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Lakhimpur Kheri News: लिफ्ट न पानी... जमीन पर लिटाकर मरीजों का हो रहा इलाज

Fri, 22 Sep 2023 12:22 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 22 Sep 2023 12:22 AM IST
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No lift, no water... patients are being treated by making them lie on the ground
खोखाय गांव में सफाई न होने  नाले पर  उगी झाड़ियां
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं इस कदर बढ़ती जा रही हैं कि मरीज और उनके तीमारदार ही नहीं, बल्कि अस्पताल का स्टाफ तक परेशान है। न तो लिफ्ट चल रही है और न ही दो दिन से पानी की सप्लाई हो रही है। प्यास से परेशान मरीजों का गला तर करने के लिए तीमारदार से लेकर स्टाफ तक को कई कई बार तीन मंजिला अस्पताल की सीढि़यां चढ़नी और उतरनी पड़ती हैं। वहीं तमाम लोग पानी की बोतल खरीदकर मरीजों की प्यास बुझा रहे हैं। सफाई न होने की वजह से शौचालय से आ रही दुर्गंध से मरीज परेशान होते हैं।
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अव्यवस्था - एक
अस्पताल परिसर में गंदगी-जलभराव
स्वास्थ्य अधिकारी लोगों को घर के आसपास गंदगी और जलभराव न होने देने की नसीहत देते हैं, मगर जिला अस्पताल परिसर में इमरजेंसी के पास गंदगी और पीछे कई दिन से जलभराव है। ऐसे में इनमें पनप रहे मच्छर मरीज और उनके तीमारदारों से लेकर अस्पताल स्टाफ के लिए बीमारियों का कारण बन रहा है।
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अव्यवस्था - दो
पानी के लिए होना पड़ रहा परेशान
मोटर जलने से बुधवार सुबह दस बजे से पानी आपूर्ति बाधित है। इससे न तो अस्पताल में पानी की आपूर्ति हो रही है और न ही आवासों में। लोग पीने के पानी तक के लिए मोहताज हैं। स्थिति यह है कि हाथ धुलने तक के लिए अस्पताल में पानी नहीं है। तीमारदार और स्टाफ के लोग प्यास बुझाने के लिए बाहर लगे नल से पानी लाने के लिए बार बार तीन मंजिला अस्पताल की सीढि़यां चढ़ने उतरने के लिए मजबूर हैं।
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अव्यवस्था - 3
अस्पताल पहुंचने से पहले जान जोखिम में डालो
हाईवे से जिला अस्पताल तक जाने वाला रास्ता अब तक नहीं बना है। रास्ते पर जो खड़ंजा लगा है, उसमें कई जगह गड्ढे हो गए हैं। हाईवे से रास्ते पर मुड़ते ही बनी पुलिया बेहद जर्जर है। यहां से गुजरते समय ई रिक्शा, एंबुलेंस हिचकोले खाते हैं। इससे इनके पलटने तक का डर रहता है। कई बार हादसे हो भी चुके हैं।
अव्यवस्था नंबर- चार
बेड नहीं मिला तो मरीज को जमीन पर लिटाना पड़ा
बुखार के मरीज बढ़ने से अस्पताल में इलाज की सुविधाएं बेपटरी हैं। इमरजेंसी ओपीडी में बृहस्पतिवार दोपहर अचानक मरीजों की संख्या बढ़ गई। इससे मरीजों को बेड तक मिलना दूभर हो गया। बुखार से बेसुध मोहसिना को लेकर इमरजेंसी पहुंचे तीमारदारों ने बताया कि बेड खाली न मिलने के कारण जमीन पर लिटाना मजबूरी है।
अव्यवस्था - पांच
सीढ़िया चढ़ना बुजुर्ग मरीजों के लिए सजा जैसा
जिला अस्पताल की लिफ्ट अक्सर बंद रहती है, या फिर यूं कहें कि यह खराब ही रहती है। इसके न चलने से सबसे ज्यादा दिक्कत मरीज और उनके तीमारदारों को होती है, क्योंकि कई मुख्य डॉक्टरों की ओपीडी से लेकर ओटी एवं बच्चा वार्ड, मेडिकल वार्ड, जिरियाट्रिक वार्ड और प्राइवेट वार्ड पहली से लेकर दूसरी मंजिल पर हैं। जबकि पैथाेलॉजी के अलावा कुछ ओपीडी नीचे होती हैं। ऐसे में मरीजों को बार-बार लाने और ले जाने के लिए तीमारदारों को दिक्क्त होती है।




.....................मोटर फुंक गया था, जिसे बनवाया जा रहा है। पानी की दिक्क्त न हो, इसलिए इमरजेंसी के पास टैंकर खड़ा कराया गया है। दो दिन पहले अस्पताल का निरीक्षण कर खामियों को दूर करने के लिए सीएमएस से कहा गया है। जल्द ही अव्यवस्थाएं दूर हो जाएंगी। इससे मरीजों को सहूलियत मिलने लगेगी।
-डॉ. शैलेष गोयल, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज

खोखाय गांव में सफाई न होने  नाले पर  उगी झाड़ियां

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