{"_id":"575567424f1c1b0a1d9c52b8","slug":"now-the-district-will-frdhan-station-s-first-paperless","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब फरधान बनेगा जिले का पहला पेपरलेस थाना ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब फरधान बनेगा जिले का पहला पेपरलेस थाना
टीएन अवस्थी लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 06 Jun 2016 10:07 PM IST
विज्ञापन
कम्प्यूटर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पहले निघासन थाने को किया गया था चिह्नित
नेटवर्किंग समेत कई दिक्कतों के आने से चयन हुआ निरस्त
खीरी पुलिस के लिए यह एक अच्छी खबर है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही थानों को कागजों व रजिस्टरों से मुक्ति मिल जाएगी। प्रयोग के तौर पर थाना फरधान को पेपरलेस करने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद काम शुरू हो गया है। इसी जून महीने के अंत तक यह थाना जिले का पहला पेपरलेस थाना होगा।
थानों के अभिलेखों और कागजों को सुरक्षित रखना और उनकी देखरेख करना और दशकों पुराने रिकार्ड संभालकर रखना थानों में तैनात मुंशियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। थानों में रजिस्टरों व कागजों के बोझ खत्म करने के लिए पुलिस महकमें ने सूबे के जिलों के थानों को पेपरलेस बनाने की कवायद शुरू की है। महीने भर पहले खीरी पुलिस ने प्रयोग के तौर पर निघासन थाने को पेपरलेस बनाने का प्रस्ताव किया था, लेकिन वहां बिजली और नेटवर्किंग आदि सुविधाएं ठीक नहीं थीं। जिस पर एसपी ने निघासन थाने के स्थान पर थाना फरधान को पेपरलेस थाना बनाने का प्रस्ताव पीएचक्यू इलाहाबाद भेजा था। पीएचक्यू से मंजूरी मिलने के बाद थाना फरधान को पेपरलेस करने की कवायद शुरू कर दी गई है। थाने पर तीन कंप्यूटर वर्तमान समय में लगे हैं। एक कंप्यूटर और बढ़ाया जाएगा। जिनमें सभी रजिस्टरों का ऑनलाइन डाटा फीड़ होगा। अगर सबकुछ ठीकठाक रहा तो इसी जून माह के अंत कर फरधान थाना पेपरलेस थाना होगा।
--
पहले निघासन थाने को पेपरलेस थाना बनाने के लिए चिह्नित किया गया था, लेकिन वहां नेटवर्किंग सिस्टम सहित कई दिक्कतें थी। इसलिए उसका चयन निरस्त कर थाना फरधान को चयनित किया गया है। जून माह तक हरहालत में कार्य पूरे कर यह पेपरलेस थाना हो जाएगा।
विज्ञापन
-अखिलेश चौरसिया, एसपी
नेटवर्किंग समेत कई दिक्कतों के आने से चयन हुआ निरस्त
खीरी पुलिस के लिए यह एक अच्छी खबर है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही थानों को कागजों व रजिस्टरों से मुक्ति मिल जाएगी। प्रयोग के तौर पर थाना फरधान को पेपरलेस करने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद काम शुरू हो गया है। इसी जून महीने के अंत तक यह थाना जिले का पहला पेपरलेस थाना होगा।
थानों के अभिलेखों और कागजों को सुरक्षित रखना और उनकी देखरेख करना और दशकों पुराने रिकार्ड संभालकर रखना थानों में तैनात मुंशियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। थानों में रजिस्टरों व कागजों के बोझ खत्म करने के लिए पुलिस महकमें ने सूबे के जिलों के थानों को पेपरलेस बनाने की कवायद शुरू की है। महीने भर पहले खीरी पुलिस ने प्रयोग के तौर पर निघासन थाने को पेपरलेस बनाने का प्रस्ताव किया था, लेकिन वहां बिजली और नेटवर्किंग आदि सुविधाएं ठीक नहीं थीं। जिस पर एसपी ने निघासन थाने के स्थान पर थाना फरधान को पेपरलेस थाना बनाने का प्रस्ताव पीएचक्यू इलाहाबाद भेजा था। पीएचक्यू से मंजूरी मिलने के बाद थाना फरधान को पेपरलेस करने की कवायद शुरू कर दी गई है। थाने पर तीन कंप्यूटर वर्तमान समय में लगे हैं। एक कंप्यूटर और बढ़ाया जाएगा। जिनमें सभी रजिस्टरों का ऑनलाइन डाटा फीड़ होगा। अगर सबकुछ ठीकठाक रहा तो इसी जून माह के अंत कर फरधान थाना पेपरलेस थाना होगा।
विज्ञापन
--
पहले निघासन थाने को पेपरलेस थाना बनाने के लिए चिह्नित किया गया था, लेकिन वहां नेटवर्किंग सिस्टम सहित कई दिक्कतें थी। इसलिए उसका चयन निरस्त कर थाना फरधान को चयनित किया गया है। जून माह तक हरहालत में कार्य पूरे कर यह पेपरलेस थाना हो जाएगा।
विज्ञापन
-अखिलेश चौरसिया, एसपी