए गए हैं, लेकिन इसका लाभ किसानों तक पहुंचे तभी आमदनी दोगुनी हो सकेगी। पुनीत कुमार ने कहा कि बजट सुनकर अच्छा लगा, लेकिन इससे आम आदमी को कितना लाभ मिलेगा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा। पंकज कुमार ने कहा कि बजट हर साल आता है, लेकिन आम लोगों की जिंदगी पर इसका असर नहीं दिखता है।
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