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Lakhimpur Kheri News: अब राजकीय कॉलेजों की खाली भूमि पर बनेंगे मिनी स्टेडियम
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लखीमपुर खीरी। राजकीय कॉलेजों के पास खाली पड़ी भूमि का उपयोग कर वहां मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। इस जमीन पर दूसरे विभाग अपने निवेश से मिनी स्टेडियम, प्ले ग्राउंड, उद्यान नर्सरी आदि खोल सकेंगे। इससे होने वाली आय संबंधित विभाग और विद्यालय को आधी-आधी दी जाएगी।
जिले में 58 राजकीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। शासन की ओर से आए आदेश में जिले के राजकीय इंटर व हाईस्कूल कॉलेजों की अनुपयोगी जमीन अब छात्रों की पाठ्येत्तर गतिविधियों के लिए प्रयोग की जा सकेगी। इस जमीन पर दूसरे विभाग अपने निवेश से मिनी स्टेडियम, खेल मैदान, उद्यान नर्सरी आदि बना सकेंगे।
बता दें कि राजकीय हाईस्कूल और इंटर की खाली जमीनों पर अतिक्रमण किया जा रहा है। इसको देखते हुए यह तय किया गया कि अब दूसरे विभागों से या पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर विद्यार्थियों के लिए उपयोगी कार्य व गतिविधियों का आयोजन किया जाए। इससे एक तरफ संस्था की आय का प्रबंध और जमीन का सदुपयोग भी होगा।
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खाली पड़ी जमीन पर मिनी स्टेडियम, डिजिटल लाइब्रेरी, ऑनलाइन परीक्षा केंद्र, वोकेशनल केंद्र, प्ले स्कूल, नक्षत्रशाला, नर्सरी आदि शुरू की जा सकेगी। इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जिला स्तरीय कमेटी तय करेगी। डीएम की अध्यक्षता में अंतर विभागीय समिति की बैठक होगी।
डीआईओएस डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अब तक शासन की ओर से इसको लेकर कोई निर्देश नहीं मिले हैं। निर्देश मिलते ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 58 राजकीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। शासन की ओर से आए आदेश में जिले के राजकीय इंटर व हाईस्कूल कॉलेजों की अनुपयोगी जमीन अब छात्रों की पाठ्येत्तर गतिविधियों के लिए प्रयोग की जा सकेगी। इस जमीन पर दूसरे विभाग अपने निवेश से मिनी स्टेडियम, खेल मैदान, उद्यान नर्सरी आदि बना सकेंगे।
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बता दें कि राजकीय हाईस्कूल और इंटर की खाली जमीनों पर अतिक्रमण किया जा रहा है। इसको देखते हुए यह तय किया गया कि अब दूसरे विभागों से या पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर विद्यार्थियों के लिए उपयोगी कार्य व गतिविधियों का आयोजन किया जाए। इससे एक तरफ संस्था की आय का प्रबंध और जमीन का सदुपयोग भी होगा।
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खाली पड़ी जमीन पर मिनी स्टेडियम, डिजिटल लाइब्रेरी, ऑनलाइन परीक्षा केंद्र, वोकेशनल केंद्र, प्ले स्कूल, नक्षत्रशाला, नर्सरी आदि शुरू की जा सकेगी। इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जिला स्तरीय कमेटी तय करेगी। डीएम की अध्यक्षता में अंतर विभागीय समिति की बैठक होगी।
डीआईओएस डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अब तक शासन की ओर से इसको लेकर कोई निर्देश नहीं मिले हैं। निर्देश मिलते ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।