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नोटबंदी के डेढ़ माह बाद भी बैंकों में नहीं सुधरे हालात

Fri, 23 Dec 2016 10:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Fri, 23 Dec 2016 10:50 PM IST
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Notbandi a half months after the improved situation in the banks
bank - फोटो : amar ujala
- गांव देहात की बैंकों में कैश की कमी बरकरार
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- शहर के एटीएम पर भी लग रहीं लंबी-लंबी कतारें

जिले में ग्रामीण इलाकों की बैंक शाखाओं में शुक्रवार को भी लोगों को जरूरत के हिसाब से पैसा नहीं मिल पाया। कई बैंक शाखाओं में कैश न होने के कारण दिनभर लाइन में लगे रहने के बाद शाम को मायूस होकर घर लौटना पड़ा। बैंक से पैसा न मिल पाने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में खेती किसानी के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। शहर में चल रहे कुछेक एटीएम पर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के एटीएम शो पीस बन कर रह गए हैं। 
शहर में तकरीबन सभी बैंक शाखाओं में धन निकालने और जमा करने वाले लोगों की भीड़ सामान्य रही। अभी तक शहर के सभी एटीएम नहीं चल सके हैं। जो चल रहे हैं उन पर दिन भर लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। जिला सहकारी बैंक की मुख्य शाखा पर लगा एटीएम शुक्रवार को करीब 15 दिनों बाद शुरू हुआ। एटीएम से अभी मात्र दो-दो हजार रुपये की निकासी हो रही है। 
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जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बैंक शाखाओं में शुक्रवार को दिनभर लोगों को लाइन में लगने के बाद भी जरूरत के हिसाब से पैसा नहीं मिल पाया। इससे लोगों को परेशानी हुई। किसानों को इन दिनों खेती किसानी के लिए पैसों की सख्त जरूरत है। कैश न मिल पाने से उनकी खेती किसानी का काम लगातार पिछड़ रहा है। किसानों का कहना है कि बैंक खातों में धन होते हुए वे मुफलिसी में दिन काटने को मजबूर हो रहे हैं। 
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गोला गोकर्णनाथ। नोट बंदी के डेढ़ माह बाद भी बैंकों में आयी कैश की कमी दूर होने के बजाय बढ़ती जा रही है। बैंकों से खातेदारों को भुगतान के लाले तो हैं ही साथ ही एटीएम भी बंद पड़े हैंए जिससे लोगों को रुपयों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बढ़ती कैश की समस्या के कारण लोगों को अब रोजमर्रा के सामान की खरीदारी में दिक्कत हो रही है। लोगों के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं।
ममरी। कैश के अभाव में कसबे की इलाहाबाद बैंक में भुगतान शुक्रवार को भी ठप रहा। कड़ाके की ठंड में सुबह से लाइन में खड़े खातेदरों को मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ा। उधर हैदराबाद की पंजाब नेशनल बैंक, गनेशपुर की ओरियंटल बैंक, रोशननगर, अजान, छत्तीपुर नं 18 की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के सामने रुपये निकालने वाले खातेदारों की लंबी लाइनें लगी रहीं। 
तिकुनियां। कस्बा स्थित बैंकों में दिनभर ग्राहकों को कैश का वितरण किया गया। इलाहाबाद बैंक शाखा के प्रबंधक हरिचरन सिंह ने खुद काउंटर पर बैठकर ग्राहकों को कैश दिया। सेंट्रल बैंक आफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक यूपी ग्रामीण बैंक जिला सहकारी बैंक में ग्राहकों को नियमित भुगतान किया गया। 

बहू बीमार नहीं मिल रहा बैंक से रुपया
गोला गोकर्णनाथ। बजाज शुगर मिल परिसर स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के बाहर बैठे 90 वर्षीय बौठा बहारगंज निवासी मौला बख्श ने बताया कि बहू लखनऊ में भर्ती है। रुपया लेने के लिए वह बैंक के 13 दिसंबर से चक्कर लगा रहे हैं। 19 दिसंबर को बैंक से बमुश्किल दो हजार रुपये मिले थे। उसके बाद से उन्हें एक भी रुपया बैंक से नहीं मिल सका है। उन्हें बैंक में कैश न होना बताकर टरका दिया जाता है।

डेढ़ माह बाद भी नहीं मिला चेक का भुगतान
बांकेगंज। किसानों इरफान अली, प्रेमचंद्र, अरुण कुमार, लखवीर सिंह, मोहम्मद जाबिर, इतवारी लाल आदि का कहना है कि डेढ़ माह पहले घरेलू जरूरतों के लिए उन्होंने अपना गन्ना खांडसारी इकाई पर बेचा था। इसके भुगतान की उन्हें चेक मिली थी। किसानों का आरोप है कि चेक उन्होंने बांकेगंज स्थित इलाहाबाद बैंक के खातों में जमा कर दी। जिसके डेढ़ माह बीतने के बाद भी उन्हें भुगतान नहीं मिल पाया है। वह भुगतान के लिए बैंक के चक्कर काटते-काटते थक गए है। बावजूद इसके बैंक से एक धेला नहीं मिल पा रहा है। 

खातेदारों के जमा धन से किया भुगतान
गोला गोकर्णनाथ। नगर की कारपोरेशन, यूनियन, इलाहाबाद बैंक और मिल परिसर की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, यूको बैंक, एक्सिस बैंक में कैश न होने के कारण भुगतान ठप रहा। वहीं बैंक आफ इंडिया, बैंक आफ बड़ौदा में खातेदारों से जमा हुई रकम से लोगों का भुगतान किया गया। दोपहर बाद कैश खत्म होने पर भुगतान बंद कर दिया गया। नगर की भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, अलीगंज रोड की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में निर्धारित धनराशि से कम भुगतान कर जैसे तैसे खातेदारों का काम चलाया गया।

कैश किल्लत के चलते जमा किए फुटकर नोट
निघासन। कैश की किल्लत के चलते एक व्यापारी और भाजपा नेता नए नोटों की करेंसी बैंक में जमा की है। इलाहाबाद बैंक मैनेजर दीपांशु श्रीवास्तव ने बताया कि बैंक में कैश की किल्लत के चलते आए दिन ग्राहकों को वापस जाना पड़ता था। कैश की किल्लत को देखते हुए पलिया रोड स्थित प्रज्ञा लोहा भंडार के प्रोपराइटर और भाजपा नेता रामस्वरूप मौर्य ने एक लाख तीस हजार रुपये अपने खाते में जमा किया है। उन्होंने बताया कि इससे कई जरूरत मंदों को पैसा मिल जाएगा।

बीओबी बैंक पर खाताधारकों ने काटा हंगामा
खजुरिया। बैंक आफ बड़ौदा में नोट बंदी के बाद से कई-कई दिन तक रुपया न मिलने और शाखा प्रबंधक पर अपने चहेतों को भरपूर रुपया देने का आरोप लगाते हुए खाताधारकों ने खूब हंगामा काटा। उन्होंने बैंक स्टाफ को खरी-खोटी सुनाई और बैंक के भीतर घुसने नहीं दिया। जिसके चलते देर शाम तक लेन-देन का कार्य ठप रहा। 

नोटबंदी के बाद से ही बैंक आफ बड़ौदा  शाखा सिद्धनगर के खाताधारकों का आरोप है कि आए दिन कैश न मिलने से उनको परेशानी उठानी पड़ रही है। आरोप है कि  कुछ खाताधारकों  को बैंक स्टाफ साठगांठ कर चलते मोटी रकम दे रहा है। उनका कहना था कि उनको ऐसी जानकारी मिली है। इसके बाद उपभोक्ताओं में आक्रोश पनप गया और उन्होंने शुक्रवार की सुबह ज्यो ही बैंक स्टाफ ड्यूटी पर आया और कैश न होने की जानकारी देकर वापस घर जाने की बात कही गुस्सा फूट पड़ा। स्टाफ को खूब  खरी-खोटी सुनाते हुए हंगामा काटा और बैंक के अंदर उनको घुसने नहीं दिया। समय की नजाकत समझते हुए शाखा प्रबंधक मय स्टाफ कैश लेने जाने की बात कहकर वहां से बैरंग लौट गए। देर शाम तक उपभोक्ताओं का हुजूम लगा रहा और लेनदेन नहीं हो सका। शाखा प्रबंधक से संपर्क न हो पाने के कारण उनका पक्ष नहीं मिल सका।
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