{"_id":"6ad504da1e99195a4a061f33","slug":"now-you-have-to-tell-how-many-days-the-sweets-are-edible-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1036-187843-2026-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: मिठाई कितने दिन तक खाने योग्य, अब बताना होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: मिठाई कितने दिन तक खाने योग्य, अब बताना होगा
Sun, 18 Oct 2026 11:11 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 18 Oct 2026 11:11 PM IST
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। मिठाई खरीदते समय अब ग्राहकों को उसकी उपयोग अवधि की जानकारी मिल सकेगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले के सभी मिठाई विक्रेताओं को मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट अंकित करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिले में 1200 से अधिक छोटी-बड़ी मिठाई की दुकानें संचालित हैं।
मिठाइयों की उपयोग अवधि उनकी प्रकृति, सामग्री और रखरखाव पर निर्भर करती है। दूध और छेने से बनने वाली रसगुल्ला, रसमलाई और कलाकंद जैसी मिठाइयां जल्दी खराब हो सकती हैं, जबकि काजू कतली, बेसन के लड्डू और गजक जैसी कम नमी वाली मिठाइयों की शेल्फ लाइफ अपेक्षाकृत अधिक होती है। हालांकि, इनकी वास्तविक उपयोग अवधि बनाने की विधि और भंडारण की स्थिति के अनुसार तय होती है।
विज्ञापन
जिले में रसगुल्ला, छेना और लड्डू की मांग सबसे अधिक है। इनके अलावा अन्य मिठाइयों की भी खपत होती है। दिवाली और रक्षाबंधन पर मिठाइयों की बिक्री सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में मिठाइयों की उपयोग अवधि की जानकारी ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिव प्रताप सिंह ने बताया कि जिले के मिठाई विक्रेताओं को मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिले में 1200 से अधिक छोटी-बड़ी मिठाई की दुकानें संचालित हैं।
विज्ञापन
मिठाइयों की उपयोग अवधि उनकी प्रकृति, सामग्री और रखरखाव पर निर्भर करती है। दूध और छेने से बनने वाली रसगुल्ला, रसमलाई और कलाकंद जैसी मिठाइयां जल्दी खराब हो सकती हैं, जबकि काजू कतली, बेसन के लड्डू और गजक जैसी कम नमी वाली मिठाइयों की शेल्फ लाइफ अपेक्षाकृत अधिक होती है। हालांकि, इनकी वास्तविक उपयोग अवधि बनाने की विधि और भंडारण की स्थिति के अनुसार तय होती है।
विज्ञापन
जिले में रसगुल्ला, छेना और लड्डू की मांग सबसे अधिक है। इनके अलावा अन्य मिठाइयों की भी खपत होती है। दिवाली और रक्षाबंधन पर मिठाइयों की बिक्री सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में मिठाइयों की उपयोग अवधि की जानकारी ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिव प्रताप सिंह ने बताया कि जिले के मिठाई विक्रेताओं को मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।