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धान क्रय केंद्रों पर पहला दिन व्यवस्थाएं पूरी करने में गुजरा, शुरू नहीं हो पाई खरीद
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राजापुर मंडी में क्रय केंद्र पर पसरा सन्नाटा। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। सरकारी धान खरीद का पहला दिन क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी करने में बीत गया, लेकिन कहीं भी खरीद शुरू नहीं हो पाई। क्रय केंद्रों पर कुछ किसान जानकारी लेने पहुंचे, तो केंद्र प्रभारी ने उन्हें धान सुखाकर लाने की सलाह दी। क्रय केंद्रों के खुलने के पहले दिन ही संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी केके सिंह भी दोपहर में केंद्रों का निरीक्षण करने मंडी राजापुर पहुंचे। उन्होंने मंडी में खोले गए पांच क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया और उनकी तैयारियों की जानकारी ली। हालांकि शाम तक किसी क्रय केंद्र पर धान खरीद शुरू नहीं हो पाई, जबकि मंडी में धान की आवक शुरू हो चुकी है।
जनपद में कुल 128 क्रय केंद्रों को गुरुवार से धान खरीद के लिए संचालित होने का दावा विभागीय अधिकारी ने किया। राजापुर मंडी में गुरुवार को पांच क्रय केंद्र खोले गए, जिनमें सुबह नौ बजे से जरूरी व्यवस्थाएं शुरू की गई। धान की सफाई के लिए डस्टर और पंखे मंगाए गए हैं। तो वहीं बैनर टांग दिए गए हैं। केंद्र प्रभारी और सहायक के बैठने के इंतजाम हुए, लेकिन किसानों के बैठने के लिए सुविधाएं नहीं जुटाई गईं और न ही पीने के पानी की व्यवस्था नजर आई। क्रय केंद्रों पर सन्नाटा ही पसरा रहा, तो दूसरी ओर आढ़तियों के यहां धान की अच्छी आवक रही। आढ़तियों ने धान में मानक से ज्यादा नमी होने के कारण 1250 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा।
संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी (आरएमओ) केके सिंह ने राजापुर मंडी में खाद्य विभाग, एफसीआई, पीसीएफ, पीसीयू और एनसीसीएफ के क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि धान में ज्यादा नमी नहीं है, तो उसे मानक अनुसार सुखाकर खरीदा जाए। उन्होंने कहा कि मंडी में धान को सुखाने के लिए ड्रायर लगाया गया है, जिस पर कोई भी किसान अपने धान को सुखाकर मानक का बना सकता है। इसके बाद उन्होंने आढ़तियों के फड़ पर लगे धान के ढेर देखे, जहां पर उन्होंने धान की नमी प्रतिशत चेक कराई तो एक ढेरी में नमी 19 प्रतिशत मिली, जबकि दूसरे में 21 प्रतिशत नमी पाई गई। सरकार की ओर से अधिकतम 17 प्रतिशत नमी का मानक निर्धारित है। लिहाजा आरएमओ ने केंद्र प्रभारियों को किसानों को धान ड्रायर में सुखवाकर खरीदने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय, एसएफसी प्रबंधक शैलेंद्र शुक्ला, एएमओ प्रमोद गुप्ता मौजूद रहे।
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सभी 128 क्रय क्रेंद खोल दिए गए हैं, जिन पर पहले दिन आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करा ली गई हैं। पंजीकरण कराने वाले किसानों ने अभी धान की कटाई नहीं की है। दो-चार दिनों में क्रय केंद्रों पर धान की आवक होते ही खरीद प्रारंभ हो जाएगी।
-लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
मंडी समिति तिकुनियां में नहीं चालू हुए धान क्रय केंद्र
तिकुनियां। कृषि उत्पादन मंडी समिति में धान क्रय केंद्र चालू न होने से किसान परेशान हैं। किसान धान बेचने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। किसानों ने धान क्रय केंद्र खुलवाने की मांग की है। बालक राम चौधरी, रमेशचंद्र शर्मा, नीरज तिवारी, गुरमीत सिंह रंधावा, रईस अहमद, पुरुषोत्तम आदि ने बताया कि खेतो से धान काट कर घरों में पड़ा हुआ है। धान क्रय केंद्र न खुलने से धान को वे लोग कहां लेकर जाएं। कई बार मंडी समिति के सचिव को अवगत कराया, लेकिन कोई भी हल नहीं निकला। धान क्रय केंद्र न खुलने से किसानों को परेशानी उठाना पड़ रही है। बिचौलिए औने-पौने मूल्य पर धान खरीद रहे हैं। किसानों का आरोप है कि धान क्रय केंद्र खोले जाने के कोई भी आसार दिखाई नहीं दे रहा है। मंडी समिति सचिव सुलेमान ने बताया की मंडी क्षेत्र में सात धान क्रय केंद्रों की मंजूरी मिली है। तीन क्रय केंद्र पीसीयू विभाग के मंडी परिसर में खोले जाएंगे। चबूतरों को खाली कराकर शीघ्र ही खरीद चालू की जाएगी। संवाद 0000000000000000000
पलियाकलां। गुरुवार से धान खरीद केंद्र खुल गए हैं। बैनर, कांटा आदि लगा दिया गया है लेकिन पहले दिन केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा।
मंडी समिति में दो धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। जिनपर पहले दिन सन्नाटा दिखाई दिया। कर्मचारी बैनर, कांटा व मेज लगाकर बैठे दिखे। पहले दिन किसान केवल जानकारी लेने ही आए, जबकि खरीद बिल्कुल शून्य रही।
गोला: कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में खुले आठ धान क्रय केंद्र
गोला गोकर्णनाथ। अलीगंज रोड स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति क्षेत्र में कुल 24 धान क्रय केंद्र खोले गए हैं, जिसमें से मंडी परिसर में आरएफसी के दो, पीसीएफ,पीसीयू, यूएसएफ़सी, एफसीआई, एनसीसीएफ और मंडी परिषद का एक एक सेंटर सहित आठ धान क्रय केंद्र खुल गए हैं।
केंद्र प्रभारी धर्मराज, बृजेश सिंह, निलेश कुमार, फहीमउल्ला खां, रामासरे चौरसिया ने बताया कि सरकार द्वारा सामान्य धान का समर्थन मूल्य 1868 रुपये और ग्रेड ए का समर्थन मूल्य 1888 रुपये निर्धारित किया गया है। धान क्रय केंद्र एजेंसियों ने धान खरीद की सारी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली हैं। धान खरीद की सारी प्रक्रिया किसान को ऑनलाइन पूरी करनी होगी। किसान अपने मनचाहे सेंटर पर धान बेंच सकता है। धान खरीद के लिए मानक में अधिकतम आद्रता 17 प्रतिशत निर्धारित है। इससे ऊपर आद्रता का धान केंद्रों पर खरीदा नहीं जा सकेगा।
अमीरनगर। कसबे की सहकारी समिति पर बनाए गए धान क्रय केंद्र पर सन्नाटा रहा। सचिव अमित तिवारी ने बताया की क्रय केंद्र का बैनर लगा दिया गया है। लेकिन केंद्र पर कोई भी कृषक धान लेकर नहीं आया है, जिससे धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई, इसकी सूचना अधिकारियों को भेज दी है।
कोरोना संक्रमण काल में ब्लॉक के ही केंद्रों पर धान बेचे किसान
केंद्र प्रभारियों ने बताया कि सरकार ने निर्धारित किया है कि कोरोना के संकट काल में किसानों को मंडी समिति आने की जरूरत नहीं है वह अपने ब्लॉक के ही धान खरीद केंद्रों पर धान बेंच सकते हैं।
मंडी समिति में धान सुखाने के लिए निशुल्क ड्रायर व्यवस्था
अक्सर किसान मानक के अनुरूप धान न हो पाने के कारण सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी उपज नहीं बेंच पाता है इसलिए सरकार ने मंडी समिति परिसर में ड्रायर की नि:शुल्क व्यवस्था की है। मंडी सहायक अमर सिंह चौधरी ने बताया कि किसान को धान सुखाने के लिए लेबर और डीजल का खर्च किसान को वहन करना होगा, शेष व्यवस्था मंडी समिति करेगी।
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जनपद में कुल 128 क्रय केंद्रों को गुरुवार से धान खरीद के लिए संचालित होने का दावा विभागीय अधिकारी ने किया। राजापुर मंडी में गुरुवार को पांच क्रय केंद्र खोले गए, जिनमें सुबह नौ बजे से जरूरी व्यवस्थाएं शुरू की गई। धान की सफाई के लिए डस्टर और पंखे मंगाए गए हैं। तो वहीं बैनर टांग दिए गए हैं। केंद्र प्रभारी और सहायक के बैठने के इंतजाम हुए, लेकिन किसानों के बैठने के लिए सुविधाएं नहीं जुटाई गईं और न ही पीने के पानी की व्यवस्था नजर आई। क्रय केंद्रों पर सन्नाटा ही पसरा रहा, तो दूसरी ओर आढ़तियों के यहां धान की अच्छी आवक रही। आढ़तियों ने धान में मानक से ज्यादा नमी होने के कारण 1250 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा।
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संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी (आरएमओ) केके सिंह ने राजापुर मंडी में खाद्य विभाग, एफसीआई, पीसीएफ, पीसीयू और एनसीसीएफ के क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि धान में ज्यादा नमी नहीं है, तो उसे मानक अनुसार सुखाकर खरीदा जाए। उन्होंने कहा कि मंडी में धान को सुखाने के लिए ड्रायर लगाया गया है, जिस पर कोई भी किसान अपने धान को सुखाकर मानक का बना सकता है। इसके बाद उन्होंने आढ़तियों के फड़ पर लगे धान के ढेर देखे, जहां पर उन्होंने धान की नमी प्रतिशत चेक कराई तो एक ढेरी में नमी 19 प्रतिशत मिली, जबकि दूसरे में 21 प्रतिशत नमी पाई गई। सरकार की ओर से अधिकतम 17 प्रतिशत नमी का मानक निर्धारित है। लिहाजा आरएमओ ने केंद्र प्रभारियों को किसानों को धान ड्रायर में सुखवाकर खरीदने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय, एसएफसी प्रबंधक शैलेंद्र शुक्ला, एएमओ प्रमोद गुप्ता मौजूद रहे।
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सभी 128 क्रय क्रेंद खोल दिए गए हैं, जिन पर पहले दिन आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करा ली गई हैं। पंजीकरण कराने वाले किसानों ने अभी धान की कटाई नहीं की है। दो-चार दिनों में क्रय केंद्रों पर धान की आवक होते ही खरीद प्रारंभ हो जाएगी।
-लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
मंडी समिति तिकुनियां में नहीं चालू हुए धान क्रय केंद्र
तिकुनियां। कृषि उत्पादन मंडी समिति में धान क्रय केंद्र चालू न होने से किसान परेशान हैं। किसान धान बेचने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। किसानों ने धान क्रय केंद्र खुलवाने की मांग की है। बालक राम चौधरी, रमेशचंद्र शर्मा, नीरज तिवारी, गुरमीत सिंह रंधावा, रईस अहमद, पुरुषोत्तम आदि ने बताया कि खेतो से धान काट कर घरों में पड़ा हुआ है। धान क्रय केंद्र न खुलने से धान को वे लोग कहां लेकर जाएं। कई बार मंडी समिति के सचिव को अवगत कराया, लेकिन कोई भी हल नहीं निकला। धान क्रय केंद्र न खुलने से किसानों को परेशानी उठाना पड़ रही है। बिचौलिए औने-पौने मूल्य पर धान खरीद रहे हैं। किसानों का आरोप है कि धान क्रय केंद्र खोले जाने के कोई भी आसार दिखाई नहीं दे रहा है। मंडी समिति सचिव सुलेमान ने बताया की मंडी क्षेत्र में सात धान क्रय केंद्रों की मंजूरी मिली है। तीन क्रय केंद्र पीसीयू विभाग के मंडी परिसर में खोले जाएंगे। चबूतरों को खाली कराकर शीघ्र ही खरीद चालू की जाएगी। संवाद 0000000000000000000
पलियाकलां। गुरुवार से धान खरीद केंद्र खुल गए हैं। बैनर, कांटा आदि लगा दिया गया है लेकिन पहले दिन केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा।
मंडी समिति में दो धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। जिनपर पहले दिन सन्नाटा दिखाई दिया। कर्मचारी बैनर, कांटा व मेज लगाकर बैठे दिखे। पहले दिन किसान केवल जानकारी लेने ही आए, जबकि खरीद बिल्कुल शून्य रही।
गोला: कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में खुले आठ धान क्रय केंद्र
गोला गोकर्णनाथ। अलीगंज रोड स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति क्षेत्र में कुल 24 धान क्रय केंद्र खोले गए हैं, जिसमें से मंडी परिसर में आरएफसी के दो, पीसीएफ,पीसीयू, यूएसएफ़सी, एफसीआई, एनसीसीएफ और मंडी परिषद का एक एक सेंटर सहित आठ धान क्रय केंद्र खुल गए हैं।
केंद्र प्रभारी धर्मराज, बृजेश सिंह, निलेश कुमार, फहीमउल्ला खां, रामासरे चौरसिया ने बताया कि सरकार द्वारा सामान्य धान का समर्थन मूल्य 1868 रुपये और ग्रेड ए का समर्थन मूल्य 1888 रुपये निर्धारित किया गया है। धान क्रय केंद्र एजेंसियों ने धान खरीद की सारी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली हैं। धान खरीद की सारी प्रक्रिया किसान को ऑनलाइन पूरी करनी होगी। किसान अपने मनचाहे सेंटर पर धान बेंच सकता है। धान खरीद के लिए मानक में अधिकतम आद्रता 17 प्रतिशत निर्धारित है। इससे ऊपर आद्रता का धान केंद्रों पर खरीदा नहीं जा सकेगा।
अमीरनगर। कसबे की सहकारी समिति पर बनाए गए धान क्रय केंद्र पर सन्नाटा रहा। सचिव अमित तिवारी ने बताया की क्रय केंद्र का बैनर लगा दिया गया है। लेकिन केंद्र पर कोई भी कृषक धान लेकर नहीं आया है, जिससे धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई, इसकी सूचना अधिकारियों को भेज दी है।
कोरोना संक्रमण काल में ब्लॉक के ही केंद्रों पर धान बेचे किसान
केंद्र प्रभारियों ने बताया कि सरकार ने निर्धारित किया है कि कोरोना के संकट काल में किसानों को मंडी समिति आने की जरूरत नहीं है वह अपने ब्लॉक के ही धान खरीद केंद्रों पर धान बेंच सकते हैं।
मंडी समिति में धान सुखाने के लिए निशुल्क ड्रायर व्यवस्था
अक्सर किसान मानक के अनुरूप धान न हो पाने के कारण सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी उपज नहीं बेंच पाता है इसलिए सरकार ने मंडी समिति परिसर में ड्रायर की नि:शुल्क व्यवस्था की है। मंडी सहायक अमर सिंह चौधरी ने बताया कि किसान को धान सुखाने के लिए लेबर और डीजल का खर्च किसान को वहन करना होगा, शेष व्यवस्था मंडी समिति करेगी।