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नोटबंदी को बीता सवा महीना, नहीं सुधरे हालात
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 16 Dec 2016 11:18 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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ग्रामीण इलाके के बैंकों को मिल रही जरूरत भर करेंसी, पूरा-पूरा दिन गुजर रहा एटीएम पर लगी कतारों में
नोटबंदी को पूरे एक माह आठ दिन बीतने के बाद भी बैंकों को पर्याप्त कैश नही मिल पा रहा है। शहरी क्षेत्र के बैंकों में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी है लेकिन ग्रामीण इलाके की बैंक शाखाओं को जरूरत भर कैश न मिल पाने से धन निकासी में दिक्कत आ रही है। करेंसी की कमी से एटीएम नहीं चल पा रहे हैं। इससे लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
दो हजार और पांच सौ के नोट बैंकों में काफी देर से आने से शुरुआती दौर में 100 रुपये के नोटों की जबरदस्त जमाखोरी हो गई। इससे बाजार छोटी करेंसी की कमी से जूझ रहा है। एक बैंक अधिकारी ने बताया कि इन दिनों जितना पैसा बैंकों से निकल रहा है उस अनुपात में जमा नहीं हो रहा है। इससे कैश की किल्लत बनी हुई है। बैंकों में पैसा निकलने में हो रही दिक्कत के चलते लोग बैंकों में जमा करने की बजाय अपने पास पैसा रोक रहे हैं। इससे लगातार स्थिति गंभीर होती जा रही है।
जिले में मुश्किल से 10-15 फीसदी ही एटीएम चल पा रहे हैं। बाकी कैश के अभाव में बंद पड़े हुए हैं। शहर में चल रहे इक्का दुक्का एटीएम पर सुबह सात बजे से ही लंबी कतार लग जाती हैं। दो हजार रुपया निकालने में ही लोगों को चार से पांच घंटे लग जाते हैं। कभी-कभी तो जब लोग एटीएम तक पहुंच पाते हैं तब तक एटीएम कैशलेस हो चुका होता है। इसके बाद भी लोग कैश लोड होने की आस में लाइन से हटना गंवारा नहीं करते।
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लगातार सवा महीने से कैश की किल्लत से जूझ रहे लोगों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। कहीं लोग रोड जाम कर रहे हैं तो कहीं बैंक शाखा में ताला डाल रहे हैं तो कहीं हंगामे और तोड़फोड़ की स्थिति पैदा हो रही है। दिन बीतने के साथ ही लोगों में गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है।
शुक्रवार को भीरा पलिया रोड पर स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा रायपुर-मालपुर को ग्रामीणों ने खुलने ही नहीं दिया। सुबह बैंक कर्मी जब बैंक खोलने लगे तो ग्रामीण गेट को घेर कर खड़े हो गए। ग्रामीणों ने कहा कि जब कैश ही नहीं है तो हम बैंक ही नहीं खुलने देंगे। इससे पूरे दिन अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
गोला गोकर्णनाथ। नोटबंदी के कारण बैंकों में आई कैश की कमी से एक माह बाद भी खातेदारों की दिक्कत दूर नहीं हुई है। खातेदारों को बैंक दर बैंक भटकने के बाद भी पर्याप्त भुगतान नहीं मिल पा रहा है। नगर में किसी एटीएम चलने की जानकारी होते ही लोग रुपये निकालने के लिए उमड़ पड़ते हैं।
ममरी। कैश के अभाव में कस्बे की इलाहाबाद बैंक, हैदराबाद की पंजाब नेशनल बैंक में भुगतान शुक्रवार को भी ठप रहा। सुबह से लाइन में खड़े खातेदार मायूस होकर खाली हाथ लौट गए। गनेशपुर की ओरियंटल बैंक में चार दिन बाद भुगतान शुरू हुआ जहां रुपया निकालने वालों की लंबी लाइन लगी रही।
रोशननगर की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में एंबुलेस से आए बुधेली नानकार के 80 वर्षीय द्वारिका प्रसाद को इलाज कराने के लिए भी रुपया न मिल पाने पर परिवार वालों ने खातेदारों के सहयोग से हंगामा किया। तब बड़ी मुश्किल से उसे पांच हजार रुपये मिल पाए।
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एसबीआई की मेन ब्रांच में पांच दिन से कैश नहीं
मोहम्मदी। भारतीय स्टेट बैंक, डाकघर सहित कई बैंकों में ग्राहकों को पिछले पांच दिनों से कैश नहीं मिल पा रहा है। इससे लोगों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। सुबह से कैश लेने से दूर दराज से आए तमाम लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। एसबीआई की मेन ब्रांच में कैश की कमी से शिक्षकों, कर्मचारियों और पेंशनर्स परेशान हैं।
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बांकेगंज में कैश न मिलने से लोग परेशान
बांकेगंज। पिछले सात दिनों से कैश की कमी के चलते बांकेगंज स्थित बैंकों में आने वाले जरूरतमंदों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बैंकों और एसबीआई में लगे इकलौते एटीएम के बाहर उमड़ने वाली खातेदारों की भीड़ में कमी नहीं आ रही है।
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बरवर के इलाहाबाद बैंक पर हंगामा
बरवर। नगर की इलाहाबाद बैंक में कैश कम होने की वजह से खाताधारकों को सिर्फ दो-दो हजार रुपये दिए जा रहे हैं ऊपर से बैंक मैनेजर के किसी को धक्का दे दिया। इससे गुस्साए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। जानकारी मिलने पर संजय शर्मा इलाहाबाद बैंक पहुंचे। संजय शर्मा ने बैंक मैनेजर से वार्ता कर लोगों को समझाया तथा शांति बनाए रखने का अनुरोध किया।
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एक महीने से चक्कर लगा रही है वृद्धा
ममरी। गनेशपुर की ओरियंटल बैंक में डंडा टेककर रुपये निकालने आई ग्राम पिपरा की 70 वर्षीय तुलसा देवी का कहना है कि वह महीने भर से रुपये निकालने के लिए बैंक के चक्कर लगा रही है फिर भी उसे रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। बैंककर्मी कैश की कमी बताकर उसे टरका रहे हैं।
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नोटबंदी को पूरे एक माह आठ दिन बीतने के बाद भी बैंकों को पर्याप्त कैश नही मिल पा रहा है। शहरी क्षेत्र के बैंकों में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी है लेकिन ग्रामीण इलाके की बैंक शाखाओं को जरूरत भर कैश न मिल पाने से धन निकासी में दिक्कत आ रही है। करेंसी की कमी से एटीएम नहीं चल पा रहे हैं। इससे लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
दो हजार और पांच सौ के नोट बैंकों में काफी देर से आने से शुरुआती दौर में 100 रुपये के नोटों की जबरदस्त जमाखोरी हो गई। इससे बाजार छोटी करेंसी की कमी से जूझ रहा है। एक बैंक अधिकारी ने बताया कि इन दिनों जितना पैसा बैंकों से निकल रहा है उस अनुपात में जमा नहीं हो रहा है। इससे कैश की किल्लत बनी हुई है। बैंकों में पैसा निकलने में हो रही दिक्कत के चलते लोग बैंकों में जमा करने की बजाय अपने पास पैसा रोक रहे हैं। इससे लगातार स्थिति गंभीर होती जा रही है।
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जिले में मुश्किल से 10-15 फीसदी ही एटीएम चल पा रहे हैं। बाकी कैश के अभाव में बंद पड़े हुए हैं। शहर में चल रहे इक्का दुक्का एटीएम पर सुबह सात बजे से ही लंबी कतार लग जाती हैं। दो हजार रुपया निकालने में ही लोगों को चार से पांच घंटे लग जाते हैं। कभी-कभी तो जब लोग एटीएम तक पहुंच पाते हैं तब तक एटीएम कैशलेस हो चुका होता है। इसके बाद भी लोग कैश लोड होने की आस में लाइन से हटना गंवारा नहीं करते।
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लगातार सवा महीने से कैश की किल्लत से जूझ रहे लोगों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। कहीं लोग रोड जाम कर रहे हैं तो कहीं बैंक शाखा में ताला डाल रहे हैं तो कहीं हंगामे और तोड़फोड़ की स्थिति पैदा हो रही है। दिन बीतने के साथ ही लोगों में गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है।
शुक्रवार को भीरा पलिया रोड पर स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा रायपुर-मालपुर को ग्रामीणों ने खुलने ही नहीं दिया। सुबह बैंक कर्मी जब बैंक खोलने लगे तो ग्रामीण गेट को घेर कर खड़े हो गए। ग्रामीणों ने कहा कि जब कैश ही नहीं है तो हम बैंक ही नहीं खुलने देंगे। इससे पूरे दिन अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
गोला गोकर्णनाथ। नोटबंदी के कारण बैंकों में आई कैश की कमी से एक माह बाद भी खातेदारों की दिक्कत दूर नहीं हुई है। खातेदारों को बैंक दर बैंक भटकने के बाद भी पर्याप्त भुगतान नहीं मिल पा रहा है। नगर में किसी एटीएम चलने की जानकारी होते ही लोग रुपये निकालने के लिए उमड़ पड़ते हैं।
ममरी। कैश के अभाव में कस्बे की इलाहाबाद बैंक, हैदराबाद की पंजाब नेशनल बैंक में भुगतान शुक्रवार को भी ठप रहा। सुबह से लाइन में खड़े खातेदार मायूस होकर खाली हाथ लौट गए। गनेशपुर की ओरियंटल बैंक में चार दिन बाद भुगतान शुरू हुआ जहां रुपया निकालने वालों की लंबी लाइन लगी रही।
रोशननगर की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में एंबुलेस से आए बुधेली नानकार के 80 वर्षीय द्वारिका प्रसाद को इलाज कराने के लिए भी रुपया न मिल पाने पर परिवार वालों ने खातेदारों के सहयोग से हंगामा किया। तब बड़ी मुश्किल से उसे पांच हजार रुपये मिल पाए।
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एसबीआई की मेन ब्रांच में पांच दिन से कैश नहीं
मोहम्मदी। भारतीय स्टेट बैंक, डाकघर सहित कई बैंकों में ग्राहकों को पिछले पांच दिनों से कैश नहीं मिल पा रहा है। इससे लोगों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। सुबह से कैश लेने से दूर दराज से आए तमाम लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। एसबीआई की मेन ब्रांच में कैश की कमी से शिक्षकों, कर्मचारियों और पेंशनर्स परेशान हैं।
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बांकेगंज में कैश न मिलने से लोग परेशान
बांकेगंज। पिछले सात दिनों से कैश की कमी के चलते बांकेगंज स्थित बैंकों में आने वाले जरूरतमंदों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बैंकों और एसबीआई में लगे इकलौते एटीएम के बाहर उमड़ने वाली खातेदारों की भीड़ में कमी नहीं आ रही है।
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बरवर के इलाहाबाद बैंक पर हंगामा
बरवर। नगर की इलाहाबाद बैंक में कैश कम होने की वजह से खाताधारकों को सिर्फ दो-दो हजार रुपये दिए जा रहे हैं ऊपर से बैंक मैनेजर के किसी को धक्का दे दिया। इससे गुस्साए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। जानकारी मिलने पर संजय शर्मा इलाहाबाद बैंक पहुंचे। संजय शर्मा ने बैंक मैनेजर से वार्ता कर लोगों को समझाया तथा शांति बनाए रखने का अनुरोध किया।
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एक महीने से चक्कर लगा रही है वृद्धा
ममरी। गनेशपुर की ओरियंटल बैंक में डंडा टेककर रुपये निकालने आई ग्राम पिपरा की 70 वर्षीय तुलसा देवी का कहना है कि वह महीने भर से रुपये निकालने के लिए बैंक के चक्कर लगा रही है फिर भी उसे रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। बैंककर्मी कैश की कमी बताकर उसे टरका रहे हैं।